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आफत की बारिश, ठंड का सितम, घरों में दुबके
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बारिश के दौरान कुछ इस तरह शॉल ओढ़कर बचाव करतीं युवतियां।संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। बुधवार रात से शुरू हुई बरसात रुक-रुककर पूरे दिन होती रही। इस कारण सड़कों, दफ्तरों और बाजारों में सन्नाटा रहा। लगातार हो रही बारिश से पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई। इससे ठिठुरन और गलन बढ़ गई। लोग घरों में ही दुबके रहे। कई स्थानों पर फाल्ट के कारण बिजली गुल रही। बरसात से सरसों और आलू की फसल को नुकसान हुआ है।
बुधवार को अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस था। गुरुवार को पारा 19 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री पर ही रहा। पूरे दिन धूप नहीं निकली। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। हालांकि सरसों व आलू को नुकसान पहुंच सकता है। बुधवार शाम से गुरुवार सुबह आठ बजे तक पांच एमएम बारिश हुई। सफीपुर में चार और सदर में एक मिमी बारिश हुई।
पुरवा में पूरे दिन बारिश होने से लोग घरों में ही रहे। कस्बा समेत चारों फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप रही। मंडी में आढ़तियों द्वारा खरीदा गया बासमती देहरादून धान खुले में लगा होने से बारिश में भीग गया। आढ़ती अंसार मंसूरी, आरिफ व ओम प्रकाश ने कहा कि बाहर खरीदा गया धान लगा था। उसे बचाने के लिए तिरपाल डाला था लेकिन फिर भी धान भीग गया। साधन सहकारी समिति बेहटा भवानी में बारिश के चलते गुरुवार को धान खरीद नहीं हो सकी। जेई अशोक पाल ने बताया कि चमियानी फीडर की ट्राली जल जाने की वजह से आपूर्ति बाधित रही।
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मौरावां में पूरे दिन बारिश होने से लोग कामधंधे पर नहीं जा सके। साप्ताहिक बाजारों हिलौली अकोहरी मवई में व्यापारी नहीं पहुंचे। किसान रतीपाल, पूरनदास व रामशंकर ने बताया कि खेतों में खड़ी पकी सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं भट्ठों में खुली पड़ी लार्खों इंट भी भींग गईं।
गंजमुरादाबाद की ग्राम पंचायत नसिरापुर में एसडीएम अंकित शुक्ला ने अपनी उपस्थिति में गोशाला का संचालन तो शुरू करा दिया लेकिन गोवंशों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया। न तो खाने के लिए चारे का समुचित इंतजाम है और न ही सर्दी से बचने की कोई व्यवस्था। गुरुवार की बारिश में मवेशी बाहर खुले में भीगते रहे। एसडीएम ने कहा कि एक दो दिन में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।
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बुधवार को अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस था। गुरुवार को पारा 19 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री पर ही रहा। पूरे दिन धूप नहीं निकली। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। हालांकि सरसों व आलू को नुकसान पहुंच सकता है। बुधवार शाम से गुरुवार सुबह आठ बजे तक पांच एमएम बारिश हुई। सफीपुर में चार और सदर में एक मिमी बारिश हुई।
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पुरवा में पूरे दिन बारिश होने से लोग घरों में ही रहे। कस्बा समेत चारों फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप रही। मंडी में आढ़तियों द्वारा खरीदा गया बासमती देहरादून धान खुले में लगा होने से बारिश में भीग गया। आढ़ती अंसार मंसूरी, आरिफ व ओम प्रकाश ने कहा कि बाहर खरीदा गया धान लगा था। उसे बचाने के लिए तिरपाल डाला था लेकिन फिर भी धान भीग गया। साधन सहकारी समिति बेहटा भवानी में बारिश के चलते गुरुवार को धान खरीद नहीं हो सकी। जेई अशोक पाल ने बताया कि चमियानी फीडर की ट्राली जल जाने की वजह से आपूर्ति बाधित रही।
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मौरावां में पूरे दिन बारिश होने से लोग कामधंधे पर नहीं जा सके। साप्ताहिक बाजारों हिलौली अकोहरी मवई में व्यापारी नहीं पहुंचे। किसान रतीपाल, पूरनदास व रामशंकर ने बताया कि खेतों में खड़ी पकी सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं भट्ठों में खुली पड़ी लार्खों इंट भी भींग गईं।
गंजमुरादाबाद की ग्राम पंचायत नसिरापुर में एसडीएम अंकित शुक्ला ने अपनी उपस्थिति में गोशाला का संचालन तो शुरू करा दिया लेकिन गोवंशों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया। न तो खाने के लिए चारे का समुचित इंतजाम है और न ही सर्दी से बचने की कोई व्यवस्था। गुरुवार की बारिश में मवेशी बाहर खुले में भीगते रहे। एसडीएम ने कहा कि एक दो दिन में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।