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जहरीली गैस कांड की जांच के लिए समिति गठित
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। अकरमपुर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रीज में जहरीली गैस से तीन श्रमिकों की मौत की घटना में डीएम के आदेश पर तीन विभागों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच रिपोर्ट में लापरवाही व मानकों के विपरीत फैक्ट्री का संचालन मिलने पर फैक्ट्री को बंद कराया जाएगा। शहर कोतवाली पुलिस गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर पहले ही जांच शुरू कर चुकी है।
शहर के अकरमपुर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रीज में तिरपाल बनाने व उसे रंगने का काम होता है। तीन दिन पूर्व फैक्ट्री के बाहर बने टैंक में लगी मोटर का नोजल ठीक करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से फैक्ट्री के ही श्रमिक भजन, हारून व आशीष की मौत हो गई थी। जबकि दो अन्य श्रमिकों को हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया था। हादसे में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने घटना की जांच की जिम्मेदारी तीन विभागों के अधिकारियों को सौंपी है। जिनमें प्रदूषण विभाग, श्रम विभाग और उद्योग केंद्र के अधिकारी शामिल हैं।
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि फैक्ट्री का संचालन तय मानकों के आधार पर हो रहा था या नहीं इस पर उन्हें रिपोर्ट दी जाए। इस बीच प्रदूषण विभाग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर डीएम कार्यालय भेज दी है। जबकि श्रम विभाग व उद्योग केंद्र की जांच जारी है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री को 31 दिसंबर तक के लिए प्रदूषण विभाग की ओर से सहमति पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने पर प्रदूषण विभाग ने तीन माह पूर्व दुर्गा इंडस्ट्रीज को एक नोटिस भी जारी किया था। रिपोर्ट में नोटिस का भी जिक्र किया गया है।
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सुरक्षा के इंतजाम की भी होगी जांच
डीएम के निर्देश पर गठित टीम फैक्ट्री में श्रमिकों के लिए सुरक्षा के इंतजाम मौजूद थे या नहीं इस पर भी जांच करेगी। कारखाना विभाग इस संबंध में अलग से रिपोर्ट तैयार करेगा। श्रमिकों के टैंक में गिरने की सूचना पर पहुंचे अगिभनशमन विभाग के कर्मियों ने बताया था कि अगर श्रमिकों को ब्रेथिंग आपरेटर सेट पहनाकर टैंक में उतारा जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
-श्रम, प्रदूषण व उद्योग केंद्र के अफसरों से डीएम ने मांगी रिपोर्ट
-सुरक्षा मानकों की अनदेखी व लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
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उन्नाव। अकरमपुर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रीज में जहरीली गैस से तीन श्रमिकों की मौत की घटना में डीएम के आदेश पर तीन विभागों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच रिपोर्ट में लापरवाही व मानकों के विपरीत फैक्ट्री का संचालन मिलने पर फैक्ट्री को बंद कराया जाएगा। शहर कोतवाली पुलिस गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर पहले ही जांच शुरू कर चुकी है।
शहर के अकरमपुर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रीज में तिरपाल बनाने व उसे रंगने का काम होता है। तीन दिन पूर्व फैक्ट्री के बाहर बने टैंक में लगी मोटर का नोजल ठीक करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से फैक्ट्री के ही श्रमिक भजन, हारून व आशीष की मौत हो गई थी। जबकि दो अन्य श्रमिकों को हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया था। हादसे में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने घटना की जांच की जिम्मेदारी तीन विभागों के अधिकारियों को सौंपी है। जिनमें प्रदूषण विभाग, श्रम विभाग और उद्योग केंद्र के अधिकारी शामिल हैं।
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डीएम ने निर्देश दिए हैं कि फैक्ट्री का संचालन तय मानकों के आधार पर हो रहा था या नहीं इस पर उन्हें रिपोर्ट दी जाए। इस बीच प्रदूषण विभाग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर डीएम कार्यालय भेज दी है। जबकि श्रम विभाग व उद्योग केंद्र की जांच जारी है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री को 31 दिसंबर तक के लिए प्रदूषण विभाग की ओर से सहमति पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने पर प्रदूषण विभाग ने तीन माह पूर्व दुर्गा इंडस्ट्रीज को एक नोटिस भी जारी किया था। रिपोर्ट में नोटिस का भी जिक्र किया गया है।
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सुरक्षा के इंतजाम की भी होगी जांच
डीएम के निर्देश पर गठित टीम फैक्ट्री में श्रमिकों के लिए सुरक्षा के इंतजाम मौजूद थे या नहीं इस पर भी जांच करेगी। कारखाना विभाग इस संबंध में अलग से रिपोर्ट तैयार करेगा। श्रमिकों के टैंक में गिरने की सूचना पर पहुंचे अगिभनशमन विभाग के कर्मियों ने बताया था कि अगर श्रमिकों को ब्रेथिंग आपरेटर सेट पहनाकर टैंक में उतारा जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
-श्रम, प्रदूषण व उद्योग केंद्र के अफसरों से डीएम ने मांगी रिपोर्ट
-सुरक्षा मानकों की अनदेखी व लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई