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बुखार बना काल, 24 दिनों में 46 को लीला

Mon, 24 May 2021 12:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 May 2021 12:16 AM IST
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corona
सफीपुर। बुखार व सांस लेने में तकलीफ होने पर तहसील क्षेत्र में 24 दिनों में 46 लोगों की मौत हो गई। मौतों से लोगों में दहशत हैं। स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था न होने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालत गंभीर होने पर कई लोगों ने निजी अस्पतालों का सहारा लिया लेकिन मरीज को नहीं बचा सके।
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तहसील क्षेत्र के मोहल्ला कजियाना निवासी अनीसा (45) की सबसे पहले 22 अप्रैल को बुखार से मौत हुई थी। उसके बाद शमीम (47), बदरुद्दीन (48), रशीदा (60), रसूलबख्श (52), नूरमोहम्मद (33), लुकमान (45), तहरीर (50), शहनाज (42), शमा (40), अनीशा बेगम (42), वीरेंद्र सिंह (40), उनवा गांव की सरला रावत (44), फतेहपुर के राजेंद्र प्रसाद (48), मिर्जापुर की शांती (48), विधा देवी (45), कीर्ति प्रकाश (49), गौरव गुप्ता (28), सरायसुबेदार के देवी प्रसाद गुप्ता (62), देवगांव के सत्यराम गौड़ (60) राहतगंज बाजार के आयुष गुप्ता (28), रेनू गुप्ता (40), दरौली के मोहम्मद खालिद (52), राशिदा (48), अंजली सक्सेना (42), सबा जरीन (40), उमेश कुमार (38), साधना सिंह (40), सराय सूबेदार के त्रिमोहन (55), सुरेश मास्टर (62), पावा के अशोक गौतम (50), सकहन राजपूतान के सुशील (35), अनुज कुमार (37), सुनील कुमार (28), रामदुकारी (45), जगदेई (50), जगपाल (65), फाजिलपुर के छोटा लोध (48), पुतान (45), महदेई (59), रजाना (61), माथर की पार्वती देवी (46), अटवा मोहल्ला ओसिया की स्वर्णलता (40), हाता बाजार के फैजान अली (48), सैय्यदवाड़ा के फारुख असकरी (48) व फाजिलपुर के कल्लू (52) की 16 मई को आखिरी मौत हुई।
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क्या कहते हैं नगर पंचायत अध्यक्ष
नगर पंचायत अध्यक्ष नसीम अहमद ने बताया कि संक्रमण से प्रभावित मोहल्ले लगातार सैनिटाइज कराए जा रहे हैं। दवा किटों का भी वितरण हो रहा है। यदि किसी के यहां मरीज है तो वह समय से डॉक्टर को दिखाएं। हालत गंभीर होने से ही परेशानी हो रही है।
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बोले प्रभारी चिकित्साधिकारी
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि ऑक्सीजन व पर्याप्त संसाधन न होने से मरीजों को रेफर करना मजबूरी बन जाता है। सीएचसी में जो संभव है इलाज किया जाता है। कोविड जांच के साथ टीकाकरण भी कराया जा रहा है।
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