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चलती ट्रेन में आज से लिखी जाएगी एफआईआर
ब्यूरो/ अमर उजाला, उन्नाव।
Updated Sun, 15 Feb 2015 12:45 AM IST
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चलती ट्रेन में किसी यात्री के साथ कोई अनहोनी होने पर उसे रिपोर्ट लिखाने के लिए स्टेशन पर नहीं उतरना पड़ेगा। अब यात्री को चलती ट्रेन में ही रिपोर्ट दर्ज कराने की सुविधा मिलने लगी है। इसकी शुरुआत 15 फरवरी से हो गयी है। जीआरपी ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है।
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इसके लिए मुख्यालय से चार शिकायत रसीद बुक जीआरपी थाने में भेजी गई है। रेलवे ने इसके लिए सभी ट्रेनों के कोच संख्या एस-5 के बर्थ संख्या-71 को आरक्षित कर दिया।
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इंतजार की घड़िया खत्म हो गई। ट्रेन के अंदर यात्री के साथ कोई घटना हो जाती थी तो उसे एफआईआर लिखाने के लिए ट्रेन से उतरना पड़ता था। जिससे उसकी ट्रेन तक छूट जाती थी। इसके लिए जीआरपी ने नया सिस्टम लागू कर दिया है।
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जीआरपी ने इसके लिए पूरे प्रबंध कर लिए है। यात्री के साथ कोई घटना घटित होने पर उसे ट्रेन से नही उतरना पड़ेगा। बल्कि यात्री की एफआईआर ट्रेन के अंदर मौजूद जीआरपी का एस्कार्ट लिखेगा।
यह एफआईआर तीन प्रतियों में लिखी जाएगी। जिसमें एक प्रति एस्कार्ट अपने पास, दूसरी प्रति पीड़ित को दी जाएगी और तीसरी प्रति ट्रेन के अगले रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाने को देगा। वह जीआरपी थाना जहां की घटना होगी वह संबंधित थाने को भेज देगा।
एफआईआर की कापी पीड़ित को दी जाएगी। उसमें जीआरपी के एस्कार्ट के पूरे विवरण के साथ अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी दर्ज होंगे। इसके साथ यूनिक कोड भी होगा।
पीड़ित को घटना की प्रगति की समय-समय पर जानकारी भी मिलती रहेगी। जीआरपी प्रभारी लान सिंह ने बताया कि चलती ट्रेन में एफआईआर दर्ज करने का कार्य 15 फरवरी से शुरू हो गया है। इसके लिए जीआरपी लखनऊ ने चार शिकायत रसीद बुक भेजी है।