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जिले को धान की दो प्रजाति के बीज मिले
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उन्नाव। कृषि विभाग को धान की दो नई प्रजातियों एचयूआर 105 और एनडीआर 2064 का बीज मिला है। दावा किया जा रहा है कि किसान कम पानी में इससे अच्छी पैदावार कर सकेंगे। इससे किसानों को फायदा होगा।
जिले में इस बार 98198 हेक्टेअर में धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बार कृषि विभाग को उन्नत किस्म का एचयूआर प्रजाति का बीज मिला है। इस बीज की खासियत यह है कि कम पानी और कम समय में फसल तैयार हो जाती है। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा का कहना है कि एचयूआर बासमती की टक्कर का चावल है। जिले को 324.4 क्विंटल धान बीज मिला है। इसमें एनडीआर का 80.50 और एचयूआर का 243.90 क्ंिवटल बीज है। एचयूआर का रेट 43.80 रुपये और एनडीआर का 33.80 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। किसानों को राजकीय बीज भंडारों से बीज मिल सकेगा। शासन से निर्धारित छूट का लाभ लेने के लिए किसानों को पहले पूरा पैसा जमा करना होगा। फिर उनके खाते में छूट की धनराशि भेजी जाएगी। एनडीआर प्रजाति के धान का चावल मध्यम मोटा होगा। इस प्रजाति का उत्पादन 60-65 क्विंटल प्रति हेक्टेअर (लगभग चार बीघा) होने का अनुमान है। एचयूआर प्रजाति के धान का चावल महीन होगा। इसका उत्पादन 55-60 क्विंटल प्रति हेक्टेअर के आसपास होता है। कृषि अधिकारी के मुताबिक अच्छी पैदावार होने से किसानों को काफी लाभ होगा।
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जिले में इस बार 98198 हेक्टेअर में धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बार कृषि विभाग को उन्नत किस्म का एचयूआर प्रजाति का बीज मिला है। इस बीज की खासियत यह है कि कम पानी और कम समय में फसल तैयार हो जाती है। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा का कहना है कि एचयूआर बासमती की टक्कर का चावल है। जिले को 324.4 क्विंटल धान बीज मिला है। इसमें एनडीआर का 80.50 और एचयूआर का 243.90 क्ंिवटल बीज है। एचयूआर का रेट 43.80 रुपये और एनडीआर का 33.80 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। किसानों को राजकीय बीज भंडारों से बीज मिल सकेगा। शासन से निर्धारित छूट का लाभ लेने के लिए किसानों को पहले पूरा पैसा जमा करना होगा। फिर उनके खाते में छूट की धनराशि भेजी जाएगी। एनडीआर प्रजाति के धान का चावल मध्यम मोटा होगा। इस प्रजाति का उत्पादन 60-65 क्विंटल प्रति हेक्टेअर (लगभग चार बीघा) होने का अनुमान है। एचयूआर प्रजाति के धान का चावल महीन होगा। इसका उत्पादन 55-60 क्विंटल प्रति हेक्टेअर के आसपास होता है। कृषि अधिकारी के मुताबिक अच्छी पैदावार होने से किसानों को काफी लाभ होगा।
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