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Unnao News: उन्नाव- घपले में सेवानिवृत्ति से दो दिन पहले सीवीओ निलंबित
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नोट:- आदरणीय गोविंद सर के ध्यानार्थ
पशु चिकित्सालयों के कायाकल्प में 10 लाख की गड़बड़ी, बैठक में नहीं दे पाए सवालों के जवाब
31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने से पहले हुई कार्रवाई से विभाग में खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। पशु चिकित्सालयों के कायाकल्प के लिए मिले 13.80 लाख बजट से रंग-रोगन करा कर कागजों पर खर्च दिखाकर घपले की जांच में पहले ही दोषी साबित हो चुके सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) को शासन स्तर से निलंबित कर दिया गया है।
बुधवार शाम को विभागीय बैठक में वह उच्चाधिकारियों के सवालों के जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीवीओ 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। डीएम ने बताया कि अभी उन्हें आदेश नहीं मिला है।
16 ब्लॉकों में पशुपालन विभाग के 12 चिकित्सालय और दो पशु केंद्र हैं। इनकी मरम्मत और रंग-रोगन के लिए मार्च 2025 में 13.80 लाख रुपये जारी हुए थे। काम की निगरानी और भुगतान की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग की थी। विभाग ने काम पूरा होने से पहले ही कार्यदायी संस्था को पूरा भुगतान कर दिया।
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शिकायत पर डीएम गौरांग राठी ने तीन सदस्यीय जांच टीम में जिला विकास अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन और कोषाधिकारी को शामिल करके जांच कराई। जांच अधिकारियों ने पाया कि शहर स्थित पशु चिकित्सालय में कोई भी काम कराए बिना 90 हजार का भुगतान कर दिया गया। सिकंदरपुर कर्ण के अचलगंज, सुमेरपुर सहित अन्य चिकित्सालय व केंद्रों में भी काम अधूरे मिले थे।
इसी तरह बिना टाइल्स लगाए ही भुगतान कर दिया गया। 30 रुपये की झाड़ू तीन सौ रुपये में और 100 रुपये के डस्टर को 1000 रुपये में खरीद दिखाई गई। इसी तरह खिड़कियों की मरम्मत नहीं मिली और ना ही फर्श ठीक कराई गई।
जांच टीम ने सरकारी धन की बर्बादी की रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। दोषी पाए जाने पर डीएम ने सीवीओ डॉ. महावीर सिंह के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी थी। बुधवार को लखनऊ में हुई विभागीय बैठक में उच्चाधिकारियों ने सीवीओ से जवाब तलब किया तो वह गोलमोल जवाब देते रहे। इसपर शासन स्तर से उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया गया।
डीएम गौरांग राठी ने बताया कि सोशल मीडिया पर इस तरह की सूचना चल रही थी, उच्चाधिकारियों से बात की तो बैठक में जवाब दे पाने पर कार्रवाई के लिए कहा गया है। हालांकि अभी इसका आदेश उन्हें नहीं मिला है।
12 पशु चिकित्सालयों के लिए मिले थे एक-एक लाख
औरास का शाहपुर तोंदा, सुमेरपुर का दौदापुर व सुमेरपुर, पुरवा का ममरेजपुर, मझिगवां सदकू, सिकंदरपुर कर्ण का अचलगंज, सिकंदरपुर सरोसी का रऊकरना, परियर, असोहा का नरसिंहपुर, औरास का देवतारा, हिलौली व नवाबगंज।
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इन दो पशु केंद्रों के लिए मिले थे 90-90 हजार
सुमेरपुर का भगवंतनगर व बिछिया का कोरारीकला
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पशु चिकित्सालयों के कायाकल्प में 10 लाख की गड़बड़ी, बैठक में नहीं दे पाए सवालों के जवाब
31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने से पहले हुई कार्रवाई से विभाग में खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। पशु चिकित्सालयों के कायाकल्प के लिए मिले 13.80 लाख बजट से रंग-रोगन करा कर कागजों पर खर्च दिखाकर घपले की जांच में पहले ही दोषी साबित हो चुके सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) को शासन स्तर से निलंबित कर दिया गया है।
बुधवार शाम को विभागीय बैठक में वह उच्चाधिकारियों के सवालों के जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीवीओ 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। डीएम ने बताया कि अभी उन्हें आदेश नहीं मिला है।
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16 ब्लॉकों में पशुपालन विभाग के 12 चिकित्सालय और दो पशु केंद्र हैं। इनकी मरम्मत और रंग-रोगन के लिए मार्च 2025 में 13.80 लाख रुपये जारी हुए थे। काम की निगरानी और भुगतान की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग की थी। विभाग ने काम पूरा होने से पहले ही कार्यदायी संस्था को पूरा भुगतान कर दिया।
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शिकायत पर डीएम गौरांग राठी ने तीन सदस्यीय जांच टीम में जिला विकास अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन और कोषाधिकारी को शामिल करके जांच कराई। जांच अधिकारियों ने पाया कि शहर स्थित पशु चिकित्सालय में कोई भी काम कराए बिना 90 हजार का भुगतान कर दिया गया। सिकंदरपुर कर्ण के अचलगंज, सुमेरपुर सहित अन्य चिकित्सालय व केंद्रों में भी काम अधूरे मिले थे।
इसी तरह बिना टाइल्स लगाए ही भुगतान कर दिया गया। 30 रुपये की झाड़ू तीन सौ रुपये में और 100 रुपये के डस्टर को 1000 रुपये में खरीद दिखाई गई। इसी तरह खिड़कियों की मरम्मत नहीं मिली और ना ही फर्श ठीक कराई गई।
जांच टीम ने सरकारी धन की बर्बादी की रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। दोषी पाए जाने पर डीएम ने सीवीओ डॉ. महावीर सिंह के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी थी। बुधवार को लखनऊ में हुई विभागीय बैठक में उच्चाधिकारियों ने सीवीओ से जवाब तलब किया तो वह गोलमोल जवाब देते रहे। इसपर शासन स्तर से उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया गया।
डीएम गौरांग राठी ने बताया कि सोशल मीडिया पर इस तरह की सूचना चल रही थी, उच्चाधिकारियों से बात की तो बैठक में जवाब दे पाने पर कार्रवाई के लिए कहा गया है। हालांकि अभी इसका आदेश उन्हें नहीं मिला है।
12 पशु चिकित्सालयों के लिए मिले थे एक-एक लाख
औरास का शाहपुर तोंदा, सुमेरपुर का दौदापुर व सुमेरपुर, पुरवा का ममरेजपुर, मझिगवां सदकू, सिकंदरपुर कर्ण का अचलगंज, सिकंदरपुर सरोसी का रऊकरना, परियर, असोहा का नरसिंहपुर, औरास का देवतारा, हिलौली व नवाबगंज।
इन दो पशु केंद्रों के लिए मिले थे 90-90 हजार
सुमेरपुर का भगवंतनगर व बिछिया का कोरारीकला