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Unnao News: शाही जामा मस्जिद में तरावीह का पहला दौर मुकम्मल
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उन्नाव। शहर की शाही जामा मस्जिद किला में बुधवार रात इमाम हाफिज शफीक खान ने तरावीह की नमाज में कुरान पाक का पहला दौर मुकम्मल किया। इस दौरान फातिहा के साथ मुल्क में अमन चैन की दुआ भी की गई।
इमाम हाफिज शफीक खान ने कहा कि रमजान का माह सारे महीनों का सरदार है। इस मुबारक महीने में ही कुरआन पाक नाजिल हुआ, इसलिए इस्लाम में इस महीने की बड़ी फजीलते हैं। माह-ए-रमज़ान और नमाज-ए-तरावीह की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि अल्लाह ने रमजान में अपने बंदों के लिए काफी इनामात से नवाजता है। हालांकि बंदा भी ऐसा होना चाहिए जो अल्लाह के हुक्म की फरमाबरदारी करें। यह महीना मोमिनों के लिए अल्लाह का सबसे कीमती तोहफा है।
इस दौरान नमाजियों ने इमाम हाफिज शफीक खान से गले मिलते हुए फूल माला पहनाई। तरावीह की नमाज के बाद सभी रोजेदारों ने अपने गुनाहों से माफी मांगी। इस मौके पर निगार आलम, ज़ियाउद्दीन सिद्दीकी, तारिक शाह, आरिफ शाह, अदील शाह, मुबसशिर शाह, शारिब शाह, काशिफ शाह आदि मौजूद रहे।
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रमजानुल मुबारक माह में की जाती हैं तीन इबादतें
गंजमुरादाबाद। मोहल्ला अंसार मैदान स्थित मस्जिद बिलाल में हाफिज मो. उज़ैर ने तरावीह में कुरान को 10 दिनों में पूरा किया। मदरसा अरबिया मिफ्ताह उलूम के उस्ताद मुफ्ती मुहम्मद जुनैद कासमी ने बयान करते हुए कहा कि रमजानुल मुबारक में ही अल्लाह ने कुरान को उतारा। उन्होंने कहा कि तरावीह में की गई तिलावत का असर पूरे साल रहता है। कुरान को अच्छे से याद करें। अरबी मदरसा मिफ्ता उलूम के शिक्षक मौलाना सुफियान मजाहिरी ने भी अपने विचार रखे। हाफिज मुहम्मद तौकीर, मुहम्मद फुरकान, मोहम्मद राशिद, मुहम्मद तौहीद, हाफिज अब्दुल मोईद, मुहम्मद तौसीफ, मुहम्मद अरशद, मुहम्मद जीशान आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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इमाम हाफिज शफीक खान ने कहा कि रमजान का माह सारे महीनों का सरदार है। इस मुबारक महीने में ही कुरआन पाक नाजिल हुआ, इसलिए इस्लाम में इस महीने की बड़ी फजीलते हैं। माह-ए-रमज़ान और नमाज-ए-तरावीह की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि अल्लाह ने रमजान में अपने बंदों के लिए काफी इनामात से नवाजता है। हालांकि बंदा भी ऐसा होना चाहिए जो अल्लाह के हुक्म की फरमाबरदारी करें। यह महीना मोमिनों के लिए अल्लाह का सबसे कीमती तोहफा है।
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इस दौरान नमाजियों ने इमाम हाफिज शफीक खान से गले मिलते हुए फूल माला पहनाई। तरावीह की नमाज के बाद सभी रोजेदारों ने अपने गुनाहों से माफी मांगी। इस मौके पर निगार आलम, ज़ियाउद्दीन सिद्दीकी, तारिक शाह, आरिफ शाह, अदील शाह, मुबसशिर शाह, शारिब शाह, काशिफ शाह आदि मौजूद रहे।
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रमजानुल मुबारक माह में की जाती हैं तीन इबादतें
गंजमुरादाबाद। मोहल्ला अंसार मैदान स्थित मस्जिद बिलाल में हाफिज मो. उज़ैर ने तरावीह में कुरान को 10 दिनों में पूरा किया। मदरसा अरबिया मिफ्ताह उलूम के उस्ताद मुफ्ती मुहम्मद जुनैद कासमी ने बयान करते हुए कहा कि रमजानुल मुबारक में ही अल्लाह ने कुरान को उतारा। उन्होंने कहा कि तरावीह में की गई तिलावत का असर पूरे साल रहता है। कुरान को अच्छे से याद करें। अरबी मदरसा मिफ्ता उलूम के शिक्षक मौलाना सुफियान मजाहिरी ने भी अपने विचार रखे। हाफिज मुहम्मद तौकीर, मुहम्मद फुरकान, मोहम्मद राशिद, मुहम्मद तौहीद, हाफिज अब्दुल मोईद, मुहम्मद तौसीफ, मुहम्मद अरशद, मुहम्मद जीशान आदि मौजूद रहे। (संवाद)