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रोहिंग्या की पत्नी से पूछताछ, दस्तावेज ले गई एटीएस
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शहर के कासिम नगर से पकड़े गए शाहिद के घर के बाहर खड़े एटीएस के वाहन।
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। म्यांमार के लोगों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बांग्लादेश बार्डर से भारत लाकर स्लाटर हाउसों में नौकरी दिलाने व उनसे रुपयों की वसूली की जांच में जुटी एटीएस दूसरे दिन भी उन्नाव पहुंची।
रविवार को यहां से पकड़े गए रोहिंग्या शाहिद की पत्नी से एटीएस ने कई बिंदुओं पर घंटों पूछताछ की। सोमवार को घर से मिले कुछ और अहम दस्तावेजों को टीम अपने साथ लेकर चली गई। आरोपी की पत्नी ने पति के कारनामों से खुद को अनजान बताया।
एटीएस टीम ने रविवार को कासिम नगर स्थित मोहम्मद इदरीश के मकान से शाहिद को पकड़ा था। इस मकान में दस किरायेदार रहते हैं। शाहिद पत्नी हसीना खातून व चार बच्चों के साथ पांच माह से किराये पर रह रहा था। शाहिद की गिरफ्तारी के बाद दूसरे दिन सोमवार को एटीएस फिर से उसके घर पहुंची और पत्नी से पूछताछ की।
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पत्नी ने बताया कि उसकी बहन अलीगढ़ के पुराने बिजली घर में रहकर एक स्लाटर हाउस में काम करती थी। वह भी बहन के साथ स्लाटर हाउस में काम करने लगी। आठ वर्ष पहले स्लाटर हाउस में ही उसकी मुलाकात शाहिद से हुई थी। शाहिद ने खुद को अलीगढ़ का निवासी बताकर अपना आधार कार्ड दिखाया था।
वह पांच साल से उन्नाव में विभिन्न जगहों पर रह रही है। पांच माह पहले पति उसे शहर के कासिम नगर स्थित किराये के मकान में लेकर आया था। पति कभी भी उसे अपने पैतृक घर नहीं ले गया। सूत्रों के अनुसार हसीना खातून से पूछताछ के बाद एटीएस ने उसके घर की तलाशी ली। कई और अहम दस्तावेज कब्जे में लेकर चली गई।
कमरों में दुबके रहे किरायेदार
एटीएस के दूसरे दिन कासिम नगर पहुंचने पर लोगों में दहशत दिखी। दोपहर बाद दो वाहनों से एटीएस वहां पहुंची। मकान में रहने वाले किरायेदार घरों में ही दुबके रहे। आसपास दुकानों पर मौजूद लोग भी वहां से खिसक गए।
गच्चा देकर भाग निकला था साथी
म्यांमार के रहने वाला रोहिंग्या शाहिद अचलगंज के बंथर स्थित जिस स्लाटर हाउस से पकड़ा गया। वहां उसने अन्य विदेशियों को को भी लगा रखा है। उसने सभी के आधार कार्ड अलीगढ़ के पते से बनवाए हैं। फैक्टरी से मिली जानकारी के अनुसार एटीएस ने जिस वक्त शाहिद को पकड़ने के लिए दबिश दी, उसका दूसरा साथी पीछे के रास्ते से भाग निकला। बताया गया है कि एटीएस ने स्लाटर हाउस में काम करने वाले मजदूरों का ब्योरा फैक्टरी प्रबंधन से तलब किया है।
पत्नी के नाम पर मिले दो पासपोर्ट
रोहिंग्या शाहिद के घर से मिले आठ पासपोर्ट में दो उसकी पत्नी के नाम हैं। दूसरे दिन पत्नी से हुई पूछताछ में एटीएस ने इस बिंदु पर उससे कई चक्रों में सवाल किए। पत्नी ने बताया कि जिस बैग से एटीएस को दस्तावेज बरामद हुए हैं, वह उसका नहीं बल्कि शाहिद का है। उसे दस्तावेजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि पुलिस शाहिद की पत्नी को भी हिरासत में ले सकती है।
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रविवार को यहां से पकड़े गए रोहिंग्या शाहिद की पत्नी से एटीएस ने कई बिंदुओं पर घंटों पूछताछ की। सोमवार को घर से मिले कुछ और अहम दस्तावेजों को टीम अपने साथ लेकर चली गई। आरोपी की पत्नी ने पति के कारनामों से खुद को अनजान बताया।
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एटीएस टीम ने रविवार को कासिम नगर स्थित मोहम्मद इदरीश के मकान से शाहिद को पकड़ा था। इस मकान में दस किरायेदार रहते हैं। शाहिद पत्नी हसीना खातून व चार बच्चों के साथ पांच माह से किराये पर रह रहा था। शाहिद की गिरफ्तारी के बाद दूसरे दिन सोमवार को एटीएस फिर से उसके घर पहुंची और पत्नी से पूछताछ की।
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पत्नी ने बताया कि उसकी बहन अलीगढ़ के पुराने बिजली घर में रहकर एक स्लाटर हाउस में काम करती थी। वह भी बहन के साथ स्लाटर हाउस में काम करने लगी। आठ वर्ष पहले स्लाटर हाउस में ही उसकी मुलाकात शाहिद से हुई थी। शाहिद ने खुद को अलीगढ़ का निवासी बताकर अपना आधार कार्ड दिखाया था।
वह पांच साल से उन्नाव में विभिन्न जगहों पर रह रही है। पांच माह पहले पति उसे शहर के कासिम नगर स्थित किराये के मकान में लेकर आया था। पति कभी भी उसे अपने पैतृक घर नहीं ले गया। सूत्रों के अनुसार हसीना खातून से पूछताछ के बाद एटीएस ने उसके घर की तलाशी ली। कई और अहम दस्तावेज कब्जे में लेकर चली गई।
कमरों में दुबके रहे किरायेदार
एटीएस के दूसरे दिन कासिम नगर पहुंचने पर लोगों में दहशत दिखी। दोपहर बाद दो वाहनों से एटीएस वहां पहुंची। मकान में रहने वाले किरायेदार घरों में ही दुबके रहे। आसपास दुकानों पर मौजूद लोग भी वहां से खिसक गए।
गच्चा देकर भाग निकला था साथी
म्यांमार के रहने वाला रोहिंग्या शाहिद अचलगंज के बंथर स्थित जिस स्लाटर हाउस से पकड़ा गया। वहां उसने अन्य विदेशियों को को भी लगा रखा है। उसने सभी के आधार कार्ड अलीगढ़ के पते से बनवाए हैं। फैक्टरी से मिली जानकारी के अनुसार एटीएस ने जिस वक्त शाहिद को पकड़ने के लिए दबिश दी, उसका दूसरा साथी पीछे के रास्ते से भाग निकला। बताया गया है कि एटीएस ने स्लाटर हाउस में काम करने वाले मजदूरों का ब्योरा फैक्टरी प्रबंधन से तलब किया है।
पत्नी के नाम पर मिले दो पासपोर्ट
रोहिंग्या शाहिद के घर से मिले आठ पासपोर्ट में दो उसकी पत्नी के नाम हैं। दूसरे दिन पत्नी से हुई पूछताछ में एटीएस ने इस बिंदु पर उससे कई चक्रों में सवाल किए। पत्नी ने बताया कि जिस बैग से एटीएस को दस्तावेज बरामद हुए हैं, वह उसका नहीं बल्कि शाहिद का है। उसे दस्तावेजों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि पुलिस शाहिद की पत्नी को भी हिरासत में ले सकती है।