फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   narmund

नर मुंडों की पहचान तलाशने में जुटी टीम

Fri, 30 Jan 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव Updated Fri, 30 Jan 2015 11:18 PM IST
विज्ञापन
narmund
उन्नाव। पुलिस लाइन परिसर में एक कमरे में नर कंकाल मिलने की गुत्थी सुलझाने के लिए प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की छह सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को बोरियों और पोटलियों में लगी चिट और पोस्टमार्टम रजिस्टर का मिलान कर उनकी पहचान की कवायद की।
विज्ञापन


जांच में 74 बिसरा चिह्नित किए हैं जिनमें 47 कंकाल का रिकार्ड से मिलान हो पाया। कई बोरियां फटने और दीमक लगने के कारण उनमें लगाई गई पोस्टमार्टम व मुकदमा से संबंधित चिट न मिलने से अभी रिकार्ड से मिलान नहीं हो पाया है। कमरे में मिले कंकाल 1980 से 2007 तक के हैं। इनमें अधिकतर 1995 से पूर्व के हैं। जांच टीम शुक्रवार को किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। फोरेंसिक एक्सपर्ट डा. ग्याशुद्दीन खान ने बताया कि जांच में कितना वक्त लगेगा यह अभी नहीं बताया जा सकता। दो तीन दिन का वक्त और लग सकता है।
विज्ञापन


शुक्रवार को पुलिस लाइन अस्पताल के पास एक कमरे में दर्जनों मानव कंकाल मिलने से जिले से लेकर सूबे तक के अधिकारियों में खलबली मचने के बाद शुक्रवार को छह सदस्यीय टीम ने जांच शुरू की। जांच टीम में शामिल सिटी मजिस्ट्रेट हरिलाल यादव, सीओ सिटी गोपीनाथ सोनी, चिकित्साधिकारी डॉ आशुतोष वार्षणेय व डॉ कौशलेंद्र सिंह, फार्मेसिस्ट रामपाल वर्मा और लखनऊ से आए फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. गयासुद्दीन खान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान सीएमओ डा. गीता यादव भी मेडिकल स्टॉफ के साथ मौके पर मौजूद रहीं। बोरियों में रखे सभी कंकालों को बोरियों के ऊपर और भीतर रखी डिटेल चिट के आधार पर पुराने पोस्टमार्टम रजिस्टर से मिलान किया गया। जांच में अबतक कुल 74 बिसरा चिह्नित किए गए जिनमें 47 का रिकार्ड मिल गया जबकि अन्य की जांच के लिए टीम रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं।

बोरियों में मिली चिट डिटेल के मुताबिक कमरे में मिले कंकाल वर्ष 1980 से 2007 के हैं। जिनमें से अधिकांश 1995 से पूर्व के हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. गायसुद्दीन खान ने बताया कि कंकाल बिसरा नहीं हैं। उन्हें पोस्टमार्टम के बाद पहचान के इंतजार में यहां रखवा दिया गया है।


यह मानव अंग किसी मुकदमे से संबंधित हैं या अज्ञात हैं इसकी तफ्तीश की जा रही है। पुलिस के रिकार्ड से मुकदमा नंबर और पोस्टमार्टम रजिस्टर की डिटेल तथा कंकाल की भरी बोरियों में लगी चिट से मिलान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed