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डंपर से कुचलकर अधिवक्ता की मौत
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पुरवा। पिता की तेरहवीं के लिए खोया लेने जा रहे अधिवक्ता को डंपर ने टक्कर मार दी। जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद खुद अधिवक्ता ने बोलेरो का टायर पंचर होने और उसे बदलते वक्त डंपर द्वारा टक्कर मारने की जानकारी भाई को फोन पर दी थी। पिता की तेरहवीं के एक दिन पहले अधिवक्ता की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
ग्राम ऊंचगांव किला निवासी पूर्व प्रधान व अधिवक्ता उदयभान सिंह (50) के पिता जगपाल सिंह का पांच दिन पहले बीमारी से निधन हो गया था। 13 फरवरी को उनकी तेरहवीं होनी थी। शुक्रवार सुबह पांच बजे उदयभान अपनी बोलेरो से खोया लेने के लिए मिर्रीकला के लिए निकले। घर से पांच सौ मीटर दूर पुरवा-उन्नाव मार्ग पर नहर पुलिया पर बोलेरो का टायर पंचर हो गया। उदयभान किनारे खड़ा कर टायर बदलने लगे। इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। हिम्मत दिखा अधिवक्ता ने फोन से बड़े भाई चंद्रभान को हादसे की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे चंद्रभान समेत अन्य लोग उदयभान जिला अस्पताल लेकर भागे। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उदयभान सिंह की मौत से पत्नी श्यामला, बेटा उदित, बेटी आकांक्षा, हर्षिता का रोकर बुरा हाल है। पति की मृत्यु का दर्द अभी कम भी न पड़ा था कि बेटे की मौत से मां प्रेमा पर दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। उदयभान दो बार ग्राम प्रधान रहे। एक बार पत्नी को प्रधान बनाया। उनकी मौत की सूचना पर क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई।
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ग्राम ऊंचगांव किला निवासी पूर्व प्रधान व अधिवक्ता उदयभान सिंह (50) के पिता जगपाल सिंह का पांच दिन पहले बीमारी से निधन हो गया था। 13 फरवरी को उनकी तेरहवीं होनी थी। शुक्रवार सुबह पांच बजे उदयभान अपनी बोलेरो से खोया लेने के लिए मिर्रीकला के लिए निकले। घर से पांच सौ मीटर दूर पुरवा-उन्नाव मार्ग पर नहर पुलिया पर बोलेरो का टायर पंचर हो गया। उदयभान किनारे खड़ा कर टायर बदलने लगे। इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। हिम्मत दिखा अधिवक्ता ने फोन से बड़े भाई चंद्रभान को हादसे की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे चंद्रभान समेत अन्य लोग उदयभान जिला अस्पताल लेकर भागे। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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उदयभान सिंह की मौत से पत्नी श्यामला, बेटा उदित, बेटी आकांक्षा, हर्षिता का रोकर बुरा हाल है। पति की मृत्यु का दर्द अभी कम भी न पड़ा था कि बेटे की मौत से मां प्रेमा पर दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। उदयभान दो बार ग्राम प्रधान रहे। एक बार पत्नी को प्रधान बनाया। उनकी मौत की सूचना पर क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई।
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