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Unnao News: युवती की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास

Fri, 29 Mar 2024 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Fri, 29 Mar 2024 12:26 AM IST
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Life imprisonment to the culprit in the murder of a girl
- जून 2004 में हुई थी घटना, दोषी पर 26 हजार का जुर्माना भी लगाया गया
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। युवती की गोली मारकर हत्या करने वाले दोषी पड़ोसी युवक को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 26 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
आसीवन थानाक्षेत्र के ग्राम खानपुर सुरौली निवासी मिथलेश ने 25 जून 2004 को गांव में रहने वाले मूलचंद्र पर भांजी करना की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 24 जून 2004 को उसकी भांजी घर के बाहर चबूतरे पर बैठकर खाना खा रही थी। घर के सामने रहने वाला मूलचंद्र माली नशे में गालीगलौज करते हुए, भांजी पर तमंचे से फायर कर जान से मारने की धमकी देने लगा।
परिवार के लोगों ने विरोध किया तो उसने गोली चला दी। गोली लगने से भांजी गंभीर रूप से घायल हो गई और कुछ छर्रे उसकी बहन के हाथ में भी लगे। भांजी करना को गंभीर हालत में सीएचसी से जिला अस्पताल और बाद में वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया था। कानपुर में इलाज के दौरान करना की देर शाम मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मूलचंद्र को जेल भेजा था।
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मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ त्रिभुवन सिंह ने की और दस जनवरी 2006 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। गुरुवार मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील जगन्नाथ कुशवाहा की दलीलों और सबूतों के आधार पर दोष साबित होने पर न्यायाधीश मो. असलम सिद्दीकी ने मूलचंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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20 साल बाद ससुर के हत्यारे को उम्रकैद
उन्नाव। आसीवन थाना क्षेत्र के पाठकपुर गांव में 20 साल पहले ससुर की पीटकर हत्या करने वाले युवक को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसपर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

पाठकपुर निवासी रामरती पासी ने नौ अगस्त 2004 को आसीवन थाने में गांव के प्रेम यादव के खिलाफ पति रामबली पासी की पीटकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गांव में रहने वाले प्रेम यादव ने उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ लेकर गया और शादी कर ली थी। पति रामबली व दोनों बेटे साहबलाल और मुंशीलाल ने प्रेम यादव और बेटी से सारे संबंध खत्म कर लिए।
इसी खुन्नस में आठ अगस्त 2004 को बाजार जा रहे रामबली को प्रेम यादव ने डंडे से पीटकर लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ त्रिभुवन सिंह ने की और आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए न्यायालय में 18 अगस्त 2004 को चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील जगन्नाथ कुशवाहा की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर दोष साबित होने पर न्यायाधीश मो. असलम सिद्दीकी ने प्रेम यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।

बस चालक से मारपीट में 34 साल बाद दो वर्ष की सजा

उन्नाव। मौरावां क्षेत्र में 34 साल पहले रोडवेज बस चालक से मारपीट के एक मुकदमे में न्यायिक मजिस्ट्रेट पुरवा ने दोषी दो साल की कैद और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है। घटना 20 अप्रैल 1990 की है, मौरावां क्षेत्र के गांव कुदरा निवासी आफताब आलम ने रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट की थी। चालक ने मौरावां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक आनंद पाल सिंह ने दो अक्तूबर 1990 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमा न्यायिक मजिस्ट्रेट पुरवा न्यायालय में विचाराधीन था। गुरुवार को न्यायाधीश ने आफताब आलम को दो साल की कैद और एक हजार रुपये अर्थ की सजा सुनाई है।

किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस साल की कैद

उन्नाव। किशोरी से दुष्कर्म करने वालो को न्यायालय ने दस साल कारावास की सजा सुनाई है। उसपर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। मौरावां थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने तीन जनवरी 2016 को आरोपी चंद्रशेखर पर नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि दो जनवरी 2016 को वह चारा लेने खेत गई थी। इसी बीच आरोपी चंद्रशेखर उसके घर पहुंचा और 13 साल की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया। गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या 11 में पूरी हुई। विशेष लोक अभियोजक चंद्रिका प्रसाद बाजपेई और कविता सिंह की दलीलों व साक्ष्यों से दोष साबित होने पर न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने चंद्रशेखर को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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