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एक हजार किसानों को कर्जमाफी का इंतजार
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उन्नाव। प्रदेश सरकार की कर्ज माफी योजना को दस माह बीत चुके हैं लेकिन अभी भी लगभग एक हजार किसानों का कर्ज माफ नहीं हो सका है। जबकि कृषि विभाग 70 हजार किसानों का कर्ज माफ होने का दावा कर रहा है। आवेदन करने के लंबे समय बाद भी अन्नदाता अभी शासन की योजना का लाभ मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान सूबे में सरकार बनने पर किसानों का फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो घोषणा को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू की थी। योजना में केवल 2 हेक्टेयर (8 बीघा) तक की भूमि वाले किसानों का एक लाख रुपये तक का लोन माफ किए जाने की बात कही गई।
जुलाई से किसानों के बैंक खातों में पैसा भेजने की कवायद शुरू हुई। कृषि विभाग अब तक जिले से 70 हजार से अधिक किसानों का फसलीऋण माफ किए जाने का दावा कर रहा है। बीच में सरकार ने ऐसे किसानों को राहत दी जिनको किसी कारण से योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। ऐसे किसानों से सरकार ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा। इस दौरान 927 किसानों ने शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी इन किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है।
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शिकायतों का दो स्तर पर होता है सत्यापन
जो शिकायतें पोर्टल पर आई थी, उन्हें सत्यापन के लिए भेज दिया गया था। सत्यापन दो स्तर पर होता है। एक बैंक सत्यापन करती है और दूसरा तहसील प्रशासन। दोनों सत्यापन पूरा होने के बाद ही डिमांड जनरेट करके शासन को भेजी जाती है। सत्यापन रिपोर्ट मिल चुकी है। इधर नया आदेश आया है कि जिनको अभी लाभ नहीं मिल पाया है यदि उनका आवेदन आता है तो उसका भी सत्यापन करा लिया जाए। वहीं जिनके गलत खाते में पैसा चला गया है उसे वापस लिया जाए। दोनों काम पूरा करने के बाद शेष बचे किसानों की डिमांड जनरेट करके शासन को पत्र भेज दिया जाएगा।
अतींद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी उन्नाव।
-70 हजार किसानों का माफ हो चुका है कर्ज
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भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान सूबे में सरकार बनने पर किसानों का फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो घोषणा को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू की थी। योजना में केवल 2 हेक्टेयर (8 बीघा) तक की भूमि वाले किसानों का एक लाख रुपये तक का लोन माफ किए जाने की बात कही गई।
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जुलाई से किसानों के बैंक खातों में पैसा भेजने की कवायद शुरू हुई। कृषि विभाग अब तक जिले से 70 हजार से अधिक किसानों का फसलीऋण माफ किए जाने का दावा कर रहा है। बीच में सरकार ने ऐसे किसानों को राहत दी जिनको किसी कारण से योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। ऐसे किसानों से सरकार ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा। इस दौरान 927 किसानों ने शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी इन किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है।
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शिकायतों का दो स्तर पर होता है सत्यापन
जो शिकायतें पोर्टल पर आई थी, उन्हें सत्यापन के लिए भेज दिया गया था। सत्यापन दो स्तर पर होता है। एक बैंक सत्यापन करती है और दूसरा तहसील प्रशासन। दोनों सत्यापन पूरा होने के बाद ही डिमांड जनरेट करके शासन को भेजी जाती है। सत्यापन रिपोर्ट मिल चुकी है। इधर नया आदेश आया है कि जिनको अभी लाभ नहीं मिल पाया है यदि उनका आवेदन आता है तो उसका भी सत्यापन करा लिया जाए। वहीं जिनके गलत खाते में पैसा चला गया है उसे वापस लिया जाए। दोनों काम पूरा करने के बाद शेष बचे किसानों की डिमांड जनरेट करके शासन को पत्र भेज दिया जाएगा।
अतींद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी उन्नाव।
-70 हजार किसानों का माफ हो चुका है कर्ज