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एक हफ्ते में खामियां दूर करो वरना कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Tue, 17 May 2016 01:10 AM IST
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लोहिया गांव ओहरापुर कौड़िया में जनता चौपाल लगाकर समस्याएं सुनते सीडीओ।
- फोटो : अमर उजाला
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हसनगंज (उन्नाव)। विकासखंड कार्यालय का सोमवार को निरीक्षण करने पहुंचे सीडीओ संजीव कुमार को कुछ भी सही नहीं मिला। ग्रांट रजिस्टर, कैशबुक समेत अन्य रजिस्टर अधूरे मिले। मनरेगा का भुगतान तो लंबित मिला ही साथ ही लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवस सृजित नहीं मिले। यही नहीं 14 साल से स्टोर का सत्यापन भी नहीं मिला तो सीडीओ की त्योरियां चढ़ गईं और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान कार्यालय में अनुपस्थित जूनियर इंजीनियर का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
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सीडीओ ने मनरेगा उपायुक्त राजेश मिश्र के साथ सोमवार को विकासखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें इंजीनियर डीडी चक्रवर्ती अनुपस्थित मिले तो उन्होंने एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीडीओ को ग्रांट रजिस्टर, कैशबुक, कर्मचारी अधिष्ठानपन रजिस्टर व गार्ड फाइल अधूरी मिली। उन्होंने पटल सहायकों को सभी अभिलेख एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त कराने का अल्टीमेटम दिया। विकासखंड के सरकारी आवासों को किसी भी कर्मचारी को आवंटित न करने और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग से निष्प्रोज्य कराने पर सीडीओ का पारा चढ़ गया।
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इसके अलावा राज्य वित्त आयोग से मिली 32,67299 रुपये की धनराशि से ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू न कराने पर भी सीडीओ ने इसे बड़ी लापरवाही माना। इसी प्रकार ब्याज मद में उपलब्ध 33,91651 रुपये की धनराशि के संबंधित विभाग को वापस न किए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई और इसे वापस करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। 20 प्रतिशत मानव दिवस सृजन और मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान में इस वित्तीय वर्ष के लिए अभी तक एक भी तालाब का चयन न किए जाने पर सीडीओ ने फटकार लगाई।
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ब्लॉक के स्टोर का वर्ष 2002 से सत्यापन न होने पर बीडीओ को निर्देश दिए कि एक सप्ताह में किसी एडीओ से स्टोर का सत्यापन कराएं। सीडीओ ने बीडीओ सुशील सिंह से दो टूक कहा कि यदि एक सप्ताह में पाई गई कमियों को दूर नहीं किया गया तो पहले निचले स्तर के कर्मचारियों और उसके बाद बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। ब्लॉक के वर्ष 2014-15 में चयनित लोहिया गांव ओहरापुर कौड़िया में जनता चौपाल के दौरान सीडीओ के सामने ग्रामीणों ने योजनाओं की पोल खोल दी।
ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग सही कराने की मांग की। साथ ही बताया कि बिजली चार घंटे से अधिक नहीं आती है। लोहिया आवास में लाभार्थियों के नाम सही न लिखे होने पर सीडीओ ने तत्काल सही कराने को कहा। यहां 35 इंदिरा आवासों में पांच अधूरे पाए गए। ग्रामीणों ने 12 साल से नहर में पानी न आने की समस्या रखी। चौपाल में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एएनएम व लेखपाल सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंचे। गांव भ्रमण के दौरान वीडीओ के न पहुंचने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई।