{"_id":"1bc6fe2013bbc56cc23ccb1beb55202b","slug":"natural-heritage-tampering-deteriorating-ecology-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राकृतिक धरोहरों की छेड़छाड़ से बिगड़ रहा पर्यावरण संतुलन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राकृतिक धरोहरों की छेड़छाड़ से बिगड़ रहा पर्यावरण संतुलन
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 08 Jul 2015 12:29 AM IST
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उन्नाव। ग्रीन डे पर विद्यालयों और दफ्तरों में पौधरोपण किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए पौधरोपण अति आवश्यक है। यदि वृक्ष नहीं होंगे तो पर्यावरण को दूषित होने से नहीं बचाया जा सकता। प्राकृतिक धरोहर से छेड़छाड़ कर पर्यावरण संतुलन बिगाड़ रहे हैं।
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नरेंद्र भदौरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की ओर से मनाए गए वन महोत्सव के अंतर्गत आदर्श विद्या मंदिर गीतापुरम् में ग्रीन डे मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राइमरी वर्ग के छात्र-छात्राएं हरे रंग के परिधानों में नजर आए। विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती अंजना भदौरिया ने बच्चों को बताया कि विश्व पटल पर हो रही प्राकृतिक विनाश लीला का मुख्य कारण वैश्विक उदंडता तथा प्राकृतिक धरोहरों के साथ-साथ छेड़-छाड़ हैं।
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उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर ऐसे आयोजनों से बच्चों के मन में अपनी प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने की भावना का विकास होता है तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहयोग प्रदान होता है। विद्यालय प्रांगण में मंगलवार को पौधरोपण करके सभी बच्चों को प्रेरित किया कि एक पौधा स्वयं लगाएं।
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यहां बच्चे हरे रंग के परिधानों में आए थे। बच्चों के हाथों में पेड़-पौधे समाज को यह संदेश देने का प्रयास कर रहे थे कि जीवन दायिनी धरती का पारंपरिक परिधान पर्यावरण प्रदूषण एवं प्राकृतिक आपदा को रोक सकता है। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चो ने पौधरोपण करके ‘पेड़-लगाओ धरा बचाओ’ का संदेश भी दिया।