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आरोप : घूस न देने पर लेखपाल ने रोका आवास का निर्माण
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बांगरमऊ। 10 हजार की घूस न देने पर लेखपाल ने खंभौली निवासी दिव्यांग मनोज के निर्माणाधीन मुख्यमंत्री आवास का निर्माण रुकवा दिया। जमीन को पशुचर की बताया। पीड़ित ने चार दिन में न्याय न मिलने पर आत्मदाह की धमकी दी है।
माह के पहले संपूर्ण तहसील समाधान दिवस में डीएम गौरांग राठी व एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा बांगरमऊ सभागार पहुंचे। ग्राम आशायस निवासी सरोज, शुशांत,अमित आदि ने अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगवाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति कराने की मांग की। शिकायतकर्ता महिला ने पत्र देकर बताया कि एक जुलाई को वह खेतों की ओर गई थी। लौटते समय गांव के एक व्यक्ति ने पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगा। घर पहुंचने पर आरोपित अपने परिजनों के साथ लाठी-डंडे लेकर आ गया और उसके साथ मारपीट की। बताया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
बाजीपुरवा निवासी लक्ष्मीनारायण ने पूर्व प्रधान पति पर साथियों के साथ मिलकर ग्राम समाज की भूमि से बबूल के पेड़ कटवाकर डेढ़ लाख में बेचने का आरोप लगाया। गोसाक़ुतुब निवासी सुनीता ने लेखपाल पर भू माफियाओं को अवैध निर्माण कराने व घूस मांगने का आरोप लगाया। राजकीय हाईस्कूल बेरियागाड़ा के प्रधानाचार्य रामचंद्र सिंह ने प्रार्थनापत्र देकर बताया कि गांव का गंदा पानी विद्यालय परिसर से निकलता है। इससे लगभग 100 ट्रॉली मिट्टी बह गई। विद्यालय के मुख्य द्वार व सड़क के बीच गहरा नाला हो गया है। छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने पाइप डालकर पानी दूसरी तरफ खाली जमीन से निकालने की मांग की।
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कुल 308 प्रार्थनापत्रों में से 24 का मौके पर निस्तारण हो सका। समाधान दिवस के बाद डीएम और एसपी समेत अन्य अधिकारियों में तहसील परिसर में पौधरोपण किया। वहीं डीएम और एसपी के देर से आने में फरियादी पेड़ की छांव और तहसील परिसर में बैठकर इंतजार करते रहे।
इनसेट-- --
दिव्यांग ने की आवास न मिलने की शिकायत
हसनगंज में सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा ने शिकायतें सुनीं। चांदपुर झलिहई के धर्मेंद्र ने बताया कि दिव्यांग होने के बाद भी आवास सूची में ग्राम विकास अधिकारी ने नाम नहीं डाला। जिस पर सीडीओ ने एडीओ पंचायत को जांच करने के निर्देश दिए। कुल 281 शिकायतों में 11 मामलों का निस्तारण किया गया। पुरवा में वहीं पुरवा में एडीएम राजस्व नरेंद्र सिंह, एएसपी अखिलेश सिंह, एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने, सफीपुर में एसडीएम नवीन चंद्र ने, बीघापुर में एडीएम न्यायिक विकास कुमार सिंह, एसडीएम क्षितिज कुमार द्विवेदी ने शिकायतों की सुना और संबंधित अधिकारियों को तय समय में समाधान कर रिपोर्ट देने को कहा।
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माह के पहले संपूर्ण तहसील समाधान दिवस में डीएम गौरांग राठी व एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा बांगरमऊ सभागार पहुंचे। ग्राम आशायस निवासी सरोज, शुशांत,अमित आदि ने अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगवाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति कराने की मांग की। शिकायतकर्ता महिला ने पत्र देकर बताया कि एक जुलाई को वह खेतों की ओर गई थी। लौटते समय गांव के एक व्यक्ति ने पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगा। घर पहुंचने पर आरोपित अपने परिजनों के साथ लाठी-डंडे लेकर आ गया और उसके साथ मारपीट की। बताया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
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बाजीपुरवा निवासी लक्ष्मीनारायण ने पूर्व प्रधान पति पर साथियों के साथ मिलकर ग्राम समाज की भूमि से बबूल के पेड़ कटवाकर डेढ़ लाख में बेचने का आरोप लगाया। गोसाक़ुतुब निवासी सुनीता ने लेखपाल पर भू माफियाओं को अवैध निर्माण कराने व घूस मांगने का आरोप लगाया। राजकीय हाईस्कूल बेरियागाड़ा के प्रधानाचार्य रामचंद्र सिंह ने प्रार्थनापत्र देकर बताया कि गांव का गंदा पानी विद्यालय परिसर से निकलता है। इससे लगभग 100 ट्रॉली मिट्टी बह गई। विद्यालय के मुख्य द्वार व सड़क के बीच गहरा नाला हो गया है। छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने पाइप डालकर पानी दूसरी तरफ खाली जमीन से निकालने की मांग की।
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कुल 308 प्रार्थनापत्रों में से 24 का मौके पर निस्तारण हो सका। समाधान दिवस के बाद डीएम और एसपी समेत अन्य अधिकारियों में तहसील परिसर में पौधरोपण किया। वहीं डीएम और एसपी के देर से आने में फरियादी पेड़ की छांव और तहसील परिसर में बैठकर इंतजार करते रहे।
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दिव्यांग ने की आवास न मिलने की शिकायत
हसनगंज में सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा ने शिकायतें सुनीं। चांदपुर झलिहई के धर्मेंद्र ने बताया कि दिव्यांग होने के बाद भी आवास सूची में ग्राम विकास अधिकारी ने नाम नहीं डाला। जिस पर सीडीओ ने एडीओ पंचायत को जांच करने के निर्देश दिए। कुल 281 शिकायतों में 11 मामलों का निस्तारण किया गया। पुरवा में वहीं पुरवा में एडीएम राजस्व नरेंद्र सिंह, एएसपी अखिलेश सिंह, एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने, सफीपुर में एसडीएम नवीन चंद्र ने, बीघापुर में एडीएम न्यायिक विकास कुमार सिंह, एसडीएम क्षितिज कुमार द्विवेदी ने शिकायतों की सुना और संबंधित अधिकारियों को तय समय में समाधान कर रिपोर्ट देने को कहा।