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प्रेमीयुगल ने खाया जहर, प्रेमी की मौत, प्रेमिका बची
Updated Thu, 19 Oct 2017 12:02 AM IST
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प्रेमी युगल ने खाया जहर, प्रेमी की मौत
उन्नाव। बिहार थानाक्षेत्र के एक गांव में प्रेमी-प्रेमिका ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे युवक की मौत हो गई। युवती का परिजनों ने गांव के ही एक डॉक्टर से इलाज कराया। युवती की हालत ठीक है। बुधवार सुबह प्रेमी का शव प्रेमिका के गांव के बाहर एक मंदिर के पीछे मिला। युवती के पिता की सूचना पर पहुंचे युवक के पिता ने जहर खिलाकर जान से मारने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। आरोप है कि युवती के परिजन युवक के 35 हजार रुपये और सोने की चेन ले गए हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
बिहार थानाक्षेत्र के गांव रामपुर लोन निवासी दीपू (20) पुत्र गौरीशंकर त्रिवेदी का पास के एक गांव के लोधी बिरादरी की युवती से करीब दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। विजातीय होने से दोनों के परिजन विरोध कर रहे थे। यह शादी के लिए तैयार नहीं थे। मंगलवार रात दीपू ने काफी देर तक अपने मोबाइल पर प्रेमिका से बात की। इसके बाद वह खाना खाकर सो गया। बुधवार तड़के वह बिना बताए घर से चला गया। प्रेमिका भी अपनी मां के साथ धान की फसल काटने के लिए खेत पर गई थी। धान की फसल काटने के दौरान युवती मां से कुछ देर में आने की बात कहकर चली गई। बिहार थाने से करीब एक किलोमीटर दूर एक देवी मंदिर के पीछे दोनों मिले। इन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया।
काफी देर तक बेटी वापस नहीं आई तो मां खोजते हुए मंदिर के पास पहुंची। बेटी और उसका प्रेमी बेहोशी की हालत में पड़े थे। दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना पर युवती के अन्य परिजन भी पहुंच गए। युवती के परिजनों ने युवक के मोबाइल से ही उसके घर वालों को जानकारी दी। दीपू के पिता गौरीशंकर ने बताया कि फोन आने के बाद जब वह पहुंचे तो बेटा पड़ा था। आसपास कोई नहीं था। सूचना पुलिस को देने के साथ ही बेटे को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दीपू दो भाइयों में छोटा था। वह ट्रैक्टर चालक था। बड़ा भाई कुलदीप उड़ीसा में रहकर काम करता है। बेटे की मौत से मां ऊषा सहित अन्य परिजनों का बुराहाल रहा।
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बिहार थानाध्यक्ष मो. अशरफ ने बताया कि मृतक के पिता गौरीशंकर ने जहर देकर जान से मारने, रुपये व चेन ले जाने का आरोप लगाया है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तो लड़की ने नहीं खाया जहर!
गौरीशंकर ने बताया कि बेटा दीपू खुद का ट्रैक्टर चलाता था। उसी की कमाई से घर चलता था। ट्रैक्टर से हुई जुताई के लगभग 35000 रुपये उसके पास थे। वह दो तोले की चेन पहने था। यह भी गायब है। गौरीशंकर के मुताबिक लड़की ने जहर खाया ही नहीं। बाद में दिखाने के लिए उसे कु छ खिला दिया होगा। इसी से उसे अच्छे अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में नहीं दिखाया।
- अंतरजातीय होने से परिजन कर रहे थे विरोध, प्रेमिका के गांव के बाहर खेत में मिला प्रेमी का शव, युवती का परिजनों ने गांव में ही कराया इलाज, युवक के परिजनों ने 35 हजार की नगदी और चेन ले जाने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। बिहार थानाक्षेत्र के एक गांव में प्रेमी-प्रेमिका ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे युवक की मौत हो गई। युवती का परिजनों ने गांव के ही एक डॉक्टर से इलाज कराया। युवती की हालत ठीक है। बुधवार सुबह प्रेमी का शव प्रेमिका के गांव के बाहर एक मंदिर के पीछे मिला। युवती के पिता की सूचना पर पहुंचे युवक के पिता ने जहर खिलाकर जान से मारने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। आरोप है कि युवती के परिजन युवक के 35 हजार रुपये और सोने की चेन ले गए हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
बिहार थानाक्षेत्र के गांव रामपुर लोन निवासी दीपू (20) पुत्र गौरीशंकर त्रिवेदी का पास के एक गांव के लोधी बिरादरी की युवती से करीब दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। विजातीय होने से दोनों के परिजन विरोध कर रहे थे। यह शादी के लिए तैयार नहीं थे। मंगलवार रात दीपू ने काफी देर तक अपने मोबाइल पर प्रेमिका से बात की। इसके बाद वह खाना खाकर सो गया। बुधवार तड़के वह बिना बताए घर से चला गया। प्रेमिका भी अपनी मां के साथ धान की फसल काटने के लिए खेत पर गई थी। धान की फसल काटने के दौरान युवती मां से कुछ देर में आने की बात कहकर चली गई। बिहार थाने से करीब एक किलोमीटर दूर एक देवी मंदिर के पीछे दोनों मिले। इन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया।
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काफी देर तक बेटी वापस नहीं आई तो मां खोजते हुए मंदिर के पास पहुंची। बेटी और उसका प्रेमी बेहोशी की हालत में पड़े थे। दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना पर युवती के अन्य परिजन भी पहुंच गए। युवती के परिजनों ने युवक के मोबाइल से ही उसके घर वालों को जानकारी दी। दीपू के पिता गौरीशंकर ने बताया कि फोन आने के बाद जब वह पहुंचे तो बेटा पड़ा था। आसपास कोई नहीं था। सूचना पुलिस को देने के साथ ही बेटे को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दीपू दो भाइयों में छोटा था। वह ट्रैक्टर चालक था। बड़ा भाई कुलदीप उड़ीसा में रहकर काम करता है। बेटे की मौत से मां ऊषा सहित अन्य परिजनों का बुराहाल रहा।
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बिहार थानाध्यक्ष मो. अशरफ ने बताया कि मृतक के पिता गौरीशंकर ने जहर देकर जान से मारने, रुपये व चेन ले जाने का आरोप लगाया है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तो लड़की ने नहीं खाया जहर!
गौरीशंकर ने बताया कि बेटा दीपू खुद का ट्रैक्टर चलाता था। उसी की कमाई से घर चलता था। ट्रैक्टर से हुई जुताई के लगभग 35000 रुपये उसके पास थे। वह दो तोले की चेन पहने था। यह भी गायब है। गौरीशंकर के मुताबिक लड़की ने जहर खाया ही नहीं। बाद में दिखाने के लिए उसे कु छ खिला दिया होगा। इसी से उसे अच्छे अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में नहीं दिखाया।
- अंतरजातीय होने से परिजन कर रहे थे विरोध, प्रेमिका के गांव के बाहर खेत में मिला प्रेमी का शव, युवती का परिजनों ने गांव में ही कराया इलाज, युवक के परिजनों ने 35 हजार की नगदी और चेन ले जाने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो