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सड़क हादसे में युवक की मौत, मुआवजे के लिए लगाया जाम
Thu, 03 Jan 2019 12:23 AM IST
संतोष भदौरिया
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Published by: संतोष भदौरिया
Updated Thu, 03 Jan 2019 12:23 AM IST
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सिटी मजिस्ट्रेट के सामने हंगामा करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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सड़क किनारे खड़ी फैक्टरी की बस से टकराकर हुई बाइक सवार युवक की मौत के दूसरे दिन घर वाले मुआवजे के लिए फैक्टरी गेट पर शव रख दिया। पांच हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की बात पर लोग भड़क गए और उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम लगाए लोगों से हटने को कहा। काफी देर तक विवाद के दौरान लोगों ने सड़क की दूसरी लेन को भी जाम करने की कोशिश की। तो पुलिस ने लाठियां पटकीं। इससे महिला को चोट आई। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। एक पत्थर ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज के सिर पर लगा। हेलमेट लगा होने से वह बाल-बाल बच गए। बवाल बढ़ते देख सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी पहुंचे। उन्होंने फैक्टरी प्रबंधन से वार्ता कर एक लाख रुपये का मुआवजा दिलाया। तब लोग शांत हुए। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला।
सदर कोतवाली के संभरखेड़ा खटई निवासी मनोज मंगलवार सुबह मां बिटाना के साथ बाइक से अचलगंज के हड़हा में रहने वाली मौसी मिथिलेश के घर गया था। मंगलवार शाम लौटते समय अकरमपुर के निकट मिर्जा फैक्टरी के नजदीक सड़क पर खड़ी फैक्टरी की बस में टकरा गया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। जबकि मां बिटाना घायल हो गई थीं। पुलिस ने बस नंबर के आधार पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया था। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन दोपहर करीब दो शव लेकर फैक्टरी गेट पहुंचे।
उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर शव रख जाम लगा दिया। कोतवाल अरुण द्विवेदी भी फोर्स के साथ पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया। मुआवजे की मांग पर अड़े परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन से वार्ता की बात कही। पुलिस ने प्रबंधन से वार्ता की तो वह 5 हजार रुपये ही मुआवजे के लिए राजी हुए। गुस्साए परिजनों ने उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग के दूसरी लेन पर भी जाम लगाने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने लाठियां पटकीं तो दूसरी ओर से भी पत्थर चलने लगा। एक पत्थर ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव के सिर पर लगा। लेकिन हेलमेट लगा होेने से बाल-बाल बच गईं। वहीं पुलिस की लाठियों से जाम में शामिल शारदा के सिर में भी चोट आ गई। पथराव की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार व सीओ सिटी उमेश त्यागी मौके पर पहुंचे और प्रबंधतंत्र से वार्ता की। दोनों अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजे में 1 लाख रुपये दिलाए। तब जाकर हंगामा शांत हुआ। कोतवाल अरुण द्विवेदी ने बताया कि 1 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया है। परिजन शव लेकर चले गए। किसी पर कोई मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है।
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सदर कोतवाली के संभरखेड़ा खटई निवासी मनोज मंगलवार सुबह मां बिटाना के साथ बाइक से अचलगंज के हड़हा में रहने वाली मौसी मिथिलेश के घर गया था। मंगलवार शाम लौटते समय अकरमपुर के निकट मिर्जा फैक्टरी के नजदीक सड़क पर खड़ी फैक्टरी की बस में टकरा गया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। जबकि मां बिटाना घायल हो गई थीं। पुलिस ने बस नंबर के आधार पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया था। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन दोपहर करीब दो शव लेकर फैक्टरी गेट पहुंचे।
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उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर शव रख जाम लगा दिया। कोतवाल अरुण द्विवेदी भी फोर्स के साथ पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया। मुआवजे की मांग पर अड़े परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन से वार्ता की बात कही। पुलिस ने प्रबंधन से वार्ता की तो वह 5 हजार रुपये ही मुआवजे के लिए राजी हुए। गुस्साए परिजनों ने उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग के दूसरी लेन पर भी जाम लगाने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने लाठियां पटकीं तो दूसरी ओर से भी पत्थर चलने लगा। एक पत्थर ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव के सिर पर लगा। लेकिन हेलमेट लगा होेने से बाल-बाल बच गईं। वहीं पुलिस की लाठियों से जाम में शामिल शारदा के सिर में भी चोट आ गई। पथराव की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार व सीओ सिटी उमेश त्यागी मौके पर पहुंचे और प्रबंधतंत्र से वार्ता की। दोनों अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजे में 1 लाख रुपये दिलाए। तब जाकर हंगामा शांत हुआ। कोतवाल अरुण द्विवेदी ने बताया कि 1 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया है। परिजन शव लेकर चले गए। किसी पर कोई मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है।
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