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Sultanpur News: एक्यूआई 160 पर, पराली-पटाखों का धुआं बढ़ाएगा मुसीबत
Sat, 10 Oct 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:27 PM IST
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सुल्तानपुर। ठंड और कोहरे की दस्तक के साथ हवा में घुला प्रदूषण सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकता है। जिले का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 160 तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में पराली जलाने और दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं स्थिति को और खराब कर सकता है। कोहरे के कारण प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहेंगे। इससे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को अधिक परेशानी हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सांस संबंधी दिक्कतों के पांच से 10 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, प्रदूषण बढ़ने पर स्वस्थ लोगों को भी गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
केएनआई के पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शून्य से 50 तक एक्यूआई अच्छा और 51 से 100 तक संतोषजनक माना जाता है। जिले का एक्यूआई 160 होने के कारण हवा की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। ठंड और कोहरा बढ़ने पर प्रदूषक तत्व अधिक समय तक वातावरण में रह सकते हैं।
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ठहरी हवा में धुआं बढ़ाएगा परेशानी
फिजिशियन डॉ. आरपी द्विवेदी ने अक्तूबर से दिसंबर तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित मरीज नियमित दवा लें और इनहेलर साथ रखें। सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में चेस्ट वार्ड उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है।
प्रदूषण से बचने के लिए बरतें सावधानी
सुबह घना कोहरा होने पर टहलने के लिए कुछ देर बाद निकलें और जरूरत के अनुर मास्क पहनें।
प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक बाहर निकलने और धूल-धुएं के संपर्क से बचें।
घर में धूल का प्रवेश कम करने के लिए दरवाजों-ड़कियों पर जाली या पर्दे लगाएं।
पराली न जलाएं और पटाखों के इस्तेमाल से बचें।
पर्याप्त पानी पिएं। सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सांस संबंधी दिक्कतों के पांच से 10 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, प्रदूषण बढ़ने पर स्वस्थ लोगों को भी गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
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केएनआई के पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शून्य से 50 तक एक्यूआई अच्छा और 51 से 100 तक संतोषजनक माना जाता है। जिले का एक्यूआई 160 होने के कारण हवा की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। ठंड और कोहरा बढ़ने पर प्रदूषक तत्व अधिक समय तक वातावरण में रह सकते हैं।
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ठहरी हवा में धुआं बढ़ाएगा परेशानी
फिजिशियन डॉ. आरपी द्विवेदी ने अक्तूबर से दिसंबर तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित मरीज नियमित दवा लें और इनहेलर साथ रखें। सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में चेस्ट वार्ड उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है।
प्रदूषण से बचने के लिए बरतें सावधानी
सुबह घना कोहरा होने पर टहलने के लिए कुछ देर बाद निकलें और जरूरत के अनुर मास्क पहनें।
प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक बाहर निकलने और धूल-धुएं के संपर्क से बचें।
घर में धूल का प्रवेश कम करने के लिए दरवाजों-ड़कियों पर जाली या पर्दे लगाएं।
पराली न जलाएं और पटाखों के इस्तेमाल से बचें।
पर्याप्त पानी पिएं। सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।