{"_id":"3ba352508f94cd92cbadaeae40464d18","slug":"ado-isb-stop-salary-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीओ आईएसबी के रोके वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडीओ आईएसबी के रोके वेतन
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 29 Apr 2015 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। राजीव गांधी महिला विकास परियोजना के समूहों की समीक्षा बैठक में सात ब्लाकों के एडीओ आईएसबी न आने पर परियोजना निदेशक ने वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन सभागार में बुधवार को परियोजना निदेशक डीआरडीए रामकृपाल चौधरी ने राजीव गांधी विकास परियोजना की ब्लाकवार गठित समूहों की जानकारी ली। बताया कि यदि ये समूह की सक्रियता और वैद्यता अच्छी रही तो इन समूहों को ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ दिया जाएगा।
बताया कि यदि राजीव गांधी महिला विकास परियोजना गठन के बाद तीन माह तक अच्छे ढंग से कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार की ओर से 15 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा और फिर इन्हें बैंक से जोड़कर इसकी पचास हजार रुपये की बैंक लिमिट बनाई जाएगी।
विज्ञापन
इन समूह के गठन में कम से कम 10 और अधिक से अधिक 20 लोग रह सकते हैं। इस समूह के माध्यम से जिस व्यवसाय पर ऋण स्वीकृत होगा उस पर चार प्रतिशत ब्याज समूह को देना होगा। इस समूह के माध्यम से 10 लाख रुपये तक ऋण लिया जा सकता है।
बैठक के दौरान राजीव गांधी महिला विकास परियोजना के ब्लाक कोआर्डीनेटर, ब्लाकों में एडीओ आईएसबी, कमाल आदि मौजूद रहे। परियोजना निदेशक डीआरडीएम रामकृपाल चौधरी ने बताया कि राजीव गांधी महिला विकास परियोजना की बैठक में सात ब्लाकों हिलौली, औरास, नवाबगंज, मियागंज, सुमेरपपुर, हसनगंज और सफीपुर के एडीओ आईएसबी के नहीं आने पर उनके वेतन रोक दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
विज्ञापन
विकास भवन सभागार में बुधवार को परियोजना निदेशक डीआरडीए रामकृपाल चौधरी ने राजीव गांधी विकास परियोजना की ब्लाकवार गठित समूहों की जानकारी ली। बताया कि यदि ये समूह की सक्रियता और वैद्यता अच्छी रही तो इन समूहों को ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
बताया कि यदि राजीव गांधी महिला विकास परियोजना गठन के बाद तीन माह तक अच्छे ढंग से कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार की ओर से 15 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा और फिर इन्हें बैंक से जोड़कर इसकी पचास हजार रुपये की बैंक लिमिट बनाई जाएगी।
विज्ञापन
इन समूह के गठन में कम से कम 10 और अधिक से अधिक 20 लोग रह सकते हैं। इस समूह के माध्यम से जिस व्यवसाय पर ऋण स्वीकृत होगा उस पर चार प्रतिशत ब्याज समूह को देना होगा। इस समूह के माध्यम से 10 लाख रुपये तक ऋण लिया जा सकता है।
बैठक के दौरान राजीव गांधी महिला विकास परियोजना के ब्लाक कोआर्डीनेटर, ब्लाकों में एडीओ आईएसबी, कमाल आदि मौजूद रहे। परियोजना निदेशक डीआरडीएम रामकृपाल चौधरी ने बताया कि राजीव गांधी महिला विकास परियोजना की बैठक में सात ब्लाकों हिलौली, औरास, नवाबगंज, मियागंज, सुमेरपपुर, हसनगंज और सफीपुर के एडीओ आईएसबी के नहीं आने पर उनके वेतन रोक दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।