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चौहरे हत्याकांड के खुलासे पर उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sun, 08 May 2016 12:45 AM IST
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हत्याकांड का खुलासा करतीं एसपी
- फोटो : अमर उजाला
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मौरावां के धोबियनटोला में हुए चौहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने पड़ोसी युवक को इस हत्याकांड का दोषी बताया है। महिला और उसकी तीन बेटियों की जिस तरह से हत्या की गई उसमे अकेले युवक का हाथ, खुलासे की पूरी कहानी को संदिग्ध बता रहा है।
धोबियनटोला में चार मई को अनिवासीय भारतीय मनोज कुमार के बंद मकान में उसकी पत्नी सरिता और तीन बेटियों के क्षत-विक्षत शव मिले थे। बेरहमी से हत्या के बाद शवों को केमिकल से जलाया गया था। पुलिस ने हत्या के प्रयास में जेल से 15 दिन पहले छूटकर आए मनोज के पड़ोसी अनिल को शक के घेरे में लेकर हिरासत में ले लिया।
इसके बाद उसे पूर्े मामले का दोषी बताते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में मनोज ने चोरी के इरादे से मनोज के घर घुसने और बड़ी बेटी मोनिका के जग जाने पर पहले सिर पर ईंट से वारकर उसकी हत्या की।
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शोर सुनकर जगी उसकी मां सरिता उसके बगल में लेटी सबसे छोटी बेटी आस्था और आंगन में दूसरी चारपाई पर लेटी मंझली बेटी महिमा की सिर पर ईंट से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद अलमारी से 3110 रुपए, व कुछ जेवरात लूटने के बाद फरार हो गया।
प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने आरोपी अनिल को मीडिया के सामने किया। पुलिस की बताई गई कहानी को आरोपी बिंदुवार बताता चला गया। इससे पहले हुए खुलासों में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि आरोपी पुलिस की कही एक बात बोलता दिखा हो। मृतकों के कपड़े अस्त-व्यस्त मिलने व केमिकल से शव जलाने की बात को वह पूरी तरह दबा गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्य पुलिस के इस खुलासे पर सवाल खड़ा करते रहे। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि हत्याकांड में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी ने नकारा, आईजी ने स्वीकारा
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि आरोपी ने अकेले ही घटना को अंजाम देने की बात कही है। आईजी ए सतीश गणेश ने कहा कि यह काम किसी अकेले व्यक्ति का नहीं है। घटना में और कितने लोग शामिल हैं। इसके लिए पुलिस को कड़ी तफ्तीश करने के निर्देश दिए गए हैं। आईजी ने बताया कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद मौरावां में रहने वाले बहनोई के घर पहुंचा। उसे सहमा देख बहनोई को उस पर शक हो गया। बहनोई से ही आरोपी का मोबाइल नंबर मिला। सर्विलांस की मदद से आरोपी को अजगैन के नवाबगंज स्थित एक फार्म हाउस से गिरफ्तार कर लिया गया।
मृतका का पति व परिजन खुलासे से संतुष्ट नहीं
मृतका के पति मनोज ने खुद पुलिस के इस खुलासे पर सवाल उठाए हैं। उसने बताया कि पुलिस ने जो खुलासा किया वह सही नहीं है। एक व्यक्ति इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकता। आरोपी ने भी जो बयान दिए वह गले नहीं उतर रहे हैं। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों को भी सामने लाए और सही खुलासा करे। पत्नी सरिता और तीन बच्चियों के चेहरे केमिकल से जलाए गए है। पुलिस को सही जांच कर सही खुलासा करना होगा।
नेताओं ने दी सांत्वना
उधर घटना के चौथे दिन भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वालों का आना-जाना लगा रहा। सांसद साक्षी महराज भी मौरावां पहुंचे और मृतक के पति मनोज व अन्य परिजनों से मिले और सांत्वना दी। दोपहर बाद बीएसपी के जोनल क्वार्डिनेटर जितेंद्र वर्मा, मंडल क्वार्डिनेटर प्रदीप पासी, अशोक बाबी, चंद्रिका प्रसाद गौतम, बसपा जिलाध्यक्ष रामबिलास गौतम व विधानसभा क्षेत्र प्रभारी अनिल सिंह ने भी परिजनों से मिले। जोनल क्वार्डिनेटर ने बताया कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने घटना को संज्ञान में लेकर उन्हें यहां भेजा है।
पुलिस के खुलासे पर उठ रहे सवाल
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मां और बड़ी बेटी के सिर पर दो चोट, छोटी व मंझली के सिर पर एक-एक निशान
- आरोपी बोला मां और बड़ी बेटी के सिर पर ईंट से कई वार कर उतारा मौत के घाट
- आंगन में भरा मिला केमिकल भरा तसला, जिसमें डूबा था मग का आधा हिस्सा, सभी के चेहरे देखकर केमिकल से शव जलाने का परिजनों ने लगाया था आरोप
- आरोपी ने कपड़े अस्त-व्यस्त करने और केमिकल डालने की बात से किया इंकार, कहां से आया तसले में केमिकल
- मृतक सरिता की तकिए के नीचे मिले थे 10 हजार रुपए और बैंक की पास बुक, चोरी के इरादे से गए आरोपी ने नकदी क्यों नहीं उठाई।
- आंगन के सामने अलमारी पर भी पांच सौ रुपए की रखी थी नोटें, इन्हें क्यों नहीं ले गया आरोपी
- अलमारी के जेवरात बटोरे, मृतका के शरीर के जेवरात कैसे छोड़ दिए। लैपटाप, आईपैड और मोबाइल क्यों नहीं ले गया?
