{"_id":"67083eb8029f2319bc0ab8f6","slug":"two-cow-sheds-are-being-illuminated-with-electricity-made-from-biogas-sultanpur-news-c-103-1-slko1044-120588-2024-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: बायोगैस से बनी बिजली से रोशन हो रहीं दो गोशालाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: बायोगैस से बनी बिजली से रोशन हो रहीं दो गोशालाएं
Fri, 11 Oct 2024 02:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 11 Oct 2024 02:23 AM IST
विज्ञापन
हलियापुर में लगा प्लांट।
सुल्तानपुर। बायोगैस से बनी बिजली से जिले की दो गोशालाएं रोशन हो रही हैं। कार्यदायी संस्था ने संचालन के बाद प्लांट को ग्राम पंचायतों को हस्तगत कर दिया है। रोज करीब 4.5 किलोवाट बिजली बनाई जा रही है। जिले के बल्दीराय में हलियापुर व भदैंया के सौंराई में बड़ी गोशालाएं हैं। मौजूदा समय में हलियापुर में करीब सात सौ और सौंराई में करीब 450 गोवंश रखे गए हैं।
गोवंशों से निकलने वाले गोबर से दोनों गोशालाओं को रोशन करने के लिए बड़ा बायोगैस प्लांट लगाया गया है। पंचायतराज विभाग ने प्रत्येक के लिए करीब 22 लाख रुपया आवंटित किया था। विभाग के मुताबिक रोज बायोगैस से बिजली बनाने के लिए करीब 1100 किलो गोबर का प्रयोग किया जा रहा है। गोशाला में 4.5 किलोवाट बिजली तैयार हो रही है। इससे चारा मशीन व मोटर पंप का संचालन किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतें कर रहीं संचालन
जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि दोनों जगहों पर अब ग्राम पंचायताें की देखरेख में बायोगैस से बिजली बनाने के कार्य का संचालन किया जा रहा है। बायोगैस से बिजली बनाने से ग्राम पंचायत की हजारों रुपये की बचत हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोवंशों से निकलने वाले गोबर से दोनों गोशालाओं को रोशन करने के लिए बड़ा बायोगैस प्लांट लगाया गया है। पंचायतराज विभाग ने प्रत्येक के लिए करीब 22 लाख रुपया आवंटित किया था। विभाग के मुताबिक रोज बायोगैस से बिजली बनाने के लिए करीब 1100 किलो गोबर का प्रयोग किया जा रहा है। गोशाला में 4.5 किलोवाट बिजली तैयार हो रही है। इससे चारा मशीन व मोटर पंप का संचालन किया जा रहा है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतें कर रहीं संचालन
जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि दोनों जगहों पर अब ग्राम पंचायताें की देखरेख में बायोगैस से बिजली बनाने के कार्य का संचालन किया जा रहा है। बायोगैस से बिजली बनाने से ग्राम पंचायत की हजारों रुपये की बचत हो रही है।
विज्ञापन