{"_id":"68a0d53725a60c2370007377","slug":"fight-over-possession-of-land-injured-middle-aged-man-dies-unnao-news-c-221-1-uno1001-135543-2025-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: जमीन पर कब्जे को लेकर मारपीट, घायल अधेड़ की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: जमीन पर कब्जे को लेकर मारपीट, घायल अधेड़ की मौत
Sun, 17 Aug 2025 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sun, 17 Aug 2025 12:30 AM IST
विज्ञापन
फोटो-2- विष्णु रैदास (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
परियर (उन्नाव)। लक्ष्मणखेड़ा गांव में आबादी की ढाई बिस्वा जमीन को लेकर दो दिन पहले हुई मारपीट में घायल अधेड़ की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने शव रख जाम लगा दिया। पीड़ितों ने दरोगा पर भी मारपीट करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। सफीपुर एसओ मौके पर पहुंचे और समझाकर दर्ज मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाने और सख्त कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के लक्षमणखेड़ा निवासी विष्णु रैदास (55) के घर के सामने लगभग आबादी की ढाई बिस्वा जमीन है। इस पर विष्णु का सालों से कब्जा है। 13 दिसंबर को पड़ोसी अजय, मुन्ना, संबोधन, लालू, रामू , रामबाबू और मोहित उस जमीन पर आम के पेड़ लगाने पहुंचे थे। विष्णु की पत्नी रामकुमारी के विरोध करने पर पेड़ लगाने गए लोगों ने उसे पीटा था। पत्नी को पिटता देख बचाने आए विष्णु को भी मारा था। इससे वह गंभीर घायल हो गए थे। परिजन निजी अस्पताल में उसका इलाज करा रहे थे।
15 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उसी दिन दोपहर एक बजे शव अतहा-सफीपुर मार्ग पर रख परिजनों ने हंगामा किया था। आरोप लगाया था कि मारपीट के बाद वह लोग परियर चौकी गए थे। वहां इंचार्ज अनिल राजपूत ने उनकी बात न सुन कब्जेदारों का पक्ष लिया था। एसपी से शिकायत पर 14 अगस्त को मारपीट करने वालों के खिलाफ अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोप है कि पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ा, लेकिन बाद में छोड़ दिया था।
विज्ञापन
हंगामे की सूचना पर एसओ सफीपुर मौके पर पहुंचे थे और परिजनों से बात कर दर्ज मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाने और चौकी इंचार्ज पर लगे आरोपों की जांच के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। दोपहर दो बजे के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पिता की मौत से दो बेटे रामबली और संदीप बेहाल हैं। थानाध्यक्ष एसएन त्रिपाठी ने बताया कि मामले में पहले से मुकदमा पंजीकृत है। गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। अन्य आरोपों की भी जांच होगी।
विज्ञापन
सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के लक्षमणखेड़ा निवासी विष्णु रैदास (55) के घर के सामने लगभग आबादी की ढाई बिस्वा जमीन है। इस पर विष्णु का सालों से कब्जा है। 13 दिसंबर को पड़ोसी अजय, मुन्ना, संबोधन, लालू, रामू , रामबाबू और मोहित उस जमीन पर आम के पेड़ लगाने पहुंचे थे। विष्णु की पत्नी रामकुमारी के विरोध करने पर पेड़ लगाने गए लोगों ने उसे पीटा था। पत्नी को पिटता देख बचाने आए विष्णु को भी मारा था। इससे वह गंभीर घायल हो गए थे। परिजन निजी अस्पताल में उसका इलाज करा रहे थे।
विज्ञापन
15 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उसी दिन दोपहर एक बजे शव अतहा-सफीपुर मार्ग पर रख परिजनों ने हंगामा किया था। आरोप लगाया था कि मारपीट के बाद वह लोग परियर चौकी गए थे। वहां इंचार्ज अनिल राजपूत ने उनकी बात न सुन कब्जेदारों का पक्ष लिया था। एसपी से शिकायत पर 14 अगस्त को मारपीट करने वालों के खिलाफ अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोप है कि पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ा, लेकिन बाद में छोड़ दिया था।
विज्ञापन
हंगामे की सूचना पर एसओ सफीपुर मौके पर पहुंचे थे और परिजनों से बात कर दर्ज मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाने और चौकी इंचार्ज पर लगे आरोपों की जांच के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। दोपहर दो बजे के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। पिता की मौत से दो बेटे रामबली और संदीप बेहाल हैं। थानाध्यक्ष एसएन त्रिपाठी ने बताया कि मामले में पहले से मुकदमा पंजीकृत है। गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। अन्य आरोपों की भी जांच होगी।

फोटो-2- विष्णु रैदास (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन