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रात हो या दिन, बिजली कटौती अंधाधुंध
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 17 Jun 2015 12:02 AM IST
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उन्नाव। गर्मी चरम पर पहुंचते ही अंधाधुंध बिजली कटौती से हाहाकार मचा है। शहरी क्षेत्र में तय शेड्यूल के अलावा लोकल कटौती से घंटों बिजली गुल रहती है। बिजली कटौती से आम आदमी से लेकर व्यापारी तक परेशान हैं। उद्यमी भी बेहाल हैं। बिजली कटौती के कारण लोगों की रातों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है इससे वह लोग चिड़चिड़े होते जा रहे हैं। भोर पहर से ही पानी के लिए हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ रही है।
कहने को तो शहरी क्षेत्र में भोर पहर 4.30 से 7.30 बजे तक, दोपहर 1 से 4 और शाम को 8 से 11 बजे तक कुल 9 घंटे की रोस्टिंग की जा रही है। लेकिन रोजाना यह रोस्टिंग तय समय से ज्यादा होती है। वहीं लोकल फाल्टों के कारण प्रतिदिन 4 से 5 घंटे बिजली गुल रहती है। जिसके चलते करीब 13-14 घंटे बिजली कटौती हो रही है। इस भीषण गर्मी में बिजली न आने से लोग उबलते रहते हैं।
दिन की छोड़िए रात में भी घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की नींद उड़ गई है। नींद पूरी न होने से लोग चिड़चिड़े होते जा रहे हैं। रात-रात भर हाथ में पंखा लेकर लोग छतों पर टहलते रहते हैं। इसके बाद सुबह-सुबह पानी के लिए हैंडपंपों पर लाइन लगाना मजबूरी बन गया है।
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सुचारु आपूर्ति न मिलने से इनवर्टर भी सही चार्ज नहीं हो पाते हैं। जिस कारण यह भी एकाध घंटे में धड़ाम हो जाते हैं। बिजली न आने से सबसे ज्यादा दिक्कतें बच्चों व बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। तय शेड्यूल से ज्यादा समय तक बिजली गुल होने से पानी की किल्लत से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत भोर पहर की रोस्टिंग होने से उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 3-4 घंटे ही मिल पा रही बिजली
उन्नाव। ग्रामीण अंचलों में सप्ताहवार विद्युत आपूर्ति का नियम है। वैसे नियमानुसार गांवों में 10 घंटे बिजली दी जानी चाहिए लेकिन मात्र 3 से 4 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। यदि कोई फाल्ट हुआ तो कई-कई दिन तक बिजली गुल रहती है। बांगरमऊ, गंजमुरादाबाद, सफीपुर, औरास, हसनगंज, पुरवा, नवाबगंज, अजगैन, सोहरामऊ, मौरावां, बीघापुर, भगवंतनगर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली किल्लत से लोग जूझ रहे हैं। नवाबगंज के जंसार, पकरिगवां, दिलवल, नानाटिकुर, पिपरोसा, बहादीपुर आदि गांवों में पिछले पांच दिनों में मात्र 10-12 घंटे ही बिजली मिल पाई। इन क्षेत्रों में बिछाए गए तार काफी जर्जर हो चुके हैं जो तेज हवा में भी टूट जाते हैं। एक बार तार टूटने पर कई-कई दिन तक बिजली गुल रहती है।
वर्जन
भीषण गर्मी में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। मुख्यालय से 9 घंटे की रोस्टिंग की जा रही है। वैसे गर्मी में ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक हो जाता है। इसके चलते लोकल फाल्ट भी बढ़ जाते हैं। - रामबुझारत, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम।
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कहने को तो शहरी क्षेत्र में भोर पहर 4.30 से 7.30 बजे तक, दोपहर 1 से 4 और शाम को 8 से 11 बजे तक कुल 9 घंटे की रोस्टिंग की जा रही है। लेकिन रोजाना यह रोस्टिंग तय समय से ज्यादा होती है। वहीं लोकल फाल्टों के कारण प्रतिदिन 4 से 5 घंटे बिजली गुल रहती है। जिसके चलते करीब 13-14 घंटे बिजली कटौती हो रही है। इस भीषण गर्मी में बिजली न आने से लोग उबलते रहते हैं।
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दिन की छोड़िए रात में भी घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की नींद उड़ गई है। नींद पूरी न होने से लोग चिड़चिड़े होते जा रहे हैं। रात-रात भर हाथ में पंखा लेकर लोग छतों पर टहलते रहते हैं। इसके बाद सुबह-सुबह पानी के लिए हैंडपंपों पर लाइन लगाना मजबूरी बन गया है।
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सुचारु आपूर्ति न मिलने से इनवर्टर भी सही चार्ज नहीं हो पाते हैं। जिस कारण यह भी एकाध घंटे में धड़ाम हो जाते हैं। बिजली न आने से सबसे ज्यादा दिक्कतें बच्चों व बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। तय शेड्यूल से ज्यादा समय तक बिजली गुल होने से पानी की किल्लत से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत भोर पहर की रोस्टिंग होने से उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 3-4 घंटे ही मिल पा रही बिजली
उन्नाव। ग्रामीण अंचलों में सप्ताहवार विद्युत आपूर्ति का नियम है। वैसे नियमानुसार गांवों में 10 घंटे बिजली दी जानी चाहिए लेकिन मात्र 3 से 4 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। यदि कोई फाल्ट हुआ तो कई-कई दिन तक बिजली गुल रहती है। बांगरमऊ, गंजमुरादाबाद, सफीपुर, औरास, हसनगंज, पुरवा, नवाबगंज, अजगैन, सोहरामऊ, मौरावां, बीघापुर, भगवंतनगर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली किल्लत से लोग जूझ रहे हैं। नवाबगंज के जंसार, पकरिगवां, दिलवल, नानाटिकुर, पिपरोसा, बहादीपुर आदि गांवों में पिछले पांच दिनों में मात्र 10-12 घंटे ही बिजली मिल पाई। इन क्षेत्रों में बिछाए गए तार काफी जर्जर हो चुके हैं जो तेज हवा में भी टूट जाते हैं। एक बार तार टूटने पर कई-कई दिन तक बिजली गुल रहती है।
वर्जन
भीषण गर्मी में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। मुख्यालय से 9 घंटे की रोस्टिंग की जा रही है। वैसे गर्मी में ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक हो जाता है। इसके चलते लोकल फाल्ट भी बढ़ जाते हैं। - रामबुझारत, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम।