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बयारी गांव में 4 लाख का घोटाला, प्रधान के अधिकार सीज

Sat, 07 Jul 2018 12:32 AM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:32 AM IST
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बयारी गांव में 4 लाख का घोटाला, प्रधान के अधिकार सीज
अमर उजाला ब्यूरो
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औरास (उन्नाव)। विकासखंड के बयारी गांव में विकास कार्योें में चार लाख का घोटाला सामने आने पर प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। गांव में विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। पूरे मामले की अंतिम जांच उप कृषि निदेशक को सौंपी गई है।

औरास के बयारी गांव में महिला सचिव सीमा कश्यप से प्रधान अनुज कुमार व उसके भाई प्रकाश गुप्ता द्वारा अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने के बाद पूर्व डीएम रवि कुमार एनजी के निर्देश पर तत्कालीन पीडी अनिल कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा शेषमणि सिंह और डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने गांव में जाकर जांच पड़ताल की थी। इस दौरान डीपीआरओ ने जांच के दौरान राज्य वित्त/14वें वित्त आयोग से 2016-17 और 17-18 में कराए गए 12 कार्यों में 220762 रुपये का घपला पकड़ा।
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इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के नाम पर 40461 रुपये और हैंडपंप मरम्मत पर 174700 रुपये गबन करने का मामला सामने आया। कुल 435923 रुपये के घोटाले में आधे का दोषी प्रधान व सचिव को पाया गया। इसके अलावा अपात्रों को आवास देने की पुष्टि हुई। इसी आधार पर प्रधान अनुज कुमार के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार डीएम ने सीज कर दिए। अंतिम जांच उपकृषि निदेशक को सौंपी है। गांव में विकास कार्य बाधित न होने पाएं इसलिए डीएम ने समिति में वार्ड संख्या एक से रामसागर, वार्ड संख्या 7 से बृजभान सिंह और वार्ड संख्या 8 से ओमप्रकाश को शामिल किया है। सदस्यों को निर्देशित किया गया है कि वह प्रधान पद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों का समान रूप से संपादन करेगी।
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-विकास कार्यों के लिए तीन सदस्यीय समिति की गई गठित
-पूरे मामले की अंतिम जांच उप कृषि निदेशक को सौंपी गई


हिम्मतखेड़ा प्रधान को कारण बताओ नोटिस
उन्नाव। मियागंज विकासखंड के हिम्मतखेड़ा ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक शुभम सिंह चौहान ने गांव में बने शौचालयों का निरीक्षण किया था। जांच में शौचालयों का निर्माण मानकविहीन मिला था। साथ ही 250 शौचालयों के सापेक्ष 190 की ही एमआईएस फीडिंग व 54 व्यक्तिगत शौचालय की फोटो वेबसाइट पर उपलब्ध मिली। इन्हीं खामियाें पर डीएम ने प्रधान संतोष जायसवाल को कारण बताओ नोटिस जारी करके 15 दिन में जवाब मांगा है। साथ ही सचिव मंगल प्रसाद को अलग से नोटिस जारी करने के आदेश डीडीओ को दिए हैं।
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