चुनाव ड्यूटी कटवाने को लगा रहे जुगत
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मालूम हो कि जनपद में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। यहां 19 फरवरी को वोटिंग होगी। कुल 2303 बूथों पर मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के करीब 22 हजार कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। यह कर्मचारी चुनाव ड्यूटी करेंगे। इनका पहले चरण का प्रशिक्षण समाप्त हो चुका है। ट्रेनिंग का पहला चरण समाप्त हो जाने के बाद भी कार्मिक ड्यूटी से छुटकारा पाने के लिए खासी जद्दोजहद में लगे हुए हैं। कोई सियासी दबाव बनवा रहा है तो कोई ‘बाहरी’ अफसरों की शरण में पहुंच चुका है। सीडीओ आफिस में रोजाना ड्यूटी कटवाने वालों की भारी भीड़ पहुंच रही है। भीड़ में मौजूद कई महिलाएं खुद को गर्भवती बताती हैं तो कई पुरुष कार्मिक उन्हें लंबी बीमारी होने की बात कहते हैं। इसकी पुष्टि के लिए उनके पास बाकायदा एक मेडिकल फाइल भी होती है। हालांकि यह फाइल सीडीओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड के पास जाते ही फेल हो जाती है। यही नहीं कुछ कर्मचारी विकास भवन के बाबूओं से सेटिंग करके ड्यूटी कटवाने में जुटे हुए हैं।
चुनाव आयोग की सख्त गाइडलाइन
कार्मिकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्ति देने की निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन खासी सख्त है। गाइडलाइन के अनुसार गर्भवती महिलाएं, दिव्यांग, बीएलओ, गंभीर रूप से बीमार और आवश्यक सेवा जैसे ड्राइवर, स्वीपर और बैंक गार्ड को ही चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जा सकता है। कड़े नियमों के फेर के चलते अफसर भी ड्यूटी काटने में बेबस नजर आ रहे हैं।
फैक्ट फाइल
कुल पोलिंग बूथ-2303
मतदान केंद्र-1624
22855 कर्मचारियों तैयार हुई सूची
15495 पुरुष और 7360 महिला कार्मिक
प्रत्येक केंद्र पर 1+3 कर्मचारी लगेंगे
रिजर्व कर्मचारी 20 प्रतिशत।