फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Ignored - old solar power plants becoming junk, emphasis on new ones

Unnao News: अनदेखी-कबाड़ हो रहे पुराने सोलर पावर प्लांट, नए पर जोर

Wed, 27 Mar 2024 01:52 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 Mar 2024 01:52 AM IST
विज्ञापन
Ignored - old solar power plants becoming junk, emphasis on new ones
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

उन्नाव। वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार सोलर को बढ़ावा देने के लिए सूर्योदय योजना लांच कर चुकी है। वहीं अफसरों की अनदेखी से आठ साल पहले ग्रामीणों के घरों को रोशनी से जगमगाने के लिए करोड़ों की लागत से लगाए गए मिनी ग्रिड सोलर पावर प्लांट वर्तमान समय में कबाड़ हो गए हैं। कंपनी से मेंटीनेंस अनुबंध खत्म होने के बाद से मरम्मत न हो पाने से अब इनसे घर रोशन नहीं हो पा रहे हैं।




प्लांट-1

3.12 करोड़ से मदारनगर में लगाया गया था सोलर पावर प्लांट



वर्ष 2016 में सपा सरकार ने बांगरमऊ के मदारनगर में मिनी ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने को मंजूरी दी थी। इसके लिए 3.12 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। दिसंबर 2017 में यह प्लांट चालू हो गया था। प्लांट पर 320 वाट के 500 पैनल और 540 बैटरियां लगाई गई थीं। 150 किलोवाट के इस सोलर पावर प्लांट से ग्राम मदारनगर में 275 तथा पड़ोसी ग्राम पंचूपुरवा में 126 नि:शुल्क लाइट कनेक्शन दिए गए थे। सोलर बिजली से ग्रामीणों के घर रोशन हुए तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हालांकि यह खुशी मात्र डेढ़ वर्ष ही रही। इसके बाद 5 पैनल व 32 बैटरी चोरी हो गई। 24 बैटरी खराब हो गईं। जिसके बाद यह प्लांट बंद हो गया। इन दिनों प्लांट में लगी बैटरियां व पैनल शोपीस बने हुए हैं।
विज्ञापन




-----------
प्लांट-2



पूर्व सपा एमएलसी के गांव में लगा प्लांट भी बंद



हिलौली विकासखंड का बचुआखेड़ा सपा के पूर्व एमएलसी सुनील सिंह साजन का पैतृक गांव है। अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान सुनील सिंह ने वर्ष 2015-16 में 84.97 लाख की लागत से 35 किलोवाट का मिनी ग्रिड सोलर पावर प्लांट लगवाया था। इससे दो गांवों बचुआखेड़ा व केदारखेड़ा के 96 लोगों को नि:शुल्क कनेक्शन दिए गए थे। प्लांट से बिजली मिलने से ग्रामीणों ने काफी राहत की सांस ली थी। शुरुआत में तो सब ठीक चला लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया उपकरण खराब होते गए। वर्तमान समय में 16 सोलर पैनल व 120 बैटरियां जवाब दे चुकी हैं। प्लांट के आपरेटर पंकज के मुताबिक, अपनी तरफ से पांच हजार रुपये लगाकर मरम्मत कराई थी। अब प्लांट बंद हो गया है। लंबे समय से कंपनी की ओर से कोई देखने तक नहीं आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




--
जिन कंपनियों ने प्लांट लगवाया था उनको पांच साल तक मेंटीनेंस करना था। उनका समय पूरा हो गया। जिस कारण अब प्लांट संचालन पर कंपनियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शासनस्तर पर इन प्लांटों को बिजली विभाग को देने की योजना पर काम चल रहा है। बिजली विभाग प्लांट का संचालन करेगा। जो बिजली पैदा होगी उससे पहले उस गांव और फिर नजदीक के दूसरे गांवों के ग्रामीणों के घर रोशन किए जाएंगे।
- नैपाल सिंह, परियोजना अधिकारी नेडा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed