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लॉकडाउन खत्म नहीं, कम्युनिटी किचन में लगने लगा ताला
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बिछिया में खुले कम्यूनिटी किचेन में लटकता ताला।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कोरोना संक्रमणकाल को लेकर लागू लॉकडाउन में गरीबों व जरूरतमंदों को पका भोजन उपलब्ध कराने के लिए खोले गए कम्युनिटी किचन में ताला लगने लगा है। कई किचन बंद हो चुके हैं तो कई अन्य खानापूरी के लिए कागजों पर संचालित दिखाए जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब अभी 17 मई तक लॉकडाउन लागू है।
शासन से आदेश जारी किए गए थे कि लॉकडाउन के दौरान गरीबों व जरूरतमंदों को पका भोजन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद जिला प्रशासन ने शहर के पूर्णादेवी मंदिर परिसर के अलावा ब्लॉकों व नगर पंचायतों में कम्युनिटी किचन खुलवाए थे। प्रशासन ने इसमें दानदाताओं की भी मदद ली गई। किचन में भोजन तैयार कराकर जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। इधर, लगभग एक माह बीतने के बाद अधिकांश कम्युनिटी किचन में ताला लगने लगा है।
बिछिया संवाददाता के अनुसार, बिछिया विकासखंड कार्यालय के एक प्राथमिक विद्यालय को कम्युनिटी किचन बनाया गया था। किचन के संचालन में नेवरना, पड़री कला, घूरखेत, सराय कटियान व तारगांव के ग्राम प्रधानों व सचिवों में शशिकांत अवस्थी, संदीप मिश्रा सहित अन्य ने अन्न व धन मुहैया कराया था। जब तक अन्न, धन रहा तब तक तो किचन के जरिए जरूरतमंदों को पका भोजन उपलब्ध कराया गया लेकिन इधर एक सप्ताह से लोगों को भोजन मिलना बंद हो गया है। क्षेत्रीय ग्राम प्रधानों के मुताबिक, कम्युनिटी किचन बंद होने से जरूरतमंद लोग लौट रहे हैं। किचन प्रभारी व एडीओ कृषि, बलंकारी ने बताया कि बीडीओ चंद्रशेखर के मौखिक निर्देश पर इसे बंद करा दिया गया है।
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पाटन प्रतिनिधि के अनुसार, बीघापुर तहसील मुख्यालय पाटन में चलाई जा रही कम्युनिटी किचन अप्रैल माह के समाप्त होने के साथ ही बंद कर दी गई। एसडीएम दयाशंकर पाठक ने बताया कि जनसहयोग से संचालित की जा रही किचन के संचालन के समय दैनिक रूप से भोजन करने वालों का ब्योरा दर्ज किया जा रहा था। सभी बेसहारा परिवारों को राशन सामग्री दिए जाने के बाद किचन में भोजन के लिए आने वालों की संख्या न के बराबर रह गई थी। जिस कारण इसे बंद कर दिया गया। वहीं, नपं भगवंतनगर में 30 अप्रैल से किचन व्यवस्था बंद की जा चुकी है। ईओ रविचंद भारती ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से सभी को राशन सामग्री या धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है और अब कोई भी भूखा नहीं है।
पुरवा प्रतिनिधि के अनुसार, नगर पंचायत में खुला किचन 28 अप्रैल से बंद है। ईओ केएन पाठक ने बताया कि शासन से नया आदेश आया है। उसके अनुसार भोजन बनवाया जाएगा। फतेहपुर चौरासी प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक के कम्युनिटी किचन का संचालन तीन मई से बंद है। एडीओ पंचायत हेमंत कुमार ने बताया कि 3 मई तक ही किचन के संचालन का आदेश था। नगर पंचायत फ तेहपुर चौरासी के ईओ ने बताया कि अब आवश्यकतानुसार ही किचन का कार्य हो रहा है। लोगों को राशन सामग्री दी जा रही है।
