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बांदा के सीओ और शाहजहांपुर के एसओ के खिलाफ वारंट

Thu, 28 Oct 2021 06:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 06:06 PM IST
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उन्नाव/चकलवंशी। बांदा के बबेरू सर्किल के सीओ व शाहजहांपुर के रोजा थाना में तैनात एसओ के खिलाफ न्यायालय ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। ढाई साल पहले आसीवन थाने में तैनाती के दौरान महिला का जला हुआ शव मिलने की घटना में दोनाें की गलत विवेचना से एक बेकसूर को 14 महीने जेल में बिताने पड़े थे। बाद में जिस महिला की हत्या में युवक को जेल भेजा गया था वह जीवित मिली थी। कोर्ट द्वारा कई बार सम्मन भेजने के बाद भी दोनों हाजिर नहीं हुए।
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आसीवन थाना क्षेत्र के शेरपुरकला गांव के पास 2 अप्रैल 2018 को एक अज्ञात महिला का जला हुआ शव पुलिस ने बरामद किया था। महिला की फोटो, कपड़े व ज्वैलरी से जुराखनखेड़ा निवासी योगेंद्र ने शव की पहचान अपनी पत्नी श्रद्धा के रूप में करते हुए पड़ोस में रहने वाले दिव्यांग प्रमोद वर्मा पर पत्नी को बहलाकर ले जाने और उसकी हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के समय तत्कालीन थाना प्रभारी सियाराम वर्मा ने विवेचना के दौरान प्रमोद को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। इसी बीच सियाराम का स्थानांतरण होने पर निरीक्षक जयशंकर को थाने का चार्ज मिला था। जयशंकर ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। 6 अक्तूबर 2020 को योगेंद्र के घर उसकी पत्नी श्रद्धा के नाम का आधार कार्ड पहुंचा। तत्कालीन एसओ राजेश सिंह ने आधार कार्ड की जांच की तो पता चला कि श्रद्धा जीवित है और महाराष्ट्र के अहमदनगर में नौकरी कर रही है। उसने ही घर के पते से आधार कार्ड का आवेदन किया था।
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जांच के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश सिंह ने उसके परिवार के चार लोगों का डीएनए परीक्षण कराया। जली महिला के डीएनए से परिवार के किसी सदस्य का डीएनए मैच नहीं हुआ। शक यकीन में बदलते ही एसओ राजेश सिंह ने 13 अक्तूबर 2020 को श्रद्धा को ढूंढ निकाला। हालांकि महिला के जीवित मिलने से कुछ माह पहले उसकी हत्या में जेल भेजा गया प्रमोद वर्मा 14 माह की जेल काटकर जमानत पर छूट गया था। इसी मुकदमे में कोर्ट ने विवेचना में गड़बड़ी पाए जाने पर तत्कालीन थाना प्रभारी सियाराम व निरीक्षक जयशंकर को कई बार सम्मन भेजकर कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए। दोनों के हाजिर न होने पर अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने गैरजमानती वारंट जारी कर पुलिस को दो नवंबर तक दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। थाना प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि कोर्ट में हाजिर न होने पर पूर्व आसीवन एसओ सियाराम व जयशंकर सिंह के खिलाफ न्यायालय ने गैरजमानती वारंट जारी किया है।
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