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मदरसों की आड़ में हो रहा कमाई का खेल
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:16 AM IST
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सरोसी ब्लाक के परियर स्थित एसडी एजूकेशन सेंटर में मान्यता संबंधी कागजों की जांच करते बीईओ आशीष चौहान।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में संचालित हो रहे मदरसों में कई का संचालन फर्जी तरीके से हो रहा है। मदरसों में न तो उर्दू पढ़ने वाले छात्र है और न ही मान्यता है। ऐसे मदरसों में उर्दू की कक्षाओं के बजाए परिषदीय स्कूलों की किताबों से पढ़ाई हो रही है। सरोसी बीईओ के निरीक्षण में मदरसों में हो रहा खेल पकड़ा गया है। बीएसए ने बीईओ से मदरसों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सरोसी खंड शिक्षाधिकारी आशीष चौहान ने शनिवार ब्लाक क्षेत्र के कई निजी स्कूलों के मान्यता संबंधी अभिलेख चेक किए थे। इस दौरान गोल्हेखेड़ा स्थित एमएम शिक्षण संस्थान के स्टाफ ने मदरसा संचालित होने की बात कही। जबकि स्टाफ बीईओ को मान्यता संबंधी कोई भी कागज नहीं दिखा सका। यहां न तो उर्दू पढ़ाने वाले शिक्षक और न ही उर्दू पढ़ने वाले बच्चे मिले। बच्चे सामान्य किताबों से पढ़ाई करते पाए गए। बीईओ ने लीगल नोटिस जारी कर तत्काल मदरसा बंद कराया। इसके अलावा भदेवना स्थित एमबीएसवी शिक्षण संस्थान जो कि मदरसा की मान्यता पर संचालित हो रहा है। निरीक्षण के दौरान न तो उर्दू के शिक्षक मिले और न ही बच्चों के पास कोई भी किताब पाई गई। बीईओ ने दोनों मदरसा संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही बीएसए के माध्यम से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को बिना मान्यता के चल रहे मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई है।
कई अमान्य विद्यालय भी मिले
बीईओ ने मदरसों के अलावा जीबी विद्या मंदिर, पूर्ण देवी विद्या मंदिर, एसडी एजूकेशन सेंटर परियर, शारदा ज्ञान मंदिर मरौंदा सूचित, श्रीबिंदा प्रसाद बाल विद्या मंदिर बहरौला में बिना मान्यता के नर्सरी से इंटर तक की कक्षाओं का संचालन पकड़ा। स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी कर तत्काल तालाबंदी के आदेश दिए। इस दौरान सिहुरा स्थित वीणावादिनी बाल विद्या मंदिर में कक्षा पांच की मान्यता पर कक्षा आठ तक की कक्षाओं का संचालन पाया गया। सेनानी स्मारक विद्यालय परियर में कक्षा पांच की मान्यता पर 6 से 12 वीं तक की कक्षाएं संचालित होते पाई गईं। बीईओ ने स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है। वहीं अमान्य स्कूलों का दोबारा संचालन पाए जाने पर प्रति दिन दस हजार रुपये का जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी। बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि मदरसों में हो रहे घालमेल की रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी जाएगी। बताया कि अमान्य स्कूलों का दोबारा संचालन मिलने पर जुर्माना के अलावा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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सरोसी खंड शिक्षाधिकारी आशीष चौहान ने शनिवार ब्लाक क्षेत्र के कई निजी स्कूलों के मान्यता संबंधी अभिलेख चेक किए थे। इस दौरान गोल्हेखेड़ा स्थित एमएम शिक्षण संस्थान के स्टाफ ने मदरसा संचालित होने की बात कही। जबकि स्टाफ बीईओ को मान्यता संबंधी कोई भी कागज नहीं दिखा सका। यहां न तो उर्दू पढ़ाने वाले शिक्षक और न ही उर्दू पढ़ने वाले बच्चे मिले। बच्चे सामान्य किताबों से पढ़ाई करते पाए गए। बीईओ ने लीगल नोटिस जारी कर तत्काल मदरसा बंद कराया। इसके अलावा भदेवना स्थित एमबीएसवी शिक्षण संस्थान जो कि मदरसा की मान्यता पर संचालित हो रहा है। निरीक्षण के दौरान न तो उर्दू के शिक्षक मिले और न ही बच्चों के पास कोई भी किताब पाई गई। बीईओ ने दोनों मदरसा संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही बीएसए के माध्यम से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को बिना मान्यता के चल रहे मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई है।
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कई अमान्य विद्यालय भी मिले
बीईओ ने मदरसों के अलावा जीबी विद्या मंदिर, पूर्ण देवी विद्या मंदिर, एसडी एजूकेशन सेंटर परियर, शारदा ज्ञान मंदिर मरौंदा सूचित, श्रीबिंदा प्रसाद बाल विद्या मंदिर बहरौला में बिना मान्यता के नर्सरी से इंटर तक की कक्षाओं का संचालन पकड़ा। स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी कर तत्काल तालाबंदी के आदेश दिए। इस दौरान सिहुरा स्थित वीणावादिनी बाल विद्या मंदिर में कक्षा पांच की मान्यता पर कक्षा आठ तक की कक्षाओं का संचालन पाया गया। सेनानी स्मारक विद्यालय परियर में कक्षा पांच की मान्यता पर 6 से 12 वीं तक की कक्षाएं संचालित होते पाई गईं। बीईओ ने स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है। वहीं अमान्य स्कूलों का दोबारा संचालन पाए जाने पर प्रति दिन दस हजार रुपये का जुर्माना वसूलने की चेतावनी दी। बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि मदरसों में हो रहे घालमेल की रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी जाएगी। बताया कि अमान्य स्कूलों का दोबारा संचालन मिलने पर जुर्माना के अलावा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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