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नोट के लिए खाने पड़ रहे धक्के और चोट, मच रही मारामारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:37 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चाहे पीएनबी बैंक हो या एसबीआई भीड़ का ऐसा रेला उमड़ा था कि पुलिस को काबू करने में पसीना-पसीना होना पड़ा। बैंकों में हंगामे के बीच पब्लिक व पुलिस में तीखी नोकझोंक होती रही। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों ने भी लोगों को दगा दिया। दावों के उलट दो दिन बंद रहने के बाद खुले ज्यादातर एटीएम चौथे दिन भी खाली रहे। आक्रोशित लोगों का यही कहना रहा कि आधी-अधूरी तैयारियों के साथ मोदी सरकार को अचानक इतना बड़ा कदम नहीं उठाना चाहिए था।
शनिवार को भी बैंकों में भीड़ का रेलमपेल सुबह आठ बजे से ही शुरू हो चुका था। दस बजने तक भीड़ का आलम यह था कि किलोमीटर में लोग कतारबद्ध हो चुके थे। शहर में संचालित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक आफ बड़ौदा में उमड़ी भीड़ के आगे पुलिस के साथ बैंक कर्मी भी जूझते रहे। बैंकों के ताले खुलते ही बैंक में पहले प्रवेश पहले पाने में होड़ लग जाती। जिससे बैंकों में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। बैंकों में उमड़ी सैकड़ों की भीड़ के आगे करोडों का कैश कुछ ही देर में फुर्र हो गया। जमा निकासी व बड़े नोट बदलने वालों की भीड़ से बैंकों में पूरा दिन मारामारी मची रही। बैंकों के अलावा एटीएम भी शाम तीन बजे के बाद शोपीस बनकर रह गए।
बैंक आफ इंडिया, पीएनबी व एसबीआई में रही मारामारी
बड़ा चौराहा के पास संचालित मुख्य शाखा भारतीय स्टेट बैंक, पीएनबी मुख्य शाखा बस स्टाप व शाखा जवाहर नगर के अलावा आदर्श नगर मोहल्ले में स्थानांतरित हुई बैंक आफ इंडिया के साथ ही बैंक आफ बड़ौदा बाबूगंज में भीड़ की खासा मारामारी रही। शनिवार को बैंकों में सुबह के 11 बजे से काम शुरु हुआ। जिस पर भीड़ ने बैंक कर्मियों पर जान-बूझकर लेटलतीफी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर प्रशासन ने बैंकों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया। इसके बाद इन बैंकों में पुलिस कर्मियों के साथ ही रंगरूटों को तैनात किया गया। कई घंटे कतार में लगने के बाद हजारों की नकदी हाथ में आई तो लोग राहत की सांस लेते बोले कि चलो कुछ काम तो चलेगा।
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दो दिन बाद भी एटीएम के शटर तक नहीं खुले
शहर के आदर्श नगर में संचालित बैंक आफ बड़ौदा ने शनिवार को भी खाताधारकों को रुलाया। सुबह 10 बजने तक बैंक परिसर में सैकड़ों की भीड़ जमा हो चुकी थी। बैंक स्टाफ के पहुंचने के बाद ताला खुला तो लोगों मेें पहले प्रवेश को लेकर भगदड़ मच गई। गार्ड बमुश्किल भीड़ को बाहर रोकने में सफल होने के बाद गेट का चैनल बंद कर लिया। कुछ देर बाद कैश न होने की बात कहते हुए 12 बजे से लेन देन की जानकारी लोगों को दी गई। 12 बजे के बाद एक बार फिर शाम तीन बजे कैश आने का बोर्ड लगा दिया गया। इस बीच गार्ड व भीड़ से कई बार तीखी नोकझोंक होती रही। बैंक के साथ ही परिसर में लगा एटीएम भी ठूंठ साबित हो रहा है। दो दिनों में एटीएम का शटर तक नहीं खुल सका।
देना बैंक व आईडीबीआई में रही कैश की किल्लत
मोहल्ला पीडी नगर में संचालित देना बैंक में कतार लगाए सैकड़ों लोगों में उस समय गुस्सा फूट पड़ा, जब मैनेजर सुमित दुआ ने 11 बजे कैश न होने की जानकारी दी। लोगों ने गार्ड से धक्का मुक्की कर शटर तक बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को समझा बुझाकर शांत कराया। शाम करीब तीन बजे कैश आने के बाद नोट बदलने के साथ ही लोगों को नकदी मुहैय्या हो सकी। इसके अलावा आईडीबीआई बैंक में भी दोपहर 1 बजे कैश खत्म हो गया। जिससे खाताधारक घंटों लाइन में लगने के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर रहे। शाम 4 बजे करेंसी आने के बाद दोबारा कैश का वितरण हो सका।
दो से तीन रुपये में बिक रहे नोट भरने के मुफ्त फार्म
