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मॉकड्रिल के दौरान परेशान रहे मरीज
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बांगरमऊ सीएचसी में मॉकड्रिल के दौरान ओपीडी बंद होने से गेट के बाहर खड़े मरीज। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। कोरोना की संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। सोमवार को मौरावां के सौ बेड के अस्पताल के साथ सरस्वती मेडिकल कॉलेज और तीन स्वास्थ्य केंद्रों में मॉकड्रिल कर ऑक्सीजन प्लांट व पीकू (पीडियॉट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड की तैयारियां परखी गईं। इस दौरान उपकरण तो ठीक मिले लेकिन स्वास्थ्य कर्मी उनका ठीक से संचालन नहीं कर पाए।
इस पर सीएचसी प्रभारियों को तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए गए। बांगरमऊ सीएचसी में मॉकड्रिल के दौरान विशेष सचिव के पहुंचने से डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे। इस कारण मरीज परेशान हुए।
सीएचसी में प्रदेश सरकार के विशेष सचिव रामनगीना मौर्य की मौजूदगी में कोविड मरीजों को लाने, भर्ती करने और इलाज करने का रिहर्सल हुआ। उन्होंने पीकू वार्ड में लगे उपकरणों का संचालन कराकर देखा। स्वास्थ्य कर्मी सही तरीके से उन्हें चला नहीं पाए। इस पर विशेष सचिव ने तैयार रहने के निर्देश दिए। एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह भी मौजूद रहे। डॉक्टर और फार्मासिस्ट के मॉकड्रिल में लगे होने से सोमवार को बांगरमऊ में ओपीडी बंद रही। इससे मरीज भटकते रहे।
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14 मिनट में मरीज को किया भर्ती
औरास। सीएचसी में एसीएमओ डॉ. ललित कुमार की देखरेख में मॉकड्रिल हुई। कोरोना मरीज भर्ती करने के लिए दोपहर 1:35 बजे फोन मिलाया गया। 10 मिनट में एंबुलेंस मिर्जापुर अजिगांव से कोरोना पीड़ित को लेकर सीएचसी पहुंची। स्वास्थ्य कर्मियों ने ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर मरीज को दूसरी मंजिल पर बने पीकू वार्ड पहुंचाया। मरीज का तापमान, पल्स, ब्लडप्रेशर जांचने के बाद उपचार शुरू किया। इस प्रक्रिया को पूरी करने में 14 मिनट लगे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव, डॉ. अनुराग सोनकर, सतीश कुमार और रज्जनलाल मौजूद रहे। उधर नवाबगंज में सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड एलटू अस्पताल में एसीएमओ डॉ. विवेक गुप्ता, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य डॉ. श्वेतांशु श्रीवास्तव की मौजूदगी में मॉकड्रिल हुई।
ऑक्सीजन प्लांट सहित पीकू वार्ड, वेंटिलेटर कक्ष, एचडीयू कक्ष एवं आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया गया। उधर बिछिया सीएचसी में एसीएमओ डॉ. आरके गौतम के नेतृत्व में रिहर्सल हुआ। मरीज को भर्ती कर ऑक्सीजन प्लांट का संचालन भी देखा गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. आरपी सचान, डॉ. छाया सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। मौरावां में सौ बेड के अस्पताल में रिहर्सल डॉ. अर्जुन सिंह सारंग की देखरेख में हुआ। यहां पांसाखेड़ा निवासी (25) साल के युवक को भर्ती कर प्रक्रिया देखी गई। यहां भी उपकरण संचालित मिले। (संवाद)
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इस पर सीएचसी प्रभारियों को तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए गए। बांगरमऊ सीएचसी में मॉकड्रिल के दौरान विशेष सचिव के पहुंचने से डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे। इस कारण मरीज परेशान हुए।
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सीएचसी में प्रदेश सरकार के विशेष सचिव रामनगीना मौर्य की मौजूदगी में कोविड मरीजों को लाने, भर्ती करने और इलाज करने का रिहर्सल हुआ। उन्होंने पीकू वार्ड में लगे उपकरणों का संचालन कराकर देखा। स्वास्थ्य कर्मी सही तरीके से उन्हें चला नहीं पाए। इस पर विशेष सचिव ने तैयार रहने के निर्देश दिए। एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह भी मौजूद रहे। डॉक्टर और फार्मासिस्ट के मॉकड्रिल में लगे होने से सोमवार को बांगरमऊ में ओपीडी बंद रही। इससे मरीज भटकते रहे।
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14 मिनट में मरीज को किया भर्ती
औरास। सीएचसी में एसीएमओ डॉ. ललित कुमार की देखरेख में मॉकड्रिल हुई। कोरोना मरीज भर्ती करने के लिए दोपहर 1:35 बजे फोन मिलाया गया। 10 मिनट में एंबुलेंस मिर्जापुर अजिगांव से कोरोना पीड़ित को लेकर सीएचसी पहुंची। स्वास्थ्य कर्मियों ने ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर मरीज को दूसरी मंजिल पर बने पीकू वार्ड पहुंचाया। मरीज का तापमान, पल्स, ब्लडप्रेशर जांचने के बाद उपचार शुरू किया। इस प्रक्रिया को पूरी करने में 14 मिनट लगे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव, डॉ. अनुराग सोनकर, सतीश कुमार और रज्जनलाल मौजूद रहे। उधर नवाबगंज में सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड एलटू अस्पताल में एसीएमओ डॉ. विवेक गुप्ता, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य डॉ. श्वेतांशु श्रीवास्तव की मौजूदगी में मॉकड्रिल हुई।
ऑक्सीजन प्लांट सहित पीकू वार्ड, वेंटिलेटर कक्ष, एचडीयू कक्ष एवं आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया गया। उधर बिछिया सीएचसी में एसीएमओ डॉ. आरके गौतम के नेतृत्व में रिहर्सल हुआ। मरीज को भर्ती कर ऑक्सीजन प्लांट का संचालन भी देखा गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. आरपी सचान, डॉ. छाया सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। मौरावां में सौ बेड के अस्पताल में रिहर्सल डॉ. अर्जुन सिंह सारंग की देखरेख में हुआ। यहां पांसाखेड़ा निवासी (25) साल के युवक को भर्ती कर प्रक्रिया देखी गई। यहां भी उपकरण संचालित मिले। (संवाद)