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ठंड ने तोड़ा रिकार्ड, 48 साल बाद अधिकतम तापमान 9.6

Tue, 31 Dec 2019 12:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2019 12:39 AM IST
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Cold breaks record, maximum temperature 9.6 after 48 years
उन्नाव। ठंड ने 48 साल बाद रिकार्ड तोड़ा है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार अधिकतम तापमान में इतनी गिरावट 1971 में हुई थी। जबकि चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान में हुई 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट ने लोगों को दिनभर कंपाए रखा। लगातार दूसरे दिन धूप न निकलने से ठंड का प्रकोप और तेज हो गया। गलन से लोग कांपते रहे। राह से गुजरते लोगों ने जहां भी आग जलते देखी रुक कर हाथ सेंकने से खुद को नहीं रोक पाए।
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रविवार को पूरे दिन सूरज बादलों की ओट में रहे थे। दोपहर 3 बजे के बाद एक बार हल्की धूप निकली लेकिन वह राहत नहीं दे सकी। सोमवार को भी यही मौसम बना रहा। 1.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं से ठंड में इजाफा हो गया। सूरज बादलों की ओट में छिपा रहा। गलन बढ़ने से लोग परेशान रहे। हाड़कंपाऊ ठंड के कारण लोग घरों में ही दुबकने को मजबूर हुए। वहीं, बाहर निकले लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर निकले। गलन से हाथ-पैर की अंगुलियां सुन्न हो गईं। शाम ढलते ही सड़कों व बाजारों में सन्नाटा छा गया। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखी गई। रविवार को जहां अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस था वहीं सोमवार को घटकर 9.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। न्यूनतम तापमान तो 4.6 डिग्री सेल्सियस से घटकर 1.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
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उपनिदेशक कृषि डॉ. नंदकिशोर ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के वैज्ञानिकों ने आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहने का अनुमान जताया है। साथ ही 1 व 2 जनवरी को हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. नौशाद खान ने बताया कि अधिकतम तापमान में इतनी गिरावट 48 साल बाद हुई है। बताया कि इससे पहले 1971 में 30 दिसंबर को अधिकतम तापमान इतना ही रहा था।
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कोहरे से ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बिगड़ गया है। रात को जाने वाली गाड़ियां दोपहर बाद तक नहीं पहुंच रही हैं। सोमवार को ऊंचाहार एक्सप्रेस डाउन अपने निर्धारित समय से 10 घंटे लेट रहीं। ट्रेनों की लेटलतीफी से बेहाल कई यात्रियों ने अपनी टिकटें वापस कर दीं। इसके अलावा कैफियत एक्सप्रेस 13 घंटे, ग्वालियर-बरौनी 9 घंटे, नीलांचल 7 घंटे, कोचीन एक्सप्रेस व प्रतापगढ़ इंटरसिटी 5 घंटे समेत पुष्पक एक्सप्रेस 3 घंटे से अधिक समय तक लेट रहीं।

कृषि विज्ञान केंद्र धौरा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि रबी की फसलों के लिए मौसम अनुकूल है। हालांकि लगातार ठंड से गेहूं, सरसों और आलू की फसल को पाला से नुकसान होने का खतरा है। किसान भाई आलू, सरसों और गेहूं की फसल की हल्की सिंचाई कर दें। अगर सूर्यास्त के बाद खेत के आसपास धुआं कर दें तो फसल पर पाला का प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि चना, मटर व रबी सीजन की अन्य फसलों के लिए मौसम अनुकूल है।
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