{"_id":"58a4a1114f1c1be164d83ca3","slug":"lee-was-the-tenth-day-of-the-wedding-hanging","type":"story","status":"publish","title_hn":"शादी के दसवें दिन ही लगा ली फांसी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शादी के दसवें दिन ही लगा ली फांसी
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
File photo of deceased
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के मोहल्ला इंद्रानगर निवासी विष्णु नारायण शुक्ल ने बेटी प्रियंका उर्फ रीमा (24) का विवाह 5 फरवरी को अजगैन थाना क्षेत्र के मुर्तजानगर निवासी अनुराग पांडेय से किया था। नौ फरवरी को चौथी पर प्रियंका मायके आई थी। 10 फरवरी को पति अनुराग उसे विदा करा ले गया। मृतका के भाई जितेंद्र के मुताबिक रविवार को अनुराग चुनावी ड्यूटी पर लखीमपुर खीरी चला गया। घर पर प्रियंका के अलावा उसकी सास, ससुर, जेठ, जेठानी व अन्य रिश्तेदार थे।
जितेंद्र का आरोप है कि ससुरालीजन कम दहेज मिलने का ताना देकर प्रियंका को प्रताड़ित करने लगे। प्रियंका ने रविवार दोपहर फोन करके भाई नृपेंद्र को बुलाया। नृपेंद्र अपनी पत्नी के साथ बहन की ससुराल पहुंचा। यहां प्रियंका ने भाई-भाभी को ससुरालीजनों के उत्पीड़न की जानकारी दी। इस पर नृपेंद्र ने बहन को साथ ले जाना चाहा तो सास ने मंगलवार को विदा करने को कहा। नृपेंद्र व उसकी पत्नी लौट गए। मंगलवार को नृपेंद्र बहन को ले आया। मंगलवार शाम प्रियंका ने मां सिद्धेश्वरी के साथ खाना खाया और लेट गई। रात लगभग 11 बजे प्रियंका शौच के लिए जाने की बात कहकर कमरे से निकली और दूसरे कमरे में जाकर दुपट्टे से फांसी लगा ली। प्रियंका के देर तक न लौटने पर मां देखने पहुंची तो दूसरे कमरे में पंखे के सहारे उसका शव फंदे से लटक रहा था। भाई की सूचना पर ससुरालीजन आ गए।
ससुरालीजनों का आरोप है कि यहां मायके पक्ष के लोगों ने उन पर प्रियंका के उत्पीड़न का आरोप लगाकर मारपीट शुरू कर दी। ससुर उमेश पांडेय की सूचना पर शहर कोतवाल आईपी सिंह पहुंचे और मामला बढ़ता देख ससुराल पक्ष के लोगों को कोतवाली भेज दिया। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतका के बड़े भाई जितेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल ने बताया कि ससुर समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जितेंद्र का आरोप है कि ससुरालीजन कम दहेज मिलने का ताना देकर प्रियंका को प्रताड़ित करने लगे। प्रियंका ने रविवार दोपहर फोन करके भाई नृपेंद्र को बुलाया। नृपेंद्र अपनी पत्नी के साथ बहन की ससुराल पहुंचा। यहां प्रियंका ने भाई-भाभी को ससुरालीजनों के उत्पीड़न की जानकारी दी। इस पर नृपेंद्र ने बहन को साथ ले जाना चाहा तो सास ने मंगलवार को विदा करने को कहा। नृपेंद्र व उसकी पत्नी लौट गए। मंगलवार को नृपेंद्र बहन को ले आया। मंगलवार शाम प्रियंका ने मां सिद्धेश्वरी के साथ खाना खाया और लेट गई। रात लगभग 11 बजे प्रियंका शौच के लिए जाने की बात कहकर कमरे से निकली और दूसरे कमरे में जाकर दुपट्टे से फांसी लगा ली। प्रियंका के देर तक न लौटने पर मां देखने पहुंची तो दूसरे कमरे में पंखे के सहारे उसका शव फंदे से लटक रहा था। भाई की सूचना पर ससुरालीजन आ गए।
विज्ञापन
ससुरालीजनों का आरोप है कि यहां मायके पक्ष के लोगों ने उन पर प्रियंका के उत्पीड़न का आरोप लगाकर मारपीट शुरू कर दी। ससुर उमेश पांडेय की सूचना पर शहर कोतवाल आईपी सिंह पहुंचे और मामला बढ़ता देख ससुराल पक्ष के लोगों को कोतवाली भेज दिया। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतका के बड़े भाई जितेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल ने बताया कि ससुर समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन