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बेअसर हुई बाजार बंदी
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:30 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के फैसले से नाराज कांग्रेसियों ने सोमवार को बाजार बंदी के बजाए पदयात्रा निकालकर जन-आक्रोश दिवस मनाया। बड़ी संख्या में कांग्र्रेस कार्यकर्ता व पदाधिकारी रोड पर निकले और विरोध जुलूस निकाला। सभी ने मोदी सरकार का पुतला भी जलाया। जुलूस के दौरान शहर में भीषण जाम लग गया। उधर, विपक्ष दलों के भारत बंद के फैसले को बेबुनियाद बताते हुए दुकानदारों ने कहा कि ग्राहक तो पहले से ही नहीं आ रहे, बंदी का उनके लिए को असर नहीं है।
कांग्रेस के जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहा कि नोट बंदी से हालात यह हैं कि धान की फसल किसान बेंच नहीं पा रहा और गेहूं की फसल तैयार नहीं कर पा रहा है। किसान व मजदूर का परिवार गंभीर स्थिति से गुजर रहा है। कहा कि ये कैसी विडंबना है कि जो आम आदमी अपनी मेहनत की कमाई बैंक में रखता है उसमें मोदी सरकार ने डाका डाल दिया। आल इंडिया कांग्रेस के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक डा. तारानंद सादा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर अपनी सरकारोें ने निर्णय लिए हैं। प्रदेश संगठन मंत्री व जिला प्रभारी अशोक धानविक ने कहा कि देश की हालत मोदी ने ऐसी बना दी है कि किसान के आंखों से आंसू बह रहे हैं। बैंकों की लाइन में लगकर सैकड़ों आम नागरिकों की मृत्यु हो गई है। इसके बाद जिले भर से आए सैकड़ों कांग्रेसियों ने जनाक्रोश मार्च निकालते हुए शास्त्री प्रतिमा ओवरब्रिज पर पहुंचकर मोदी सरकार का पुतला जलाया। पूर्व सांसद ने कहा कि हमारा विरोध प्रदर्शन जनता को कष्ट न हो इसलिए जनाक्रोश रैली का था न कि बाजारबंदी का था। कहा कि यह अफवाह तो भाजपाई रणनीतियों ने फैलाई कि बाजार बंदी का आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस के जुलूस के दौरान शहर के हरदोई पुल, शास्त्री पार्क, मोतीनगर चौराहा के अलावा शहर के मुख्य मार्ग पर जाम लगा रहा। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जुलूस में वीरप्रताप सिंह, हरि प्रसाद कुरील, कमल तिवारी, अमित शुक्ला, अनूप कुमार मेहरोत्रा, अनवर खुर्शीद, दिनेश शुक्ला, संजय निगम, विवेक शुक्ला, श्रीकांत दुबे, अनुराग सिंह, जंगबहादुर सिंह, विजय शंकर त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
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गंजमुरादाबाद में नोटबंदी के विरोध मे सोमवार को भारत बंद करने का आह्वान किया गया था। लेकिन नगर की बाजार सामान्य रूप से खुली रहीं। नगर में भारत बंद का जरा सा भी असर नही दिखाई दिया। बाजारबंदी का नगर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी बाजार बंदी का असर नहीं दिखाई दिया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष व कांग्रेेस नेता सतीश कुमार शुक्ला ने कचहरी स्थित अपने चेंबर में आक्रोश सभा का आयोजन किया। इसमें मोदी सरकार के नोट बंदी के फैसले को गलत ठहराते हुए इसका तत्काल निदान किए जाने की मांग की। इस मौके पर रश्मिमोहन अगिभनहोत्री, रितुराज सिंह, राधाकृष्ण मिश्र, बोधराज सिंह, संजय बाजपेई, मुकेश यादव, दुर्गेश द्विवेदी, सज्जन कुमार, प्रियंका भी मौजूद रहीं। उधर, पांच सौ और हजार के पुराने नोट बंद होने बाद लोगाें की समस्याएं अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि अब कैश भुगतान कम और जमा की प्रक्रिया पर बैंक अधिकारी अधिक बल दे रहे है। बैकिंग सूत्रों की मानी तो कई बैंक ऐसी है जो कैश होने के बावजूद ग्राहकों से यह कर उन्हें वापस कर रही है कि बैंक में कैश नहीं है और न ही कोई बैंक मुख्य सचिव के निर्देशों का पालन कर रहा है। जिसमें कहा गया था कि यदि किसी बैंक में कैश नहीं है तो उसकी नोटिस बैंक के बाहर चस्पा करे ताकि बाहर खड़े लोगों को अकारण लाइन में न लगना पड़े। वहीं सोमवार को भारत बंद का असर नगर में नहीं दिखा पोनीरोड, बिंदानगर, राजधानी मार्ग पर स्थित लगभग सभी दुकाने खुली रही। परचून दुकानदार शेख मोहम्मद, किराना व्यापारी महेंद्र गुप्ता, होजरी व्यापारी राकेश दीक्षित ने बताया कि बंदी का उनके लिए क्या मतलब जब पहले से ही ग्राहक नहीं आ रहे है नोटों के बंद होने के कारण दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है।
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