{"_id":"40-180256","slug":"Unnao-180256-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के सोने-चांदी बाजार में आज बरसेगा धन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के सोने-चांदी बाजार में आज बरसेगा धन
Unnao
Updated Fri, 02 May 2014 05:30 AM IST
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उन्नाव। अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी के बाजार में रौकन बढ़ गई है। दुकानों को ग्राहकों के लिए विशेष तौर पर सजाया गया है। बढ़ती महंगाई को मात देने के लिए और ग्राहकों को लुभाने के लिए कुछ सराफा बाजार में हल्की और विशेष ज्वैलरी आई है। सोने की खरीदारी के इस विशेष पर्व पर जिले भर के ज्वैलरी बाजारों में करोड़ों का कारोबार होने की उम्मीद है।
बैसाख माह की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन आभूषणों की खरीदारी करने से धन-धान्य और श्री की वृद्धि होती है। इसी के चलते लोग इस दिन चाहे थोड़ा ही सही सोने की खरीदारी जरूर करते हैं। हालांकि सोने व चांदी के दामों में काफी तेजी आई है। इसके बावजूद ग्राहकों के स्वागत को बाजार तैयार हो गए हैं। ज्वैलरी की दुकानों को सजाया गया है। ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदार सोने की इटैलियन ज्वैलरी, एंटिक ज्वैलरी के अलावा चांदी के गिफ्ट पैक आदि भी लाए हैं। इस त्योहार पर जिले में करोड़ों का कारोबार होने की उम्मीद है। शहर के स्टेशन रोड स्थित मनोरंजन ज्वैलर्स के संचालक मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि महंगाई को देखते हुए कम दाम वाली हल्की लटकने वाली सोने की टप्स आई हैं। इनकी मांग ज्यादा है। इसके अलावा राजकोट की सोने की लाइटवेट ज्वैलरी भी ग्राहकों को काफी प्रभावित कर रही है।
इसलिए मनाई जाती है अक्षय तृतीया
उन्नाव। अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में मनाया जाता है। पं. स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी जी बताते हैं कि भारतीय काल गणना के अनुसार इस दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। इस कारण इस तिथि को युगादि तिथि भी कहा जाता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग देखे ही किया जा सकता है। इस दिन किसी भी प्रकार का दान अक्षय फल प्रदान करता है। यदि दान देने के लिए व्यक्ति के पास कुछ भी नहीं है तो वह जल से भरा हुआ मिट्टी का घड़ा दान कर दे तो उसे अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से समस्त पाप नष्ट होते हैं। यदि पापों के लिए क्षमा मांगे तो ईश्वर उसे क्षमा कर देते हैं। पं. रामस्वरूप ब्रह्मचारी के अनुसार शुक्रवार को अक्षय तृतीया मनाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12.04 बजे तक है। वैसे तो इसे पूरे दिन मनाया जाता है लेकिन यदि इस मुहूर्त से पूर्व दान आदि किया जाए तो इसका फल अत्यंत सुखद होगा।
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आज जमकर बजेंगी शहनाई
उन्नाव। अक्षय तृतीया की शुभ तिथि के चलते शुक्रवार को शहर में बड़ी संख्या में मांगलिक कार्य होंगे। उन्नाव गेस्ट हाउस एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु निगम ने बताया कि शहर के करीब आधा सैकड़ा गेस्ट हाउसों में शायद ही कोई ऐसा हो जो शुक्रवार के दिन बुक न हो। इसके अलावा टेंट हाउस वालों का सामान भी कल के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने बुक कराया है। इससे अनुमान है कि अक्षय तृतीया पर शुक्रवार को करीब सौ से ज्यादा वैवाहिक कार्यक्रम शहर व आसपास के क्षेत्रों में संपन्न होंगे।
एक साल में 3213 रुपए बढ़े सोने के भाव
उन्नाव। 13 मई 2013 अक्षय तृतीय के दिन सोने के भाव 26987 रुपये थे। जो एक साल बाद यानि 1 मई 2014 को 30200 रुपये पर पहुंच गए। एक साल में सोने के भाव में हुई इस वृद्धि के बावजूद सर्राफा व्यापारी तनिक भी परेशान नहीं है। पुरुषोत्तम ज्वैलर्स के मालिक मयंक शुक्ला ने बताया कि सोने के भाव बढ़े जरूर हैं लेकिन अक्षय तृतीय पर इसका असर बिक्री पर कम ही पड़ने की उम्मीद है। संभावना है कि शुक्रवार को बिक्री अच्छी रहेगी।