नोट बदलने के लिए आईडी प्रूफ के साथ ही बैंक से एक नि:शुल्क फार्म दिया जा रहा है। जिसमें डिटेल भरकर आईडी के साथ संलग्न कर काउंटर पर देना पड़ रहा है। इसके बाद बड़े नोट बदल छोटे नोट बैंक दे रही है। भीड़ की किल्लत का फायदा उठाते हुए कुछ गार्ड दो से तीन रुपये में फार्म बेचकर जेबें भर लोगों की मुश्किलों को बढ़ा रहे हैं। गार्ड की मिलीभगत से बाहरी लोग भी बैंकों के पास मौजूद होकर फार्म बिक्री कर मुनाफा कमा रहे हैं। फार्म बिक्री को लेकर देना बैंक, बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक में लोगों ने जमकर शोर शराबा किया। इससे काफी देर तक बैंकों में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस की सख्ती के बाद लोग शांत हो सके थे। शाखा प्रबंधकों ने ऐसी शिकायत को नकारने के साथ ही जांच की बात कही।
रोकड़ खाली, धंधा ठप, व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
बड़े नोट बंद होने व वैकल्पिक व्यवस्था न होने से परेशान व्यापारियों ने पीएम को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव।
नोट बंद होने से व्यापार करने में हो रही दिक्कतों से परेशान व्यापारियों ने उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले जमकर प्रदर्शन किया। इसमें व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए डीएम को संबंधित ज्ञापन में नोटों को बदलने में बैंकों में हो रही धांधली को रोकने की मांग की। वहीं व्यापारियों ने एक पत्र प्रधानमंत्री को भी भेजा।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री का हजार व पांच सौ के नोटों को बंद करने का फैसला सराहनीय है। लेकिन इसमें काफी कम समय दिए जाने से जनता को बेहद परेशान होना पड़ रहा है। वहीं व्यापार भी चौपट होने की कगार पर पहुंच रहा है। लोगों के पास पांच सौ व हजार की नोट हैं जो दुकानदार ले नहीं रहे हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। मांग की कि पंजीकृत व्यापारियों को 30 दिसंबर तक 9 नवंबर से पहले की मुद्रा पर माल बेचने व उधारी वसूलने का अवसर दिया जाए। इसके अलावा व्यापारियों को रुपये निकालने की सीमा को 20 हजार की जगह एक सप्ताह में एक लाख किया जाए। वहीं व्यापारियों ने बैंकों में रुपये बदलने में हो रही धांधली को रोकने की भी मांग की। इस मौके पर संजय तिवारी, महेश गुप्ता, शशिकांत गुप्ता, इश्तियाक गौरी, संजय शुक्ला, नवीन तिवारी, सुमित गुप्ता, शैलेंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, प्रेमशंकर साहू, मुकेश कुमार, मो. अमीन, नरेंद्र कुमार, कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह भी मौजूद रहे।
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शनिवार को भी बैंकों में भीड़ का रेलमपेल सुबह आठ बजे से ही शुरू हो चुका था। दस बजने तक भीड़ का आलम यह था कि किलोमीटर में लोग कतारबद्ध हो चुके थे। शहर में संचालित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक आफ बड़ौदा में उमड़ी भीड़ के आगे पुलिस के साथ बैंक कर्मी भी जूझते रहे। बैंकों के ताले खुलते ही बैंक में पहले प्रवेश पहले पाने में होड़ लग जाती। जिससे बैंकों में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। बैंकों में उमड़ी सैकड़ों की भीड़ के आगे करोडों का कैश कुछ ही देर में फुर्र हो गया। जमा निकासी व बड़े नोट बदलने वालों की भीड़ से बैंकों में पूरा दिन मारामारी मची रही। बैंकों के अलावा एटीएम भी शाम तीन बजे के बाद शोपीस बनकर रह गए।
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बैंक आफ इंडिया, पीएनबी व एसबीआई में रही मारामारी
बड़ा चौराहा के पास संचालित मुख्य शाखा भारतीय स्टेट बैंक, पीएनबी मुख्य शाखा बस स्टाप व शाखा जवाहर नगर के अलावा आदर्श नगर मोहल्ले में स्थानांतरित हुई बैंक आफ इंडिया के साथ ही बैंक आफ बड़ौदा बाबूगंज में भीड़ की खासा मारामारी रही। शनिवार को बैंकों में सुबह के 11 बजे से काम शुरु हुआ। जिस पर भीड़ ने बैंक कर्मियों पर जान-बूझकर लेटलतीफी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर प्रशासन ने बैंकों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया। इसके बाद इन बैंकों में पुलिस कर्मियों के साथ ही रंगरूटों को तैनात किया गया। कई घंटे कतार में लगने के बाद हजारों की नकदी हाथ में आई तो लोग राहत की सांस लेते बोले कि चलो कुछ काम तो चलेगा।
