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आगरा एक्सप्रेस वे का किसान कर रहे विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Tue, 19 May 2015 11:29 PM IST
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बांगरमऊ। रसूलपुर मझगवां में आगरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। बांगरमऊ के रसूलपुर मझगवां गांव में बिना बैनामा कराए जमीन पर कब्जा करने का मामला यूपीडा के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। निर्माण एजेंसी की नीतियों के विरोध में उग्र किसानों का गुस्सा देख मंगलवार को काम तो शुरू हुआ लेकिन रसूलपुर मझगवां से करीब आधा किमी दूर। दरअसल, निर्माण एजेंसी अभी भी किसानों के विरोध के बाद सहमी नजर आ रही है।
300 किमी. लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे में जनपद का 65 किमी. से ज्यादा क्षेत्र आ रहा है। शनिवार को बांगरमऊ तहसील के रसूलपुर मझगवां के किसानों ने गैर बैनामे की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में कार्यदायी एजेंसी अपकान के मैनेजर व कर्मचारियों को पीटा था। इससे कर्मचारी दहशत में आ गए थे। घटना के कई दिन बाद भी कर्मचारियों के चेहरों पर दहशत साफ नजर आ रही है।
इसी कारण रसूलपुर मझगवां में एक्सप्रेस वे के निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। सिरधरपुर व रसूलपुर मझगवां के बीच में एक्सप्रेस वे का निर्माण प्रारंभ हो गया है। कर्मचारियों ने सड़क निर्माण के लिए गिट्टी बिछानी शुरू कर दी है। उधर, किसानों का कहना है कि जब तक सही तरीके से जांच नहीं हो जाएगी तब तक वह लोग काम नहीं होने देंगे।
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वहीं, हरिश्चंद्र, ऊदन, राजेश आदि किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले तहसीलदार ने गांव आकर नापजोख कराई थी। इस दौरान उन्होंने भी माना था कि किसानों की अतिरिक्त जमीन ली जा रही है। इसके बाद भी मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे एक नजर में
तहसील - हसनगंज, सफीपुर व बांगरमऊ
कुल गांव - 50
अधिग्रहीत जमीन - 661.3814 हेक्टेअर
सरकारी भूमि - 39 हेक्टेअर
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300 किमी. लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे में जनपद का 65 किमी. से ज्यादा क्षेत्र आ रहा है। शनिवार को बांगरमऊ तहसील के रसूलपुर मझगवां के किसानों ने गैर बैनामे की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में कार्यदायी एजेंसी अपकान के मैनेजर व कर्मचारियों को पीटा था। इससे कर्मचारी दहशत में आ गए थे। घटना के कई दिन बाद भी कर्मचारियों के चेहरों पर दहशत साफ नजर आ रही है।
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इसी कारण रसूलपुर मझगवां में एक्सप्रेस वे के निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। सिरधरपुर व रसूलपुर मझगवां के बीच में एक्सप्रेस वे का निर्माण प्रारंभ हो गया है। कर्मचारियों ने सड़क निर्माण के लिए गिट्टी बिछानी शुरू कर दी है। उधर, किसानों का कहना है कि जब तक सही तरीके से जांच नहीं हो जाएगी तब तक वह लोग काम नहीं होने देंगे।
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वहीं, हरिश्चंद्र, ऊदन, राजेश आदि किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले तहसीलदार ने गांव आकर नापजोख कराई थी। इस दौरान उन्होंने भी माना था कि किसानों की अतिरिक्त जमीन ली जा रही है। इसके बाद भी मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे एक नजर में
तहसील - हसनगंज, सफीपुर व बांगरमऊ
कुल गांव - 50
अधिग्रहीत जमीन - 661.3814 हेक्टेअर
सरकारी भूमि - 39 हेक्टेअर