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एमएससी व बीएड पास मांग रहे चपरासी की नौकरी
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उन्नाव। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी पद के लिए आवेदन करने वालों में स्नातक के साथ एमएससी और बीएड पास युवा भी शामिल हैं। युवाओं का कहना है कि काफी प्रयास के बाद नौकरी नहीं मिली तो इस पद के लिए फार्म भर रहे हैं। पद कम और आवेदन अधिक होने से इस पद पर भी नौकरी मुश्किल लग रही है।
जिले के 13 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी के दो पद खाली हैं। बीएसए कार्यालय में इसके लिए 68 लोगों ने आवेदन कर रखा है। जिले के साथ अन्य जिलों के लोगों ने भी फार्म भरा है। आवेदन करने वालों में कक्षा आठ पास से लेकर एमससी, बीएड के साथ टेट पास कर चुके लोग शामिल हैं।
आवेदकों में शामिल जौनपुर जिला निवासी गौरव राजपूत ने बताया कि एमएससी, बीएड व टेट किया है। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में उनका तीन नंबर से चयन रुक गया था। इसके बाद कोरोना शुरू हो गया। वह ट्यूशन पढ़ाते थे। वह भी बंद हो गए। कुछ नहीं से कुछ ही सही का विचार कर आवेदन किया।
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मऊ निवासी धीरेंद्र ने बताया कि उन्होंने स्तनातक के साथ बीएड भी किया है। अभी तक वह निजी स्कूल में पढ़ाकर घर खर्च चला रहे थे। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद स्कूल बंद हो गए। एक महीने पहले ‘बा’ स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती का विज्ञापन देखा था तो आवेदन कर दिया।
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जिले के 13 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी के दो पद खाली हैं। बीएसए कार्यालय में इसके लिए 68 लोगों ने आवेदन कर रखा है। जिले के साथ अन्य जिलों के लोगों ने भी फार्म भरा है। आवेदन करने वालों में कक्षा आठ पास से लेकर एमससी, बीएड के साथ टेट पास कर चुके लोग शामिल हैं।
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आवेदकों में शामिल जौनपुर जिला निवासी गौरव राजपूत ने बताया कि एमएससी, बीएड व टेट किया है। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में उनका तीन नंबर से चयन रुक गया था। इसके बाद कोरोना शुरू हो गया। वह ट्यूशन पढ़ाते थे। वह भी बंद हो गए। कुछ नहीं से कुछ ही सही का विचार कर आवेदन किया।
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मऊ निवासी धीरेंद्र ने बताया कि उन्होंने स्तनातक के साथ बीएड भी किया है। अभी तक वह निजी स्कूल में पढ़ाकर घर खर्च चला रहे थे। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद स्कूल बंद हो गए। एक महीने पहले ‘बा’ स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती का विज्ञापन देखा था तो आवेदन कर दिया।