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यूरिया के लिए मारामारी मची
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बिछिया के घूरखेत समिति में खाद के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। गेहूं की फसल के लिए किसानों को फिर यूरिया नहीं मिल रही है। ज्यादातर समितियों में ताला लटक रहा है। कुछ समितियों में स्टाक है तो वहां किसानों को लंबी लाइन लग रही है। खाद के लिए किसानों में धक्कामुक्की हो रही है।
सफीपुर विकासखंड में सात साधन सहकारी समितियां हैं। ग्राम पंचायत सफीपुर ग्रामीण की अहाता, देवगांव, दरौली, अतहा, नौबतपुर समितियों पर खाद उपलब्ध न होने के कारण ताला लटक रहा है। किसान वापस लौट रहे हैं। अहाता समिति के सचिव कमल कुमार दीक्षित ने बताया कि यूरिया नहीं है। आर्डर लगा है। सोमवार तक आने की संभावना है।
पुरवा क्षेत्र की पांच साधन सहकारी समितियों में पासाखेड़ा, तुसरौर, मिर्जापुर सुम्हारी, दरेहटा, चमियानी व पीसीएफ तुसरौर में यूरिया नहीं है। एडीओ सहकारिता आशीष कुमार ने बताया कि खाद न होने समितियों में सन्नाटा है।
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हसनगंज क्षेत्र के लखनापुर, संदाना, मूसेपुर, धौरा, मोहान व मोहनीखेड़ा सहित 10 समितियों में एक सप्ताह से यूरिया का संकट है। किसान आनंद, जय सिंह, अशर्फी व उदयभान शर्मा ने बताया कि गेहूं की फसल में डालने के लिए यूरिया की बहुत जरूरत है। केंद्र के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। एडीओ कोआपरेटिव प्रमोद शर्मा ने बताया कि डिमांड लगी है।
बिछिया ब्लॉक के गांव ओरहर, बिछिया, घूरखेत, जरगांव, जमुका व कुईथर आदि समितियों में यूरिया का स्टॉक पहुंचने पर शनिवार सुबह से ही किसानों की भीड़ लिगनी शुरू हो गई। बिछिया समिति पर दोपहर में भीड़ बढ़ जाने से किसानों में खाद लेने को लेकर धक्कामुक्की होती रही। इस कारण कुछ समय के लिए खाद वितरण बंद करना पड़ा। सचिव संदीप दीक्षित ने किसानों को शांत कराकर खाद का वितरण शुरू कराया।
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सफीपुर विकासखंड में सात साधन सहकारी समितियां हैं। ग्राम पंचायत सफीपुर ग्रामीण की अहाता, देवगांव, दरौली, अतहा, नौबतपुर समितियों पर खाद उपलब्ध न होने के कारण ताला लटक रहा है। किसान वापस लौट रहे हैं। अहाता समिति के सचिव कमल कुमार दीक्षित ने बताया कि यूरिया नहीं है। आर्डर लगा है। सोमवार तक आने की संभावना है।
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पुरवा क्षेत्र की पांच साधन सहकारी समितियों में पासाखेड़ा, तुसरौर, मिर्जापुर सुम्हारी, दरेहटा, चमियानी व पीसीएफ तुसरौर में यूरिया नहीं है। एडीओ सहकारिता आशीष कुमार ने बताया कि खाद न होने समितियों में सन्नाटा है।
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हसनगंज क्षेत्र के लखनापुर, संदाना, मूसेपुर, धौरा, मोहान व मोहनीखेड़ा सहित 10 समितियों में एक सप्ताह से यूरिया का संकट है। किसान आनंद, जय सिंह, अशर्फी व उदयभान शर्मा ने बताया कि गेहूं की फसल में डालने के लिए यूरिया की बहुत जरूरत है। केंद्र के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। एडीओ कोआपरेटिव प्रमोद शर्मा ने बताया कि डिमांड लगी है।
बिछिया ब्लॉक के गांव ओरहर, बिछिया, घूरखेत, जरगांव, जमुका व कुईथर आदि समितियों में यूरिया का स्टॉक पहुंचने पर शनिवार सुबह से ही किसानों की भीड़ लिगनी शुरू हो गई। बिछिया समिति पर दोपहर में भीड़ बढ़ जाने से किसानों में खाद लेने को लेकर धक्कामुक्की होती रही। इस कारण कुछ समय के लिए खाद वितरण बंद करना पड़ा। सचिव संदीप दीक्षित ने किसानों को शांत कराकर खाद का वितरण शुरू कराया।