चांदी के भाव में 8400 रुपये की कमी हुई है। 13 मई 2013 को चांदी के भाव 50700 रुपए दर्ज किए गए थे। जो 1 मई 2014 को घटकर 42300 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गए।
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बैसाख माह की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन आभूषणों की खरीदारी करने से धन-धान्य और श्री की वृद्धि होती है। इसी के चलते लोग इस दिन चाहे थोड़ा ही सही सोने की खरीदारी जरूर करते हैं। हालांकि सोने व चांदी के दामों में काफी तेजी आई है। इसके बावजूद ग्राहकों के स्वागत को बाजार तैयार हो गए हैं। ज्वैलरी की दुकानों को सजाया गया है। ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदार सोने की इटैलियन ज्वैलरी, एंटिक ज्वैलरी के अलावा चांदी के गिफ्ट पैक आदि भी लाए हैं। इस त्योहार पर जिले में करोड़ों का कारोबार होने की उम्मीद है। शहर के स्टेशन रोड स्थित मनोरंजन ज्वैलर्स के संचालक मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि महंगाई को देखते हुए कम दाम वाली हल्की लटकने वाली सोने की टप्स आई हैं। इनकी मांग ज्यादा है। इसके अलावा राजकोट की सोने की लाइटवेट ज्वैलरी भी ग्राहकों को काफी प्रभावित कर रही है।
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इसलिए मनाई जाती है अक्षय तृतीया
उन्नाव। अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में मनाया जाता है। पं. स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी जी बताते हैं कि भारतीय काल गणना के अनुसार इस दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। इस कारण इस तिथि को युगादि तिथि भी कहा जाता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग देखे ही किया जा सकता है। इस दिन किसी भी प्रकार का दान अक्षय फल प्रदान करता है। यदि दान देने के लिए व्यक्ति के पास कुछ भी नहीं है तो वह जल से भरा हुआ मिट्टी का घड़ा दान कर दे तो उसे अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से समस्त पाप नष्ट होते हैं। यदि पापों के लिए क्षमा मांगे तो ईश्वर उसे क्षमा कर देते हैं। पं. रामस्वरूप ब्रह्मचारी के अनुसार शुक्रवार को अक्षय तृतीया मनाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12.04 बजे तक है। वैसे तो इसे पूरे दिन मनाया जाता है लेकिन यदि इस मुहूर्त से पूर्व दान आदि किया जाए तो इसका फल अत्यंत सुखद होगा।
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आज जमकर बजेंगी शहनाई
उन्नाव। अक्षय तृतीया की शुभ तिथि के चलते शुक्रवार को शहर में बड़ी संख्या में मांगलिक कार्य होंगे। उन्नाव गेस्ट हाउस एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु निगम ने बताया कि शहर के करीब आधा सैकड़ा गेस्ट हाउसों में शायद ही कोई ऐसा हो जो शुक्रवार के दिन बुक न हो। इसके अलावा टेंट हाउस वालों का सामान भी कल के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने बुक कराया है। इससे अनुमान है कि अक्षय तृतीया पर शुक्रवार को करीब सौ से ज्यादा वैवाहिक कार्यक्रम शहर व आसपास के क्षेत्रों में संपन्न होंगे।
एक साल में 3213 रुपए बढ़े सोने के भाव
उन्नाव। 13 मई 2013 अक्षय तृतीय के दिन सोने के भाव 26987 रुपये थे। जो एक साल बाद यानि 1 मई 2014 को 30200 रुपये पर पहुंच गए। एक साल में सोने के भाव में हुई इस वृद्धि के बावजूद सर्राफा व्यापारी तनिक भी परेशान नहीं है। पुरुषोत्तम ज्वैलर्स के मालिक मयंक शुक्ला ने बताया कि सोने के भाव बढ़े जरूर हैं लेकिन अक्षय तृतीय पर इसका असर बिक्री पर कम ही पड़ने की उम्मीद है। संभावना है कि शुक्रवार को बिक्री अच्छी रहेगी।
चांदी के भाव में 8400 रुपये की कमी हुई है। 13 मई 2013 को चांदी के भाव 50700 रुपए दर्ज किए गए थे। जो 1 मई 2014 को घटकर 42300 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गए।