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दो दिन बाद भी एटीएम के शटर तक नहीं खुले
शहर के आदर्श नगर में संचालित बैंक आफ बड़ौदा ने शनिवार को भी खाताधारकों को रुलाया। सुबह 10 बजने तक बैंक परिसर में सैकड़ों की भीड़ जमा हो चुकी थी। बैंक स्टाफ के पहुंचने के बाद ताला खुला तो लोगों मेें पहले प्रवेश को लेकर भगदड़ मच गई। गार्ड बमुश्किल भीड़ को बाहर रोकने में सफल होने के बाद गेट का चैनल बंद कर लिया। कुछ देर बाद कैश न होने की बात कहते हुए 12 बजे से लेन देन की जानकारी लोगों को दी गई। 12 बजे के बाद एक बार फिर शाम तीन बजे कैश आने का बोर्ड लगा दिया गया। इस बीच गार्ड व भीड़ से कई बार तीखी नोकझोंक होती रही। बैंक के साथ ही परिसर में लगा एटीएम भी ठूंठ साबित हो रहा है। दो दिनों में एटीएम का शटर तक नहीं खुल सका।
देना बैंक व आईडीबीआई में रही कैश की किल्लत
मोहल्ला पीडी नगर में संचालित देना बैंक में कतार लगाए सैकड़ों लोगों में उस समय गुस्सा फूट पड़ा, जब मैनेजर सुमित दुआ ने 11 बजे कैश न होने की जानकारी दी। लोगों ने गार्ड से धक्का मुक्की कर शटर तक बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को समझा बुझाकर शांत कराया। शाम करीब तीन बजे कैश आने के बाद नोट बदलने के साथ ही लोगों को नकदी मुहैय्या हो सकी। इसके अलावा आईडीबीआई बैंक में भी दोपहर 1 बजे कैश खत्म हो गया। जिससे खाताधारक घंटों लाइन में लगने के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर रहे। शाम 4 बजे करेंसी आने के बाद दोबारा कैश का वितरण हो सका।
दो से तीन रुपये में बिक रहे नोट भरने के मुफ्त फार्म
नोट बदलने के लिए आईडी प्रूफ के साथ ही बैंक से एक नि:शुल्क फार्म दिया जा रहा है। जिसमें डिटेल भरकर आईडी के साथ संलग्न कर काउंटर पर देना पड़ रहा है। इसके बाद बड़े नोट बदल छोटे नोट बैंक दे रही है। भीड़ की किल्लत का फायदा उठाते हुए कुछ गार्ड दो से तीन रुपये में फार्म बेचकर जेबें भर लोगों की मुश्किलों को बढ़ा रहे हैं। गार्ड की मिलीभगत से बाहरी लोग भी बैंकों के पास मौजूद होकर फार्म बिक्री कर मुनाफा कमा रहे हैं। फार्म बिक्री को लेकर देना बैंक, बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक में लोगों ने जमकर शोर शराबा किया। इससे काफी देर तक बैंकों में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस की सख्ती के बाद लोग शांत हो सके थे। शाखा प्रबंधकों ने ऐसी शिकायत को नकारने के साथ ही जांच की बात कही।
रोकड़ खाली, धंधा ठप, व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
बड़े नोट बंद होने व वैकल्पिक व्यवस्था न होने से परेशान व्यापारियों ने पीएम को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव।
नोट बंद होने से व्यापार करने में हो रही दिक्कतों से परेशान व्यापारियों ने उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले जमकर प्रदर्शन किया। इसमें व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए डीएम को संबंधित ज्ञापन में नोटों को बदलने में बैंकों में हो रही धांधली को रोकने की मांग की। वहीं व्यापारियों ने एक पत्र प्रधानमंत्री को भी भेजा।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री का हजार व पांच सौ के नोटों को बंद करने का फैसला सराहनीय है। लेकिन इसमें काफी कम समय दिए जाने से जनता को बेहद परेशान होना पड़ रहा है। वहीं व्यापार भी चौपट होने की कगार पर पहुंच रहा है। लोगों के पास पांच सौ व हजार की नोट हैं जो दुकानदार ले नहीं रहे हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। मांग की कि पंजीकृत व्यापारियों को 30 दिसंबर तक 9 नवंबर से पहले की मुद्रा पर माल बेचने व उधारी वसूलने का अवसर दिया जाए। इसके अलावा व्यापारियों को रुपये निकालने की सीमा को 20 हजार की जगह एक सप्ताह में एक लाख किया जाए। वहीं व्यापारियों ने बैंकों में रुपये बदलने में हो रही धांधली को रोकने की भी मांग की। इस मौके पर संजय तिवारी, महेश गुप्ता, शशिकांत गुप्ता, इश्तियाक गौरी, संजय शुक्ला, नवीन तिवारी, सुमित गुप्ता, शैलेंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, प्रेमशंकर साहू, मुकेश कुमार, मो. अमीन, नरेंद्र कुमार, कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह भी मौजूद रहे।