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Unnao News: हरदोई रोड पुल पर कई जगह स्लैब और पिलर में दरारें, जंग खा रहा सरिया का जाल

Wed, 30 Jul 2025 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Wed, 30 Jul 2025 12:30 AM IST
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Cracks in slabs and pillars at many places on Hardoi Road bridge, mesh of rebar rusting.
उन्नाव। शहर के सबसे व्यस्ततम हरदोई रोड पुल की स्लैब दरक रही है। वहीं प्लास्टर और कंक्रीट टूट रही है। स्लैब की सरिया खुलने से स्लैब के जाल में जंग भी लग रही है। मालूम हो कि 39 साल पहले बने इस पुल की एक बार भी स्लैब और बेयरिंग आदि की मरम्मत नहीं हुई।
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वर्ष 1986 में शहर की कल्याणी रोड रेलवे क्राॅसिंग पर 20 करोड़ की लागत से पुल बना था। हरदोई रोड को जाने वाले मार्ग पर बने इस पुल से रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहन निकलते हैं। इनमें भारी वाहनों की संख्या ज्यादा होती है। पुल को बने 39 साल हो गए हैं। इतने सालों बाद भी पुल की कभी पूरी तरह से मरम्मत नहीं हुई, जबकि समय गुजरने के साथ पुल से आवागमन करने वाले वाहनों की संख्या बढ़ती गई। भारी वाहनों के 24 घंटे आवागमन से पुल लगातार कमजोर हो रहा है।
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पुल के निचले हिस्से में न तो कभी पिलर (कोठी) की मरम्मत हुई और न ही स्लैब की। वर्तमान समय में पुल की स्लैब दरकने लगी है। पानी का रिसाव होने से सरिया में जंग लग गई है। पिलर पर भी दरार नजर आ रही हैं। यही नहीं सरिया बाहर झांकने लगी हैं। ऐसे में पुल जर्जर अवस्था में पहुंच रहा है। पुल को अब नीचे से ऊपर तक पूरी तरह से दुरुस्त किया जाना जरूरी है।
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मरम्मत के लिए 2023 में शासन को भेजा गया डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव

लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2023 में पुल का सर्वे कराया था। इस दौरान पुल का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त पाया गया था। इसके बाद मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है।



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हर छह माह में पुल की सड़क की होती है मरम्मत

जब पुल का डिजाइन तैयार हुआ था, उस समय यहां से पांच से छह सौ वाहनों का आवागमन होता था। आज इस पुल से करीब एक हजार वाहन रोजाना आवागमन करते हैं। इनमें भारी वाहनों की संख्या सात सौ से आठ सौ के आसपास है। यातायात अधिक होने से पुल की सड़क अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऐसे में इसकी मरम्मत तो हर छह माह में करा दी जाती है, लेकिन निचले हिस्से के लिए बजट नहीं मिल पा रहा है।


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यह सही है कि पुल का निचला हिस्सा कमजोर हो रहा है। पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी। अब नए सिरे से वार्षिक कार्ययोजना में डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव को शामिल किया है। की मांग की गई है। मरम्मत शुरू करा दी जाएगी।
सुबोध कुमार, एक्सईएन पीडब्लूडी निर्माणखंड।
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