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Sultanpur News: लंबी कतार, मरीज बेहाल.....इलाज की राह में मुश्किलें बरकरार
Tue, 22 Sep 2026 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:05 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में सीढ़ी पर बैठे मरीज व तीमारदार। संवाद
सुल्तानपुर। बीमारी से राहत की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे मरीजों को सोमवार को इलाज से पहले ही अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। पुरुष अस्पताल की ओपीडी खुलने के बाद 2455 मरीजों का पंजीकरण हुआ।
पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक मरीजों को अलग-अलग कतारों में खड़ा रहना पड़ा। तीन घंटे से अधिक समय बाद मरीज अस्पताल से निकल सके।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भीड़ का आलम यह रहा कि तीनों तल की गैलरी मरीजों और तीमारदारों से भरी रहीं। बैठने की जगह नहीं मिलने पर कई मरीज फर्श और सीढ़ियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। बुजुर्गों और महिलाओं को भी काफी देर तक खड़े रहना पड़ा। जगह की तलाश में मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटकते रहे। कई बार उन्हें सुरक्षा कर्मियों की रोक-टोक का भी सामना करना पड़ा। भीड़ के बावजूद बैठने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई।
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अल्ट्रासाउंड बंद, बाहर खर्च करने पड़े 700-800 रुपये
सोमवार को रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर रहने के कारण मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड सेवा बंद रही। लंभुआ के राम आसरे को पथरी की आशंका में अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई थी। केंद्र बंद मिलने पर उन्हें बाहर 700 रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ी। वहीं, दूबेपुर के महेश को लगातार उल्टी होने पर लिवर में सूजन की आशंका में अल्ट्रासाउंड लिख दिया गया। केंद्र बंद होने की सूचना देखकर उन्होंने बाहर 800 रुपये खर्च किए।
बुखार का इलाज कराने आए, कतार ने बढ़ाया दर्द
गोसाईंगंज की प्रभावती सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचीं। पंजीकरण, ओपीडी और दवा के लिए अलग-अलग कतार में लगने के बाद करीब तीन घंटे में फुर्सत मिली। कूरेभार के फारूक बुखार का इलाज कराने आए थे। उन्होंने बताया कि हर जगह लाइन में लगते-लगते पैर में दर्द होने लगा।
जल्द दूर होंगी समस्याएं
प्राचार्य डॉ. प्रियांक वर्मा ने बताया कि मौसम बदलने और छुट्टी के बाद ओपीडी खुलने से भीड़ बढ़ी है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अन्य समस्याओं का भी जल्द समाधान कराया जाएगा।
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पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक मरीजों को अलग-अलग कतारों में खड़ा रहना पड़ा। तीन घंटे से अधिक समय बाद मरीज अस्पताल से निकल सके।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भीड़ का आलम यह रहा कि तीनों तल की गैलरी मरीजों और तीमारदारों से भरी रहीं। बैठने की जगह नहीं मिलने पर कई मरीज फर्श और सीढ़ियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। बुजुर्गों और महिलाओं को भी काफी देर तक खड़े रहना पड़ा। जगह की तलाश में मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटकते रहे। कई बार उन्हें सुरक्षा कर्मियों की रोक-टोक का भी सामना करना पड़ा। भीड़ के बावजूद बैठने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई।
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अल्ट्रासाउंड बंद, बाहर खर्च करने पड़े 700-800 रुपये
सोमवार को रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर रहने के कारण मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड सेवा बंद रही। लंभुआ के राम आसरे को पथरी की आशंका में अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई थी। केंद्र बंद मिलने पर उन्हें बाहर 700 रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ी। वहीं, दूबेपुर के महेश को लगातार उल्टी होने पर लिवर में सूजन की आशंका में अल्ट्रासाउंड लिख दिया गया। केंद्र बंद होने की सूचना देखकर उन्होंने बाहर 800 रुपये खर्च किए।
बुखार का इलाज कराने आए, कतार ने बढ़ाया दर्द
गोसाईंगंज की प्रभावती सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचीं। पंजीकरण, ओपीडी और दवा के लिए अलग-अलग कतार में लगने के बाद करीब तीन घंटे में फुर्सत मिली। कूरेभार के फारूक बुखार का इलाज कराने आए थे। उन्होंने बताया कि हर जगह लाइन में लगते-लगते पैर में दर्द होने लगा।
जल्द दूर होंगी समस्याएं
प्राचार्य डॉ. प्रियांक वर्मा ने बताया कि मौसम बदलने और छुट्टी के बाद ओपीडी खुलने से भीड़ बढ़ी है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अन्य समस्याओं का भी जल्द समाधान कराया जाएगा।