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मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना में पांच पंचायतों को मिलेगा ‘ईनाम’
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उन्नाव। जिले की पांच ग्राम पंचायतों को प्रदेश सरकार से इनाम मिलेगा। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करने वाली 10 पंचायतों में पांच सत्यापन में बाहर हो गई हैं। अब सिर्फ पांच पंचायतें ही बची हैं। जिन्हें प्रोत्साहन राशि पाने मिलने की उम्मीद है।
विकास के पैमाने पर खरी उतरने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत उन ग्राम पंचायतों को चयनित किया जाता है जो गांव पंचायत खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) होगी।
ग्राम पंचायत के प्रत्येक बच्चे व गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया गया होगा। विद्यालय में नियमित एमडीएम बनता होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे नियमित पोषाहार पाते होंगे। वहीं गांव की नालियों व गलियों की नियमित सफाई होती होगी। पूर्व में ग्राम पंचायत को योजना का लाभ लेने के लिए पूर्व में ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था दी गई थी।
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पंचायत को ऑनलाइन ही 32 बिंदुओं की रिपोर्ट भरना था। अंतिम तिथि तक 33 ग्राम पंचायतों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद शासन की प्राथमिकता के आधार पर इनमें से 10 पंचायतों का चयन किया गया। फिर इन पंचायतों का बीडीओ व बीईओ की संयुक्त टीम से सत्यापन कराया गया। जिसमें पांच पंचायतें शासन की कसौटी पर खरी नहीं हो सकी। शेष पांच पंचायतों को नाम फाइनल करके शासन को भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में इनाम पांच पंचायतों को ही दिया जाएगा। इनमें से जो पंचायत पहले नंबर पर आएगी उसे 8 से 10 लाख रुपये का सम्मान दिया जाएगा। इसके बाद शामिल अन्य ग्राम पंचायतेें क्रमश: 7, 5, 3 व 2 लाख से सम्मानित होंगी।
असोहा की पाठकपुर, बीघापुर की धनुहीखेड़ा, फतेहपुर चौरासी की ऊगू देहात, मियागंज की पनापुर कला व सिकंदरपुर सरोसी की पिंडोखा।
मियागंज की सुभानीखेड़ा, गलरापुर, मवई ब्रम्हनान और मिर्जापुर कला, सिकंदरपुर कर्ण की आंटा।
10 ग्राम पंचायतों के सत्यापन में पांच का ही चयन हो सका है। इन पांच पंचायतों को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के लिए भेज दिया गया है। पंचायतों को विकास के लिए अतिरिक्त धनराशि शासन द्वारा दी जाएगी।
अविनाश द्विवेदी, जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज विभाग।
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विकास के पैमाने पर खरी उतरने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत उन ग्राम पंचायतों को चयनित किया जाता है जो गांव पंचायत खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) होगी।
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ग्राम पंचायत के प्रत्येक बच्चे व गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया गया होगा। विद्यालय में नियमित एमडीएम बनता होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे नियमित पोषाहार पाते होंगे। वहीं गांव की नालियों व गलियों की नियमित सफाई होती होगी। पूर्व में ग्राम पंचायत को योजना का लाभ लेने के लिए पूर्व में ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था दी गई थी।
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पंचायत को ऑनलाइन ही 32 बिंदुओं की रिपोर्ट भरना था। अंतिम तिथि तक 33 ग्राम पंचायतों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद शासन की प्राथमिकता के आधार पर इनमें से 10 पंचायतों का चयन किया गया। फिर इन पंचायतों का बीडीओ व बीईओ की संयुक्त टीम से सत्यापन कराया गया। जिसमें पांच पंचायतें शासन की कसौटी पर खरी नहीं हो सकी। शेष पांच पंचायतों को नाम फाइनल करके शासन को भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में इनाम पांच पंचायतों को ही दिया जाएगा। इनमें से जो पंचायत पहले नंबर पर आएगी उसे 8 से 10 लाख रुपये का सम्मान दिया जाएगा। इसके बाद शामिल अन्य ग्राम पंचायतेें क्रमश: 7, 5, 3 व 2 लाख से सम्मानित होंगी।
असोहा की पाठकपुर, बीघापुर की धनुहीखेड़ा, फतेहपुर चौरासी की ऊगू देहात, मियागंज की पनापुर कला व सिकंदरपुर सरोसी की पिंडोखा।
मियागंज की सुभानीखेड़ा, गलरापुर, मवई ब्रम्हनान और मिर्जापुर कला, सिकंदरपुर कर्ण की आंटा।
10 ग्राम पंचायतों के सत्यापन में पांच का ही चयन हो सका है। इन पांच पंचायतों को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के लिए भेज दिया गया है। पंचायतों को विकास के लिए अतिरिक्त धनराशि शासन द्वारा दी जाएगी।
अविनाश द्विवेदी, जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज विभाग।