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Sultanpur News: दो निष्क्रांत संपत्तियों पर वक्फ का दावा निराधार
Sat, 05 Apr 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:01 AM IST
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सुल्तानपुर। वक्फ संपत्ति बिल संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद इसे लेकर जिले में गरमाहट आ गई है। राजस्व अभिलेखों में मात्र एक वक्फ संपत्ति दर्ज होने से मुतवल्लियों में कब्जे को लेकर आशंका बनी है। फिलहाल प्रशासन वक्फ संपत्तियों का पूरा रकबा खंगालने में जुटा है। इसे लेकर प्रशासन व पुलिस सतर्क हो गई है।
जिले में मौजूद शिया व सुन्नी की पांच वक्फ संपत्तियों का मुतवल्लियों के बीच विवाद हाईकोर्ट लखनऊ खंड पीठ में चल रहा है। इसमें प्रशासन की ओर से कोर्ट को पूरी जानकारी दे दी गई है। इन संपत्तियों पर मस्जिद, कब्रिस्तान, मदरसा आदि हैं। वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय देश को छोड़कर पाक चले जाने वालों की बल्दीराय तहसील क्षेत्र में स्थित दो निष्क्रांत संपत्तियों को सरकारी कब्जे में ले लिया गया है। इन संपत्तियों पर पूर्व में वक्फ की संपत्ति होने का दावा कुछ लोगों ने किया था।
अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता ने बताया कि जांच में दोनों संपत्तियां निष्क्रांत संपत्ति मिलीं। 30 शत्रु संपत्तियों पर किसी ने वक्फ होने का दावा नहीं किया है। नए कानून पर वक्फ संपत्तियों का उपयोग करने वाले लोगों की निगाहें लगी हैं। फिलहाल अभी कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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बांग्लादेश व पाक जाने वालों की 30 संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित
वर्ष 1971 की भारत-पाक लड़ाई के बाद देश को छोड़कर पाकिस्तान व बांग्लादेश जाने वालों की संपत्तियों को सरकार ने शत्रु संपत्ति घोषित करते हुए उसे अपने कब्जे में ले लिया है। जिले की दो तहसीलाें में 30 शत्रु संपत्तियां हैं। सदर में पांच व लंभुआ में सर्वाधिक 25 संपत्तियां हैँ।
प्रशासन की ओर से दे दी गई है जानकारी
मुख्य राजस्व अधिकारी बाबूराम ने बताया कि पांच वक्फ संपत्तियों का विवाद हाईकोर्ट में चल रहा है। इसमें प्रशासन की ओर से जानकारी कोर्ट को उपलब्ध करा दी गई है।
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जिले में मौजूद शिया व सुन्नी की पांच वक्फ संपत्तियों का मुतवल्लियों के बीच विवाद हाईकोर्ट लखनऊ खंड पीठ में चल रहा है। इसमें प्रशासन की ओर से कोर्ट को पूरी जानकारी दे दी गई है। इन संपत्तियों पर मस्जिद, कब्रिस्तान, मदरसा आदि हैं। वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय देश को छोड़कर पाक चले जाने वालों की बल्दीराय तहसील क्षेत्र में स्थित दो निष्क्रांत संपत्तियों को सरकारी कब्जे में ले लिया गया है। इन संपत्तियों पर पूर्व में वक्फ की संपत्ति होने का दावा कुछ लोगों ने किया था।
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अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता ने बताया कि जांच में दोनों संपत्तियां निष्क्रांत संपत्ति मिलीं। 30 शत्रु संपत्तियों पर किसी ने वक्फ होने का दावा नहीं किया है। नए कानून पर वक्फ संपत्तियों का उपयोग करने वाले लोगों की निगाहें लगी हैं। फिलहाल अभी कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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बांग्लादेश व पाक जाने वालों की 30 संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित
वर्ष 1971 की भारत-पाक लड़ाई के बाद देश को छोड़कर पाकिस्तान व बांग्लादेश जाने वालों की संपत्तियों को सरकार ने शत्रु संपत्ति घोषित करते हुए उसे अपने कब्जे में ले लिया है। जिले की दो तहसीलाें में 30 शत्रु संपत्तियां हैं। सदर में पांच व लंभुआ में सर्वाधिक 25 संपत्तियां हैँ।
प्रशासन की ओर से दे दी गई है जानकारी
मुख्य राजस्व अधिकारी बाबूराम ने बताया कि पांच वक्फ संपत्तियों का विवाद हाईकोर्ट में चल रहा है। इसमें प्रशासन की ओर से जानकारी कोर्ट को उपलब्ध करा दी गई है।