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निराला नगर फेज टू की जमीन व उसमें बनी पानी की टंकी।
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निराला नगर फेज टू की जमीन व उसमें बनी पानी की टंकी।
- फोटो : UNNAO
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पीडी नगर स्थित निराला नगर फेज टू के विस्तारीकरण में फिर जमीन का रोड़ा अटक गया है। विभाग ने पूर्व में पानी की टंकी, सड़क, पार्क का निर्माण कर योजना की शुरूआत की थी।
किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया है। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ नौ किसानों को न्यायालय से राहत मिलने के बाद योजना अटक गई है। हालांकि यूएसडीए ने एक बार फिर किसानों से जमीन मांगी है।
यूएसडीए ने शहर के पीडीनगर से सटी अपनी आवासीय योजना के पास निराला नगर फेज एक के बाद 2012 में निराला नगर फेज दो शुरू की थी। सड़क, पानी की टंकी और अन्य कई निर्माण होने के दौरान ही किसान शशांक शेखर सहित नौ किसानों ने न्यायालय की शरण ली। 2013 में कोर्ट ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया।
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बाद में विभाग ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। 10 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन किसानों की जमीन निर्माण के बीच में आ रही हो उसे छोड़ दिया जाए। उसके बाद काम पूरा कराया जाए।
निर्णय आने के बाद विभाग ने विस्तारीकरण काम शुरू किया। योजना के परिक्षेत्र के बीच में नौ किसानों की पांच एकड़ जमीन बीच में आने से विस्तारीकरण को गति नहीं मिल पाई।
काम रोक दिया गया। अब किसानों के जमीन देने पर ही काम शुरू हो सकेगा। इसके लिए यूएसडीए ने नौ किसानों को जमीन देने के लिए पत्र भेजा है। किसान यदि जमीन देने के लिए तैयार होते हैं तो काम शुरू होगा।
न देने पर यूएसडीए किसानों की जमीन लेने के लिए तहसील से विनियोजन कराकर एक मुकदमा डालेगा। उसी आधार पर किसानों को इस जमीन के बदले आसपास क्षेत्र में जमीन दी जाएगी।
निराला नगर फेज टू के विस्तारीकरण के लिए नौ किसानों को जमीन देने के लिए पत्र भेजा गया है। उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। पीके सिंह, सचिव यूएसडीए
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किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया है। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ नौ किसानों को न्यायालय से राहत मिलने के बाद योजना अटक गई है। हालांकि यूएसडीए ने एक बार फिर किसानों से जमीन मांगी है।
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यूएसडीए ने शहर के पीडीनगर से सटी अपनी आवासीय योजना के पास निराला नगर फेज एक के बाद 2012 में निराला नगर फेज दो शुरू की थी। सड़क, पानी की टंकी और अन्य कई निर्माण होने के दौरान ही किसान शशांक शेखर सहित नौ किसानों ने न्यायालय की शरण ली। 2013 में कोर्ट ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया।
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बाद में विभाग ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। 10 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन किसानों की जमीन निर्माण के बीच में आ रही हो उसे छोड़ दिया जाए। उसके बाद काम पूरा कराया जाए।
निर्णय आने के बाद विभाग ने विस्तारीकरण काम शुरू किया। योजना के परिक्षेत्र के बीच में नौ किसानों की पांच एकड़ जमीन बीच में आने से विस्तारीकरण को गति नहीं मिल पाई।
काम रोक दिया गया। अब किसानों के जमीन देने पर ही काम शुरू हो सकेगा। इसके लिए यूएसडीए ने नौ किसानों को जमीन देने के लिए पत्र भेजा है। किसान यदि जमीन देने के लिए तैयार होते हैं तो काम शुरू होगा।
न देने पर यूएसडीए किसानों की जमीन लेने के लिए तहसील से विनियोजन कराकर एक मुकदमा डालेगा। उसी आधार पर किसानों को इस जमीन के बदले आसपास क्षेत्र में जमीन दी जाएगी।
निराला नगर फेज टू के विस्तारीकरण के लिए नौ किसानों को जमीन देने के लिए पत्र भेजा गया है। उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। पीके सिंह, सचिव यूएसडीए