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133 के सापेक्ष निपटीं सात शिकायतें
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:12 AM IST
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जनता की समस्याएं सुनने और उनके निस्तारण के लिए होने वाले तहसील दिवस से जनमानस का रुझान कम हो रहा है। इसकी वजह तहसील दिवस में बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनका निस्तारण न होने से लोग निराश हैं।
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पाटन में तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहीं डीएम सौम्या अग्रवाल के सामने कई ऐसे मामले आए, जिनका कई महीने बाद भी निस्तारण नहीं हो सका। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और अगले तहसील दिवस तक समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
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इस दौरान 133 मामले आए, इसमें सात प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण हुआ। इस दौरान एसपी पवन कुमार, सीएमओ डॉ. गीता यादव, एसडीएम मृत्युंजय कुमार, डीडीओ एनबी सविता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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सदर तहसील में एसडीएम जसजीत कौर ने लोगों की पीड़ा सुनी, यहां 50 मामले आए, जिसमें एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। इसमें राजस्व के 26, पुलिस के चार, विकास के दो, समाज कल्याण के तीन व अन्य विभागों के 15 मामले शामिल थे।
सफीपुर तहसील में एडीएम इंद्रपाल उत्तम ने अध्यक्षता की, यहां 30 मामले आए, जिसमें एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं हुआ। यहां सबसे अधिक प्रार्थना पत्र बिजली के साथ-साथ रास्ता व नालों से संबंधित थे। इस दौरान एडीएम ने दस गरीबों को कंबल भी दिए, उनके साथ एएसपी रामकिशुन यादव मौजूद रहे।
हसनगंज तहसील दिवस की अध्यक्षता एसडीएम अर्चना द्विवेदी ने की, यहां 83 मामले आए। निस्तारण एक भी शिकायत का नहीं हो सका। शिकायतों में 56 पुलिस विभाग, आठ विकास व आठ अन्य मामले आए।
बांगरमऊ तहसील दिवस की अध्यक्षता एसडीएम सरजू प्रसाद शुक्ल ने की, यहां 15 मामले आए। एक शिकायत का मौके पर निस्तारण हुआ।