{"_id":"59a5b8514f1c1b5c738b4583","slug":"201504032849-unnao-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपाल ने मृतकों को बना दिया भूमाफिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपाल ने मृतकों को बना दिया भूमाफिया
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाटन। तहसील कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है। कर्मचारियों ने मृतकों को भू-माफि या बनाकर उनके ऊपर जुर्माना भी लगा दिया। अब मृतक के परिवार ने उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
शासन की ओर से चलाए जा रहे एंटी भू-माफि या अभियान के तहत तहसील बीघापुर के ग्राम बेहटा गोपी में तैनात लेखपाल रोली देवी ने अभिलेखों में दर्ज तालाब पर गांव के ही जागेश्वर व रामाधार पुत्र रूपन को काबिज बताकर भू-माफि या की कार्रवाई कर दी गई।
वहीं इसी तालाब पर दूसरे रकबे पर चौधरी पुत्र पूरन को भी अवैध कब्जेदार बताकर 115-डी की कार्रवाई कर दी। बड़ी बात यह रही कि राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट पर तहसीलदार कोर्ट द्वारा दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया गया।
विज्ञापन
लेखपाल की ओर से भू-माफि या बनाए गए जागेश्वर की मौत लगभग 25 वर्ष पूर्व हो चुकी है। वहीं चौधरी की मौत हुए 12 सार बीत चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील में तगड़ा भ्रष्टाचार व्याप्त है।
शायद इसी कारण राजस्व कर्मी कार्यालय में बैठकर दलालों के माध्यम से काम कर रहे हैं। मृतकों के परिजनों ने मामले की शिकायत एसडीएम से की है। एसडीएम प्रदीप कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।
- दो मृतकों पर लगा दिए 15-15 हजार रुपये का जुर्माना
- परिजनों ने एसडीएम से की शिकायत, जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
शासन की ओर से चलाए जा रहे एंटी भू-माफि या अभियान के तहत तहसील बीघापुर के ग्राम बेहटा गोपी में तैनात लेखपाल रोली देवी ने अभिलेखों में दर्ज तालाब पर गांव के ही जागेश्वर व रामाधार पुत्र रूपन को काबिज बताकर भू-माफि या की कार्रवाई कर दी गई।
विज्ञापन
वहीं इसी तालाब पर दूसरे रकबे पर चौधरी पुत्र पूरन को भी अवैध कब्जेदार बताकर 115-डी की कार्रवाई कर दी। बड़ी बात यह रही कि राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट पर तहसीलदार कोर्ट द्वारा दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया गया।
विज्ञापन
लेखपाल की ओर से भू-माफि या बनाए गए जागेश्वर की मौत लगभग 25 वर्ष पूर्व हो चुकी है। वहीं चौधरी की मौत हुए 12 सार बीत चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील में तगड़ा भ्रष्टाचार व्याप्त है।
शायद इसी कारण राजस्व कर्मी कार्यालय में बैठकर दलालों के माध्यम से काम कर रहे हैं। मृतकों के परिजनों ने मामले की शिकायत एसडीएम से की है। एसडीएम प्रदीप कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।
- दो मृतकों पर लगा दिए 15-15 हजार रुपये का जुर्माना
- परिजनों ने एसडीएम से की शिकायत, जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो