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गांव की कार्ययोजना में पेयजल व गो संरक्षण पर रहेगा जोर
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उन्नाव। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में तैयार की जाने वाली ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की कार्ययोजना को लेकर प्रदेश सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। इसके तहत अब कार्ययोजना में पेयजल के साथ गो संरक्षण पर भी फोकस करना होगा। साथ ही मनरेगा का भी ध्यान देने के आदेश जारी किए गए हैं।
अभी तक ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले प्रस्तावित कार्यों की तैयार की जाने वाली कार्ययोजना में प्रधान व सचिव मनमानी करते थे। प्रधान राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में उन क्षेत्रों को विकास कराने में छोड़ देते थे जहां से उन्हें वोट नहीं मिलता था। इसमें सचिव भी प्रधान का साथ देता था। अब शासन ने कार्ययोजना बनाए जाने के नियमों को सख्त किया है। इसमें पेयजल तथा गोसंरक्षण पर अधिक ध्यान देना होगा। प्रधान जलनिगम द्वारा स्थापित की गई पेयजल टंकियों के रखरखाव व हैंडपंप रीबोर के काम को कार्ययोजना में शामिल करेंगे। जिससे गिरते जलस्तर को सुधारने में मदद मिलेगी।
अभी प्रधान पेयजल परियोजनाओं के रखरखाव का ठीकरा जलनिगम पर फोड़ता है जबकि जलनिगम इसे ग्राम पंचायत का क्षेत्र बताता है। इसके अलावा कुओं तथा अन्य पेयजल स्रोतों के संरक्षण का भी कार्ययोजना में जिक्र करना होगा। नई कार्ययोजना में मनरेगा धनराशि के अधिक से अधिक खर्च करने के प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि अब जीपीडीपी में पेयजल व गो संरक्षण से संबंधित योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
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अभी तक ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले प्रस्तावित कार्यों की तैयार की जाने वाली कार्ययोजना में प्रधान व सचिव मनमानी करते थे। प्रधान राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में उन क्षेत्रों को विकास कराने में छोड़ देते थे जहां से उन्हें वोट नहीं मिलता था। इसमें सचिव भी प्रधान का साथ देता था। अब शासन ने कार्ययोजना बनाए जाने के नियमों को सख्त किया है। इसमें पेयजल तथा गोसंरक्षण पर अधिक ध्यान देना होगा। प्रधान जलनिगम द्वारा स्थापित की गई पेयजल टंकियों के रखरखाव व हैंडपंप रीबोर के काम को कार्ययोजना में शामिल करेंगे। जिससे गिरते जलस्तर को सुधारने में मदद मिलेगी।
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अभी प्रधान पेयजल परियोजनाओं के रखरखाव का ठीकरा जलनिगम पर फोड़ता है जबकि जलनिगम इसे ग्राम पंचायत का क्षेत्र बताता है। इसके अलावा कुओं तथा अन्य पेयजल स्रोतों के संरक्षण का भी कार्ययोजना में जिक्र करना होगा। नई कार्ययोजना में मनरेगा धनराशि के अधिक से अधिक खर्च करने के प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि अब जीपीडीपी में पेयजल व गो संरक्षण से संबंधित योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
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