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Unnao News: छह घंटे में 42 मरीज भर्ती, इमरजेंसी वार्ड फुल
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उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को बेड को लेकर मारामारी रही। छह घंटे में एक के बाद एक 42 मरीज पहुंचे। इससे सभी बेड फुल हो गए। एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया। कम पड़ने पर गैलरी में अतिरिक्त बेड डाले गए।
जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। लोग सर्दी, जुकाम, बुखार और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इससे अस्पतालों में भीड़ हो रही है। बुधवार को जिला अस्पताल में बुखार, पेटदर्द, और डायरिया के 42 मरीज पहुंचे। मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ गए। किसी तरह एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया।
इसके बाद भी मरीज बढ़ने पर गैलरी में दो अतिरिक्त बेड डलवाकर मरीजों को भर्ती किया गया। वार्ड से एक दो मरीज एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कराने लैब गए हुए थे। लौटकर आने पर उनके बेड पर कोई दूसरा मरीज भर्ती मिला। उन्होंने स्टाफ को इसकी जानकारी दी। काफी देर बाद उन्हें दूसरा बेड मिल सका। इसके बाद जो भी मरीज जांच के लिए गए वह अपने तीमारदार को बेड पर बिठाकर गए। ताकि उनके बेड पर किसी दूसरे मरीज को भर्ती न किया जा सके।
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मनिकापुर निवासी कमलेश अपनी मां रामकली को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि मां के पैर में फाइलेरिया है। दिक्कत बढ़ने पर यहां लेकर आए हैं। बाहर कई स्वास्थ्यकर्मियों से कहा लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला। इसके बाद मां को गोद में लेकर डॉक्टर को दिखाने पहुंचे।
सीएमएस डॉ. आरए मिर्जा ने बताया कि वायरल फीवर के मरीज अधिक होने से बेड कम पड़ रहे हैं। गैलरी में बेड डलवाए गए हैं। जरूरत होने पर बेड और बढ़ा दिए जाएंगे। ताकि गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा सके।
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जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। लोग सर्दी, जुकाम, बुखार और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इससे अस्पतालों में भीड़ हो रही है। बुधवार को जिला अस्पताल में बुखार, पेटदर्द, और डायरिया के 42 मरीज पहुंचे। मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ गए। किसी तरह एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया।
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इसके बाद भी मरीज बढ़ने पर गैलरी में दो अतिरिक्त बेड डलवाकर मरीजों को भर्ती किया गया। वार्ड से एक दो मरीज एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कराने लैब गए हुए थे। लौटकर आने पर उनके बेड पर कोई दूसरा मरीज भर्ती मिला। उन्होंने स्टाफ को इसकी जानकारी दी। काफी देर बाद उन्हें दूसरा बेड मिल सका। इसके बाद जो भी मरीज जांच के लिए गए वह अपने तीमारदार को बेड पर बिठाकर गए। ताकि उनके बेड पर किसी दूसरे मरीज को भर्ती न किया जा सके।
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मनिकापुर निवासी कमलेश अपनी मां रामकली को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि मां के पैर में फाइलेरिया है। दिक्कत बढ़ने पर यहां लेकर आए हैं। बाहर कई स्वास्थ्यकर्मियों से कहा लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला। इसके बाद मां को गोद में लेकर डॉक्टर को दिखाने पहुंचे।
सीएमएस डॉ. आरए मिर्जा ने बताया कि वायरल फीवर के मरीज अधिक होने से बेड कम पड़ रहे हैं। गैलरी में बेड डलवाए गए हैं। जरूरत होने पर बेड और बढ़ा दिए जाएंगे। ताकि गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा सके।