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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   After the arrest of SO-Daroga, stirred in health care

एसओ-दरोगा की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप

Thu, 17 May 2018 11:54 PM IST
unnao
unnao Updated Thu, 17 May 2018 11:54 PM IST
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उन्नाव। किशोरी से दुष्कर्म व उसके पिता की हत्या के मामले में तत्कालीन थानेदार व दरोगा की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। किशोरी के पिता के इलाज व मेडिकल में लापरवाही बरतने पर शासन ने सीएमएस व ईएमओ को निलंबित कर दिया था। अब दो पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद जिला अस्पताल के कुछ डाक्टर सीबीआई के निशाने पर होने की खासी चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई जल्द ही इनसे पूछताछ कर सकती है।
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सीबीआई ने माखी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अशोक सिंह भदौरिया व दरोगा कामता प्रसाद सिंह को बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया था। दोनों को किशोरी के पिता की हत्या की साजिश व साक्ष्यों को नजरअंदाज करने के आरोपों पर शासन ने निलंबित किया था। दो पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली है। विधायक प्रकरण में शासन ने सीएमएस डा. डीके द्विवेदी व ईएमओ डा. प्रशांत को लापरवाही के आरोप में पहले ही निलंबित कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में निलंबित व ड्यूटी पर मौजूद रहे डाक्टर सीबीआई के रडार पर हैं। जल्द ही इनसे पूछताछ हो सकती है।
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सीबीआई ने ली एक्सरे की मूल प्लेट
उन्नाव। विधायक प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई गुरुवार को पाक्सो कोर्ट पहुंची। सीबीआई ने जून 2017 में दर्ज कराए गए मुकदमा अपराध संख्या 316/17 में किशोरी के कराए गए एक्सरे की मूल प्लेट हासिल की। सीबीआई ने दो गवाहों के बयान की नकल भी ली है। दो दिन पहले सीबीआई ने बयान की नकल के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी।
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जेल के डाक्टरों के बयान पर जताई आपत्ति
उन्नाव। विधायक सेंगर प्रकरण में सीबीआई ने जेल के डाक्टरों के बयान पर आपत्ति जताई है। सीबीआई ने तीन दिन पूर्व किशोरी के पिता की हत्या के मामले में जेल के डाक्टरों से पहले से तय प्रारूप पर जवाब मांगा था। अधिकारी जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। सीबीआई के अधिकारियों ने डाक्टरों से तय प्रारूप पर जवाब कंप्यूटर से टाइप कराने के बाद सौंपने के लिए कहा है।

जिला अस्पताल के डाक्टरों से बयान लेने के बाद सीबीआई ने सोमवार को जेल के डाक्टरों से बयान मांगे थे। सीबीआई ने जेल के डाक्टरों का बयान लेने के लिए उन्हें एक लिफाफा उपलब्ध कराया था। मंगलवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने सीबीआई को बंद लिफाफों में डाक्टरों के बयान उपलब्ध कराए। सीबीआई ने इन बयानों पर आपत्ति जताई है। सीबीआई के अधिकारियों का कहना है कि डाक्टर अपने बयान तय प्रारूप पर कंप्यूटर से टाइप कराकर दें।
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