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धोबियनटोला में चार मई को अनिवासीय भारतीय मनोज कुमार के बंद मकान में उसकी पत्नी सरिता और तीन बेटियों के क्षत-विक्षत शव मिले थे। बेरहमी से हत्या के बाद शवों को केमिकल से जलाया गया था। पुलिस ने हत्या के प्रयास में जेल से 15 दिन पहले छूटकर आए मनोज के पड़ोसी अनिल को शक के घेरे में लेकर हिरासत में ले लिया।
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इसके बाद उसे पूर्े मामले का दोषी बताते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में मनोज ने चोरी के इरादे से मनोज के घर घुसने और बड़ी बेटी मोनिका के जग जाने पर पहले सिर पर ईंट से वारकर उसकी हत्या की।
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शोर सुनकर जगी उसकी मां सरिता उसके बगल में लेटी सबसे छोटी बेटी आस्था और आंगन में दूसरी चारपाई पर लेटी मंझली बेटी महिमा की सिर पर ईंट से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद अलमारी से 3110 रुपए, व कुछ जेवरात लूटने के बाद फरार हो गया।
प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने आरोपी अनिल को मीडिया के सामने किया। पुलिस की बताई गई कहानी को आरोपी बिंदुवार बताता चला गया। इससे पहले हुए खुलासों में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि आरोपी पुलिस की कही एक बात बोलता दिखा हो। मृतकों के कपड़े अस्त-व्यस्त मिलने व केमिकल से शव जलाने की बात को वह पूरी तरह दबा गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्य पुलिस के इस खुलासे पर सवाल खड़ा करते रहे। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि हत्याकांड में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी ने नकारा, आईजी ने स्वीकारा
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि आरोपी ने अकेले ही घटना को अंजाम देने की बात कही है। आईजी ए सतीश गणेश ने कहा कि यह काम किसी अकेले व्यक्ति का नहीं है। घटना में और कितने लोग शामिल हैं। इसके लिए पुलिस को कड़ी तफ्तीश करने के निर्देश दिए गए हैं। आईजी ने बताया कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद मौरावां में रहने वाले बहनोई के घर पहुंचा। उसे सहमा देख बहनोई को उस पर शक हो गया। बहनोई से ही आरोपी का मोबाइल नंबर मिला। सर्विलांस की मदद से आरोपी को अजगैन के नवाबगंज स्थित एक फार्म हाउस से गिरफ्तार कर लिया गया।
मृतका का पति व परिजन खुलासे से संतुष्ट नहीं
मृतका के पति मनोज ने खुद पुलिस के इस खुलासे पर सवाल उठाए हैं। उसने बताया कि पुलिस ने जो खुलासा किया वह सही नहीं है। एक व्यक्ति इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकता। आरोपी ने भी जो बयान दिए वह गले नहीं उतर रहे हैं। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों को भी सामने लाए और सही खुलासा करे। पत्नी सरिता और तीन बच्चियों के चेहरे केमिकल से जलाए गए है। पुलिस को सही जांच कर सही खुलासा करना होगा।
नेताओं ने दी सांत्वना
उधर घटना के चौथे दिन भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वालों का आना-जाना लगा रहा। सांसद साक्षी महराज भी मौरावां पहुंचे और मृतक के पति मनोज व अन्य परिजनों से मिले और सांत्वना दी। दोपहर बाद बीएसपी के जोनल क्वार्डिनेटर जितेंद्र वर्मा, मंडल क्वार्डिनेटर प्रदीप पासी, अशोक बाबी, चंद्रिका प्रसाद गौतम, बसपा जिलाध्यक्ष रामबिलास गौतम व विधानसभा क्षेत्र प्रभारी अनिल सिंह ने भी परिजनों से मिले। जोनल क्वार्डिनेटर ने बताया कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने घटना को संज्ञान में लेकर उन्हें यहां भेजा है।
पुलिस के खुलासे पर उठ रहे सवाल
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मां और बड़ी बेटी के सिर पर दो चोट, छोटी व मंझली के सिर पर एक-एक निशान
- आरोपी बोला मां और बड़ी बेटी के सिर पर ईंट से कई वार कर उतारा मौत के घाट
- आंगन में भरा मिला केमिकल भरा तसला, जिसमें डूबा था मग का आधा हिस्सा, सभी के चेहरे देखकर केमिकल से शव जलाने का परिजनों ने लगाया था आरोप
- आरोपी ने कपड़े अस्त-व्यस्त करने और केमिकल डालने की बात से किया इंकार, कहां से आया तसले में केमिकल
- मृतक सरिता की तकिए के नीचे मिले थे 10 हजार रुपए और बैंक की पास बुक, चोरी के इरादे से गए आरोपी ने नकदी क्यों नहीं उठाई।
- आंगन के सामने अलमारी पर भी पांच सौ रुपए की रखी थी नोटें, इन्हें क्यों नहीं ले गया आरोपी
- अलमारी के जेवरात बटोरे, मृतका के शरीर के जेवरात कैसे छोड़ दिए। लैपटाप, आईपैड और मोबाइल क्यों नहीं ले गया?