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राजनीति पथ भ्रष्ट न होती, जुर्म-फसाद नहीं होता
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कवि सम्मेलन के दौरान शब्द गंगा सम्मान प्राप्त करते कमलेश राजहंस। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। शब्दगंगा शुद्धि अभियान व सृजन साहित्यिक एवं सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में 16 वें कवि सम्मेलन में कानपुर व उन्नाव के 100 से अधिक साहित्यकारों व समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
आवास विकास कालोनी में शनिवार शाम हुए कवि सम्मेलन में डॉ. कमलेश राजहंस ने इन पंक्तियों ‘राजनीति पथ भ्रष्ट न होती जुर्म-फसाद नहीं होता’ पढ़कर राजनीति पर कटाक्ष किया। डॉ. कलीम केशर ने ‘युगों युगों गूंजे ये नारा केवल एक दो सदी नहीं, भारत जैसा देश नहीं और गंगा जैसी नदी नहीं’ पक्तियों के माध्यम से भारत और गंगा नदी का महत्व बताया।
वरिष्ठ आईएएस डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र ने उसे मैय्यत से हमदर्दी नहीं है, कुंवर आलोक सीतापुरी ने दीवाली में दिवाला जो निकाला अपने वादे का, डॉ. भुवन मोहनी ने एक अधूरी कहानी तो मुझमे भी है, ज्ञानेंद्र द्विवेदी ‘दीपक’ ने दर्पण में नूरानी चेहरा अच्छा लगता है, मुकेश श्रीवास्तव ने सिपाही गोद में मां की यहीं तैयार होता है, यहीं महबूब से ज्यादा वतन से प्यार होता है पढ़कर लोगों को पूरी रात वीर व श्रंगार रस की कविताओं में गोते लगवाए।
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इसके अलावा कवि बादशाह प्रेमी ने छुपाने से ज्यादा दिखाने की इच्छा, अजय प्रधान ने कवि अन्तर्मन में रोता है तब बनती है कविता, सरला शर्मा ने बड़ी दुश्वारियों के बाद आसानी में रहते हैं, नुशरत अतीक ने हम तुम्हें बद्दुआ नहीं देंगे, राकेश तिवारी राही ने खुशी गर मिली है चहकना पडे़गा, सारिका तिवारी ने अवनि से और अंबर तक सदा निज शौर्य गूंजेगा, शशि नारायण त्रिपाठी ने आस लगाई रे तेरी आस लगाई रे, पुष्पेंद्र प्रेमी ने कभी मन में उदासी हो तो मेरे गीत गा लेना सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम के पूर्व निखिल प्रकाशन द्वारा बिछिया ब्लॉक प्रमुख नीरज गुप्ता, आशुतोष चौहान आशु, हरिसहाय मिश्र मदन सहित 100 लोगों को साहित्य व समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में रामपुर स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार ब्रजेश पांडेय विरक्त, पूर्व सचिव सुरेश चंद्र तिवारी पथिक, सदर विधायक पंकज गुप्ता, प्रशांत कटियार मंटू, इजहार खां गुड्डू, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेश चंद्र विधु, कवि डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक, बीवी सिंह चंदेल, सभासद अशोक कुमार सिंह मुन्ना मौजूद रहे।
कवि सम्मेलन से पूर्व शब्दगंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर दीक्षित ‘आशु’ की चौथी काव्यकृति हाइकु-मंत्र, महासचिव कुंवर प्रेम कुमार सिंह सेंगर की काव्य कृति ‘कुछ लिख दिया का लोकार्पण किया गया।
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आवास विकास कालोनी में शनिवार शाम हुए कवि सम्मेलन में डॉ. कमलेश राजहंस ने इन पंक्तियों ‘राजनीति पथ भ्रष्ट न होती जुर्म-फसाद नहीं होता’ पढ़कर राजनीति पर कटाक्ष किया। डॉ. कलीम केशर ने ‘युगों युगों गूंजे ये नारा केवल एक दो सदी नहीं, भारत जैसा देश नहीं और गंगा जैसी नदी नहीं’ पक्तियों के माध्यम से भारत और गंगा नदी का महत्व बताया।
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वरिष्ठ आईएएस डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र ने उसे मैय्यत से हमदर्दी नहीं है, कुंवर आलोक सीतापुरी ने दीवाली में दिवाला जो निकाला अपने वादे का, डॉ. भुवन मोहनी ने एक अधूरी कहानी तो मुझमे भी है, ज्ञानेंद्र द्विवेदी ‘दीपक’ ने दर्पण में नूरानी चेहरा अच्छा लगता है, मुकेश श्रीवास्तव ने सिपाही गोद में मां की यहीं तैयार होता है, यहीं महबूब से ज्यादा वतन से प्यार होता है पढ़कर लोगों को पूरी रात वीर व श्रंगार रस की कविताओं में गोते लगवाए।
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इसके अलावा कवि बादशाह प्रेमी ने छुपाने से ज्यादा दिखाने की इच्छा, अजय प्रधान ने कवि अन्तर्मन में रोता है तब बनती है कविता, सरला शर्मा ने बड़ी दुश्वारियों के बाद आसानी में रहते हैं, नुशरत अतीक ने हम तुम्हें बद्दुआ नहीं देंगे, राकेश तिवारी राही ने खुशी गर मिली है चहकना पडे़गा, सारिका तिवारी ने अवनि से और अंबर तक सदा निज शौर्य गूंजेगा, शशि नारायण त्रिपाठी ने आस लगाई रे तेरी आस लगाई रे, पुष्पेंद्र प्रेमी ने कभी मन में उदासी हो तो मेरे गीत गा लेना सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम के पूर्व निखिल प्रकाशन द्वारा बिछिया ब्लॉक प्रमुख नीरज गुप्ता, आशुतोष चौहान आशु, हरिसहाय मिश्र मदन सहित 100 लोगों को साहित्य व समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में रामपुर स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार ब्रजेश पांडेय विरक्त, पूर्व सचिव सुरेश चंद्र तिवारी पथिक, सदर विधायक पंकज गुप्ता, प्रशांत कटियार मंटू, इजहार खां गुड्डू, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेश चंद्र विधु, कवि डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक, बीवी सिंह चंदेल, सभासद अशोक कुमार सिंह मुन्ना मौजूद रहे।
कवि सम्मेलन से पूर्व शब्दगंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर दीक्षित ‘आशु’ की चौथी काव्यकृति हाइकु-मंत्र, महासचिव कुंवर प्रेम कुमार सिंह सेंगर की काव्य कृति ‘कुछ लिख दिया का लोकार्पण किया गया।

आवास विकास कालोनी में आयोजित कवि सम्मेलन में कवितापाठ करते वरिष्ठ आईएएस डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र व - फोटो : UNNAO