डीएम रवींद्र कुमार ने बताया सभी तहसीलों और निकाय क्षेत्रों में सभी कम्युनिटी किचन संचालित हैं। कुछ ब्लॉकों में जहां क्वारंटीन सेंटर खाली हो चुके हैं उनके कम्युनिटी किचन को बंद कर कर दिया गया है। जिनमें बहुत कम लोग हैं वहां आसपास के दूसरे कम्युनिटी किचन से लंच पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। आवश्यकता के अनुसार कम्युनिटी किचन संचालित हैं।
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शासन से आदेश जारी किए गए थे कि लॉकडाउन के दौरान गरीबों व जरूरतमंदों को पका भोजन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद जिला प्रशासन ने शहर के पूर्णादेवी मंदिर परिसर के अलावा ब्लॉकों व नगर पंचायतों में कम्युनिटी किचन खुलवाए थे। प्रशासन ने इसमें दानदाताओं की भी मदद ली गई। किचन में भोजन तैयार कराकर जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। इधर, लगभग एक माह बीतने के बाद अधिकांश कम्युनिटी किचन में ताला लगने लगा है।
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बिछिया संवाददाता के अनुसार, बिछिया विकासखंड कार्यालय के एक प्राथमिक विद्यालय को कम्युनिटी किचन बनाया गया था। किचन के संचालन में नेवरना, पड़री कला, घूरखेत, सराय कटियान व तारगांव के ग्राम प्रधानों व सचिवों में शशिकांत अवस्थी, संदीप मिश्रा सहित अन्य ने अन्न व धन मुहैया कराया था। जब तक अन्न, धन रहा तब तक तो किचन के जरिए जरूरतमंदों को पका भोजन उपलब्ध कराया गया लेकिन इधर एक सप्ताह से लोगों को भोजन मिलना बंद हो गया है। क्षेत्रीय ग्राम प्रधानों के मुताबिक, कम्युनिटी किचन बंद होने से जरूरतमंद लोग लौट रहे हैं। किचन प्रभारी व एडीओ कृषि, बलंकारी ने बताया कि बीडीओ चंद्रशेखर के मौखिक निर्देश पर इसे बंद करा दिया गया है।
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पाटन प्रतिनिधि के अनुसार, बीघापुर तहसील मुख्यालय पाटन में चलाई जा रही कम्युनिटी किचन अप्रैल माह के समाप्त होने के साथ ही बंद कर दी गई। एसडीएम दयाशंकर पाठक ने बताया कि जनसहयोग से संचालित की जा रही किचन के संचालन के समय दैनिक रूप से भोजन करने वालों का ब्योरा दर्ज किया जा रहा था। सभी बेसहारा परिवारों को राशन सामग्री दिए जाने के बाद किचन में भोजन के लिए आने वालों की संख्या न के बराबर रह गई थी। जिस कारण इसे बंद कर दिया गया। वहीं, नपं भगवंतनगर में 30 अप्रैल से किचन व्यवस्था बंद की जा चुकी है। ईओ रविचंद भारती ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से सभी को राशन सामग्री या धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है और अब कोई भी भूखा नहीं है।
पुरवा प्रतिनिधि के अनुसार, नगर पंचायत में खुला किचन 28 अप्रैल से बंद है। ईओ केएन पाठक ने बताया कि शासन से नया आदेश आया है। उसके अनुसार भोजन बनवाया जाएगा। फतेहपुर चौरासी प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक के कम्युनिटी किचन का संचालन तीन मई से बंद है। एडीओ पंचायत हेमंत कुमार ने बताया कि 3 मई तक ही किचन के संचालन का आदेश था। नगर पंचायत फ तेहपुर चौरासी के ईओ ने बताया कि अब आवश्यकतानुसार ही किचन का कार्य हो रहा है। लोगों को राशन सामग्री दी जा रही है।
डीएम रवींद्र कुमार ने बताया सभी तहसीलों और निकाय क्षेत्रों में सभी कम्युनिटी किचन संचालित हैं। कुछ ब्लॉकों में जहां क्वारंटीन सेंटर खाली हो चुके हैं उनके कम्युनिटी किचन को बंद कर कर दिया गया है। जिनमें बहुत कम लोग हैं वहां आसपास के दूसरे कम्युनिटी किचन से लंच पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। आवश्यकता के अनुसार कम्युनिटी किचन संचालित हैं।