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Unnao News: कल्याणी और सई नदी भी उफनाई, फसलें जलमग्न, पुल डूबा
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फोटो-41-बाढ़ का पानी खेतो में पहुचने से भिंडी की कच्ची फसल तोड़ता किसान। संवाद
- फोटो : Police
उन्नाव/परियर। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच कल्याणी और सई नदी भी उफनाने लगी हैं। सफीपुर में कल्याणी नदी पर बना पुल पानी में डूब गया है। सई नदी के पानी से हसनगंज क्षेत्र की फसलें जलमग्न हो गई हैं। परियर क्षेत्र में गंगा के बढ़े पानी से अधपकी फसल ही किसान तोड़ने लगे हैं।
गंगा के बढ़ते पानी से सदर तहसील क्षेत्र के गांव बाबू बंगला, देवीपुरवा, पनपथा, चंडीबंगला सहित कई गांवों की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। बढ़ता हुआ जलस्तर घरों के पास तक पहुंच गया है। इससे किसान अपनी भिंडी, लोबिया, लौकी व कद्दू आदि की कच्ची फसल ही तोड़ने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से बाबा बलखंडेश्वर मंदिर, मरौंदा सूचित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ राहत चौकी स्थापित की जा चुकी है। बाढ़ प्रभावितों के लिए जानकीकुंड में राहत शिविर व उनके मवेशियों के लिए भी स्थान पहले ही चिह्नित किया जा चुका है। हालांकि अभी यहां कोई नहीं पहुंचा है।
सई का जलस्तर बढ़ने से डूबी धान व मक्का की फसल
हसनगंज। बारिश के चलते मोहान सई नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांव रसूलपुर बकिया, नींदेमऊ, पिचपरी, हसनगंज, मोहान, भोगला, आदमपुर बरेठी, अहमदपुर टकौली, नेपालापुर, दरिहट, सलेमपुर, रजापुर, खुरदीमऊ, निजामखेड़ा, खपुरा भट्ट, रफीगढ़ी, छरेहरा आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघे में बोई धान व मक्का की फसल जलमग्न हो गई है। किसान उदय भान, संजय, मुन्ना, कौशलेंद्र व अच्छे लाल ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी थी लेकिन नदी का जल स्तर बढ़ने की वजह से फसल डूब गई। साल भर रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा था। कई बार क्षेत्रीय लेखपाल को फोन कर फसल जलमग्न होने की जानकारी दी लेकिन कोई जांच करने नहीं आया। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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हैं।
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गंगा के बढ़ते पानी से सदर तहसील क्षेत्र के गांव बाबू बंगला, देवीपुरवा, पनपथा, चंडीबंगला सहित कई गांवों की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। बढ़ता हुआ जलस्तर घरों के पास तक पहुंच गया है। इससे किसान अपनी भिंडी, लोबिया, लौकी व कद्दू आदि की कच्ची फसल ही तोड़ने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से बाबा बलखंडेश्वर मंदिर, मरौंदा सूचित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ राहत चौकी स्थापित की जा चुकी है। बाढ़ प्रभावितों के लिए जानकीकुंड में राहत शिविर व उनके मवेशियों के लिए भी स्थान पहले ही चिह्नित किया जा चुका है। हालांकि अभी यहां कोई नहीं पहुंचा है।
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सई का जलस्तर बढ़ने से डूबी धान व मक्का की फसल
हसनगंज। बारिश के चलते मोहान सई नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांव रसूलपुर बकिया, नींदेमऊ, पिचपरी, हसनगंज, मोहान, भोगला, आदमपुर बरेठी, अहमदपुर टकौली, नेपालापुर, दरिहट, सलेमपुर, रजापुर, खुरदीमऊ, निजामखेड़ा, खपुरा भट्ट, रफीगढ़ी, छरेहरा आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघे में बोई धान व मक्का की फसल जलमग्न हो गई है। किसान उदय भान, संजय, मुन्ना, कौशलेंद्र व अच्छे लाल ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी थी लेकिन नदी का जल स्तर बढ़ने की वजह से फसल डूब गई। साल भर रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा था। कई बार क्षेत्रीय लेखपाल को फोन कर फसल जलमग्न होने की जानकारी दी लेकिन कोई जांच करने नहीं आया। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने बताया कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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फोटो-41-बाढ़ का पानी खेतो में पहुचने से भिंडी की कच्ची फसल तोड़ता किसान। संवाद- फोटो : Police

फोटो-41-बाढ़ का पानी खेतो में पहुचने से भिंडी की कच्ची फसल तोड़ता किसान। संवाद- फोटो : Police